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Sant Kabir Nagar News: छात्रवृत्ति के 6276 आवेदन लंबित, 101 प्रधानाचार्यों से मांगा जवाब
Thu, 01 Jan 2026 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:43 PM IST
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संतकबीरनगर। पूर्वदशम (कक्षा 9-10) छात्रवृत्ति तथा दशमोत्तर (कक्षा 11-12) छात्रवृत्ति योजना के तहत जिले के 101 विद्यालयों ने लापरवाही बरती है। इन विद्यालयों ने 6276 आवेदन लंबित कर दिया। जबकि 30 दिसंबर तक इन आवेदनों को अग्रसारित किया जाना था। शासन की नाराजगी के बाद लापरवाही बरतने वाले 101 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से डीआईओएस ने स्पष्टीकरण मांगा है। एक सप्ताह में जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की बात कही है।
जिले में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग पूर्वदशम (कक्षा 9-10) छात्रवृत्ति तथा दशमोत्तर (कक्षा 11-12) छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। इन आवेदनों को 30 दिसंबर तक अग्रसारित किया जाना था। लेकिन 101 विद्यालयों ने 6376 छात्रों का आवेदन अग्रसारित नहीं किया। जिससे इन छात्रों की छात्रवृत्ति पर संकट आ गया है।
इसमें विद्यालयों और संस्थाओं को मास्टर डाटाबेस में सम्मिलित होने, ऑनलाइन आवेदन से लेकर छात्रवृत्ति वितरण तक की समस्त प्रक्रिया के लिए समय-सारिणी जारी की गई थी। समय सारिणी के अनुसार ऑनलाइन सबमिट आवेदनों को शिक्षण संस्थान स्तर से छह नवंबर तक अग्रसारित किया जाना था। तिथि बीतने के बावजूद शिक्षण संस्थान स्तर पर पूर्वदशम (9-10) के 3425 एवं दशमोत्तर (कक्षा 11-12) के 2851 छात्रों के आवेदन लंबित रह गए।
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इनमें पिछड़ा वर्ग से संबंधित पूर्वदशम (कक्षा 9-10) के 675 एवं दशमोत्तर (कक्षा 11-12) 576 छात्रों के आवेदन पत्र विद्यालय स्तर पर लंबित है। इस पर शासन ने नाराजगी जताई है। डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने प्रधानाचार्य को इस लापरवाही पर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। यह स्पष्टीकरण जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पास भेजा जाना है। निर्धारित समय में स्पष्टीकरण न देने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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101 विद्यालयों ने छात्रवृत्ति से संबंधित 6276 आवेदनों को लंबित कर दिया है। उसे अग्रसारित नहीं किया है। इससे इन छात्रों की छात्रवृत्ति फंस सकती है। संबंधित प्रधानाचार्यों से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। -हरिशचंद नाथ, डीआईओएस
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जिले में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग पूर्वदशम (कक्षा 9-10) छात्रवृत्ति तथा दशमोत्तर (कक्षा 11-12) छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। इन आवेदनों को 30 दिसंबर तक अग्रसारित किया जाना था। लेकिन 101 विद्यालयों ने 6376 छात्रों का आवेदन अग्रसारित नहीं किया। जिससे इन छात्रों की छात्रवृत्ति पर संकट आ गया है।
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इसमें विद्यालयों और संस्थाओं को मास्टर डाटाबेस में सम्मिलित होने, ऑनलाइन आवेदन से लेकर छात्रवृत्ति वितरण तक की समस्त प्रक्रिया के लिए समय-सारिणी जारी की गई थी। समय सारिणी के अनुसार ऑनलाइन सबमिट आवेदनों को शिक्षण संस्थान स्तर से छह नवंबर तक अग्रसारित किया जाना था। तिथि बीतने के बावजूद शिक्षण संस्थान स्तर पर पूर्वदशम (9-10) के 3425 एवं दशमोत्तर (कक्षा 11-12) के 2851 छात्रों के आवेदन लंबित रह गए।
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इनमें पिछड़ा वर्ग से संबंधित पूर्वदशम (कक्षा 9-10) के 675 एवं दशमोत्तर (कक्षा 11-12) 576 छात्रों के आवेदन पत्र विद्यालय स्तर पर लंबित है। इस पर शासन ने नाराजगी जताई है। डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने प्रधानाचार्य को इस लापरवाही पर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। यह स्पष्टीकरण जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पास भेजा जाना है। निर्धारित समय में स्पष्टीकरण न देने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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101 विद्यालयों ने छात्रवृत्ति से संबंधित 6276 आवेदनों को लंबित कर दिया है। उसे अग्रसारित नहीं किया है। इससे इन छात्रों की छात्रवृत्ति फंस सकती है। संबंधित प्रधानाचार्यों से एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। -हरिशचंद नाथ, डीआईओएस