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दो गैंगस्टर को चार-चार साल की सजा
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दो गैंगस्टर को चार-चार साल की सजा
संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट काशिफ़ शेख ने दो गैंगस्टर को चार वर्ष का कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपये दंड लगाया।
विशेष लोक अभियोजक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि महुली क्षेत्र के नाथनगर निवासी राजेश शुक्ल और योगेंद्र बेलदार के विरुद्ध वर्ष 2009 में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की थी। पुलिस को जानकारी मिली कि अभियुक्तगण गैंग बनाकर काम करते थे व आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे। इन लोगों का जनता में इतना भय व्याप्त था कि कोई भी व्यक्ति इनके विरुद्ध न ही थाने में एफआईआर लिखवाना चाहता है और न ही न्यायालय में गवाही देना चाहता। मामले में विवेचना के उपरांत गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में विवेचक ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन की ओर से दस लोगों की गवाही कराई गई व आठ अभिलेखीय साक्ष्य साबित कराए गए। अभियुक्तगण को गैंग चार्ट में उल्लिखित हत्या के मुकदमे में पूर्व में न्यायालय से सजा दी जा चुकी थी। अभियोजन साक्षियों ने घटना का समर्थन किया। न्यायालय ने राजेश शुक्ल व योगेंद्र बेलदार को चार-चार वर्ष का कठोर कारावास और दस- दस हजार रुपये दंड लगाया। अर्थदंड न अदा करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया। ब्यूरो
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संतकबीरनगर। विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट काशिफ़ शेख ने दो गैंगस्टर को चार वर्ष का कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपये दंड लगाया।
विशेष लोक अभियोजक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि महुली क्षेत्र के नाथनगर निवासी राजेश शुक्ल और योगेंद्र बेलदार के विरुद्ध वर्ष 2009 में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की थी। पुलिस को जानकारी मिली कि अभियुक्तगण गैंग बनाकर काम करते थे व आर्थिक लाभ प्राप्त करते थे। इन लोगों का जनता में इतना भय व्याप्त था कि कोई भी व्यक्ति इनके विरुद्ध न ही थाने में एफआईआर लिखवाना चाहता है और न ही न्यायालय में गवाही देना चाहता। मामले में विवेचना के उपरांत गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में विवेचक ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि अभियोजन की ओर से दस लोगों की गवाही कराई गई व आठ अभिलेखीय साक्ष्य साबित कराए गए। अभियुक्तगण को गैंग चार्ट में उल्लिखित हत्या के मुकदमे में पूर्व में न्यायालय से सजा दी जा चुकी थी। अभियोजन साक्षियों ने घटना का समर्थन किया। न्यायालय ने राजेश शुक्ल व योगेंद्र बेलदार को चार-चार वर्ष का कठोर कारावास और दस- दस हजार रुपये दंड लगाया। अर्थदंड न अदा करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया। ब्यूरो