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जताई खुशी
Updated Wed, 28 Nov 2018 12:42 AM IST
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स्कूल बैग का वजन कम होने से अभिभावक खुश
-बैग का वजन कम होने से बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास होगा
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। नए सत्र से नौनिहालों के बस्ते का वजन कम हो जाएगा। मानव विकास संसाधन मंत्रालय ने इसका सर्कुलर जारी कर दिया है। सरकार के इस निर्णय से जहां नौनिहालों के बैग का वजन कर हो जाएगा, वहीं अभिभावकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। लोगों ने कहा कि बच्चों पर ज्यादा वजन होने से उनके शारीरिक विकास में बाधा उत्पन्न होती है।
स्कूल बैग का वजन कम करने की मांग बहुत अर्से से की जा रही थी, अब सरकार ने तय किया है कि सीबीएसई व आईसीएससीई के स्कूलों में कक्षा एक से दो तक के बच्चों के स्कूल बैग का वजन डेढ़ किलोग्राम से अधिक नहीं होगा। इसी प्रकार कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों के बैग का वजन ढाई किलोग्राम, कक्षा पांच से छह तक के बच्चों के बैग का वजन चार किलोग्राम, सात से नौ तक के बच्चों के बैग का वजन साढ़े चार किलोग्राम तथा कक्ष दस के बच्चों के बैग का वजन पांच किलोग्राम से अधिक नहीं होगा। इससे बच्चों पर किताबों का बोझ कम होगा। इस निर्णय को लेकर अभिभावकों ने खुशी जताई है।
अभिभावक बालमुकुंद ने कहा कि सरकार का निर्णय सराहनीय है। अभी बच्चों के वजन से ज्यादा उनके बैग का वजन रहता है। इससे बच्चों को बैग लेकर स्कूल जाने में तमाम तरह की दिक्कतें होती है। अवधेश पांडेय ने कहा कि सीबीएसई व आईसीएससीई के स्कूलों में बच्चों के बैग काफी भारी होते हैं। कभी कभार तो बच्चे बैग का बोझ उठाने में अपने को असहाय पाते हैं। अब सरकार ने बैग का वजन कम करने का आदेश दिया है तो इससे काफी राहत मिलेगी। रामनाथ ने कहा कि बच्चों के स्कूली बैग का वजन कम करने की मांग काफी दिनों से हो रही थी, अब इस दिशा में सरकार ने निर्णय लिया है। इससे बच्चों को राहत मिलेगी। बोझ अधिक होने से बच्चों की हड्डियों का विकास सही से नहीं होता है। डॉ. मंजू मिश्रा ने कहा कि सरकार ने सराहनीय निर्णय लिया है।ज बच्चों के बैग का वजन कम होने से उनके मानसिक व शारीरिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। अब जरूरत है इसे सख्ती से लागू करने की। बच्चों पर बगैर बोझ डाले शिक्षा देने से वह भी मन से स्कूल जाएंगे।
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-बैग का वजन कम होने से बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास होगा
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। नए सत्र से नौनिहालों के बस्ते का वजन कम हो जाएगा। मानव विकास संसाधन मंत्रालय ने इसका सर्कुलर जारी कर दिया है। सरकार के इस निर्णय से जहां नौनिहालों के बैग का वजन कर हो जाएगा, वहीं अभिभावकों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। लोगों ने कहा कि बच्चों पर ज्यादा वजन होने से उनके शारीरिक विकास में बाधा उत्पन्न होती है।
स्कूल बैग का वजन कम करने की मांग बहुत अर्से से की जा रही थी, अब सरकार ने तय किया है कि सीबीएसई व आईसीएससीई के स्कूलों में कक्षा एक से दो तक के बच्चों के स्कूल बैग का वजन डेढ़ किलोग्राम से अधिक नहीं होगा। इसी प्रकार कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों के बैग का वजन ढाई किलोग्राम, कक्षा पांच से छह तक के बच्चों के बैग का वजन चार किलोग्राम, सात से नौ तक के बच्चों के बैग का वजन साढ़े चार किलोग्राम तथा कक्ष दस के बच्चों के बैग का वजन पांच किलोग्राम से अधिक नहीं होगा। इससे बच्चों पर किताबों का बोझ कम होगा। इस निर्णय को लेकर अभिभावकों ने खुशी जताई है।
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अभिभावक बालमुकुंद ने कहा कि सरकार का निर्णय सराहनीय है। अभी बच्चों के वजन से ज्यादा उनके बैग का वजन रहता है। इससे बच्चों को बैग लेकर स्कूल जाने में तमाम तरह की दिक्कतें होती है। अवधेश पांडेय ने कहा कि सीबीएसई व आईसीएससीई के स्कूलों में बच्चों के बैग काफी भारी होते हैं। कभी कभार तो बच्चे बैग का बोझ उठाने में अपने को असहाय पाते हैं। अब सरकार ने बैग का वजन कम करने का आदेश दिया है तो इससे काफी राहत मिलेगी। रामनाथ ने कहा कि बच्चों के स्कूली बैग का वजन कम करने की मांग काफी दिनों से हो रही थी, अब इस दिशा में सरकार ने निर्णय लिया है। इससे बच्चों को राहत मिलेगी। बोझ अधिक होने से बच्चों की हड्डियों का विकास सही से नहीं होता है। डॉ. मंजू मिश्रा ने कहा कि सरकार ने सराहनीय निर्णय लिया है।ज बच्चों के बैग का वजन कम होने से उनके मानसिक व शारीरिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। अब जरूरत है इसे सख्ती से लागू करने की। बच्चों पर बगैर बोझ डाले शिक्षा देने से वह भी मन से स्कूल जाएंगे।
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