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800 स्कूलों का नहीं बदला खाता और बांट रहे ड्रेस
संतकबीरनगर/ पुनीत कुमार मिश्र
Updated Tue, 09 Aug 2016 11:31 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। आधी अधूरी तैयारी के साथ परिषदीय स्कूलों में ड्रेस वितरण की शुरूआत बुधवार से शुरू हो रही है। विद्यालय प्रबंध समिति का नए सिरे से गठन जुलाई माह में तो कर दिया गया पर खाते में अभी तक नए अध्यक्ष का नाम नहीं जुड़ सका।
इससे खाते से पैसा निकालना प्रधानाध्यापक के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। प्रधानाध्यापक पेशोपेश में है कि अगर धन नहीं आया तो इतने कम समय में वे ड्रेस कैसे वितरित करेंगे। इसके साथ ही उन्हें विभागीय कार्रवाई का डर भी सता रहा है।
बता दें कि परिषदीय स्कूूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार द्वारा नि:शुल्क दो सेट ड्रेस दिया जाता है। ड्रेेस की खरीदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंध समिति के द्वारा संयुक्त रूप संचालित खाते से किया जाता है।
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जून माह में विद्यालय प्रबंध समिति का कार्यकाल समाप्त हो गया था जिसके चलते जुलाई माह में नए सिरे से 1600 विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया गया। लगभग आठ सौ स्कूलों में नए अध्यक्ष चुने गए। नए अध्यक्ष का नाम विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में अभी तक नहीं जोड़ा गया।
इसी बीच विभाग ने ड्रेस वितरण का फरमान जारी कर दिया। ऐसे में प्रधानाध्यापक परेशान है कि जब खाते में नए अध्यक्ष का नाम नहीं जुड़ा है तो ड्रेस के मद में आने वाला पैसा कैसे निकाला जाएगा और ड्रेस की खरीदारी कैसे होगी।
इसको लेकर संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक परेशान है। उन्हें विभाग द्वारा मिले कार्रवाई की चेतावनी का डर भी सता रहा है। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि विभाग को अगर ड्रेस का वितरण करने से पहले खाते को दुरुस्त करा लेना चाहिए था।
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इससे खाते से पैसा निकालना प्रधानाध्यापक के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। प्रधानाध्यापक पेशोपेश में है कि अगर धन नहीं आया तो इतने कम समय में वे ड्रेस कैसे वितरित करेंगे। इसके साथ ही उन्हें विभागीय कार्रवाई का डर भी सता रहा है।
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बता दें कि परिषदीय स्कूूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार द्वारा नि:शुल्क दो सेट ड्रेस दिया जाता है। ड्रेेस की खरीदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंध समिति के द्वारा संयुक्त रूप संचालित खाते से किया जाता है।
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जून माह में विद्यालय प्रबंध समिति का कार्यकाल समाप्त हो गया था जिसके चलते जुलाई माह में नए सिरे से 1600 विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया गया। लगभग आठ सौ स्कूलों में नए अध्यक्ष चुने गए। नए अध्यक्ष का नाम विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में अभी तक नहीं जोड़ा गया।
इसी बीच विभाग ने ड्रेस वितरण का फरमान जारी कर दिया। ऐसे में प्रधानाध्यापक परेशान है कि जब खाते में नए अध्यक्ष का नाम नहीं जुड़ा है तो ड्रेस के मद में आने वाला पैसा कैसे निकाला जाएगा और ड्रेस की खरीदारी कैसे होगी।
इसको लेकर संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक परेशान है। उन्हें विभाग द्वारा मिले कार्रवाई की चेतावनी का डर भी सता रहा है। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि विभाग को अगर ड्रेस का वितरण करने से पहले खाते को दुरुस्त करा लेना चाहिए था।