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Sant Kabir Nagar News: स्टेडियम में 250 खिलाड़ी बना रहे कॅरियर
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संतकबीरनगर। स्पोर्ट्स स्टेडियम खलीलाबाद में प्रतिदिन 250 के करीब खिलाड़ी कॅरियर बना रहे हैं। वह प्रतिदिन सुबह शाम स्टेडियम में प्रैक्टिस करते हैं। कोच की कमी के बावजूद स्टेडियम प्रशासन उन्हें बेहतर सुविधा देने का प्रयास कर रहा है।
मान्यवर कांशीराम स्पोर्ट्स स्टेडियम खलीलाबाद में वाॅलीबाॅल, हाॅकी, क्रिकेट, बैडमिंटन के कोच नहीं हैं। इन खेल के खिलाड़ी प्रतिदिन स्टेडियम पहुंचते हैं, और प्रैक्टिस करते हैं। इसके साथ ही खिलाड़ी स्टेडियम में दौड़ लगाकर अपने शरीर को स्वस्थ रखते हैं।
क्रिकेट के खिलाड़ी हिमांशु, बैडमिंटन के खिलाड़ी अजय, हाॅकी के बलदेव आदि का कहना है कि स्टेडियम में कोच नहीं है। जिसकी वजह से उन्हें खेल के दांवपेंच को समझने में परेशानी होती है। अन्य खेल के कोच से मदद ली जाती है। वह पूरी मदद करते है और प्रैक्टिस कराते हैं। अगर उन्हें अपने खेल के प्रशिक्षक मिल जाएं तो सबसे बेहतर होगा। बैडमिंटन खिलाड़ी मनीषा, मुस्कान ने बताया कि बैडमिंटन का कोई स्थायी प्रशिक्षक नहीं है, जिसकी वजह से परेशानी उठानी पड़ती है।
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उप क्रीड़ा अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि बैडमिंटन, क्रिकेट, वाॅलीबाॅल, हाॅकी के कोच नहीं है। कोच की डिमांड खेल निदेशालय को भेजी गई है। वैसे स्टेडियम में अन्य खेल के प्रशिक्षक खिलाड़ियों की पूरी मदद करते हैं। सभी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जाता है। स्टेडियम में प्रतिदिन 250 के करीब खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।
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मान्यवर कांशीराम स्पोर्ट्स स्टेडियम खलीलाबाद में वाॅलीबाॅल, हाॅकी, क्रिकेट, बैडमिंटन के कोच नहीं हैं। इन खेल के खिलाड़ी प्रतिदिन स्टेडियम पहुंचते हैं, और प्रैक्टिस करते हैं। इसके साथ ही खिलाड़ी स्टेडियम में दौड़ लगाकर अपने शरीर को स्वस्थ रखते हैं।
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क्रिकेट के खिलाड़ी हिमांशु, बैडमिंटन के खिलाड़ी अजय, हाॅकी के बलदेव आदि का कहना है कि स्टेडियम में कोच नहीं है। जिसकी वजह से उन्हें खेल के दांवपेंच को समझने में परेशानी होती है। अन्य खेल के कोच से मदद ली जाती है। वह पूरी मदद करते है और प्रैक्टिस कराते हैं। अगर उन्हें अपने खेल के प्रशिक्षक मिल जाएं तो सबसे बेहतर होगा। बैडमिंटन खिलाड़ी मनीषा, मुस्कान ने बताया कि बैडमिंटन का कोई स्थायी प्रशिक्षक नहीं है, जिसकी वजह से परेशानी उठानी पड़ती है।
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उप क्रीड़ा अधिकारी दिलीप कुमार ने बताया कि बैडमिंटन, क्रिकेट, वाॅलीबाॅल, हाॅकी के कोच नहीं है। कोच की डिमांड खेल निदेशालय को भेजी गई है। वैसे स्टेडियम में अन्य खेल के प्रशिक्षक खिलाड़ियों की पूरी मदद करते हैं। सभी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जाता है। स्टेडियम में प्रतिदिन 250 के करीब खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।