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Sant Kabir Nagar News: जिले के 24 हिस्ट्रीशीटर लापता, ढूंढना पुलिस के लिए चुनौती
Fri, 21 Apr 2023 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 21 Apr 2023 12:10 AM IST
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संतकबीरनगर। निकाय चुनाव आया तो पुलिस को हिस्ट्रीशीटरों की याद आ गई। पुलिस की ओर से हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन में ही जिले के 24 हिस्ट्रीशीटर लापता पाए गए हैं। अब इन्हें ढूंढना पुलिस के लिए चुनौती है। पुलिस इनका पता लगाने के लिए दर-दर भटक रही है।
अपराध करने में अभ्यस्त बदमाशों की निगरानी के लिए पुलिस हिस्ट्रीशीट खोलती है। ऐसे बदमाश, जो अपराध की दुनिया में काफी आगे बढ़ चुके होते हैं और उनमें सुधार की गुंजाइश नहीं होती है तो पुलिस उनकी हिस्ट्रीशीट बी श्रेणी में खोलती है। जीवित रहने तक उनकी निगरानी की जाती है। अ श्रेणी के हिस्ट्रीशीटर में सुधार की गुंजाइश होती है। विगत दो साल तक यदि वह अपराध में संलिप्त नहीं होते हैं और बिना पुलिस को सूचना दिए कहीं गायब नहीं होते हैं तो थाने की पुलिस एसपी को रिपोर्ट देकर उसकी निगरानी बंद भी करा सकती है। यदि बाद में ऐसे हिस्ट्रीशीटर फिर अपराध में संलिप्त पाए जाते हैं तो दोबारा पुलिस उनकी निगरानी शुरु कराती है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले में 421 हिस्ट्रीशीटरों में से 408 अ श्रेणी के हैं और 13 बी श्रेणी के। निकाय चुनाव के मद्देनजर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी शुरु करा दी है। पुलिस सत्यापन में 317 हिस्ट्रीशीटर अपने घरों पर मौजूद मिले हैं। 51 हिस्ट्रीशीटर दूसरे शहर गए हैं। 24 हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं। जबकि पांच हिस्ट्रीशीटरों की मौत हो चुकी है। चौकाने वाला मामला यह सामने आया है कि 24 हिस्ट्रीशीटर लापता पाए गए हैं। इसमें सबसे अधिक 20 हिस्ट्रीशीटर कोतवाली क्षेत्र के हैं। एक -एक हिस्टीशीटर महुली, मेंहदावल, बेलहर कला और धर्मसिंहवा क्षेत्र के निवासी हैं।
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हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी पुलिस समय- समय पर करती रहती है। अभी हाल में ही सभी थानाध्यक्षों को निर्देश देकर हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कराया गया। पता चला कि 24 हिस्ट्रीशीटर अपने निवास स्थान पर नहीं रह रहे हैं। बीट पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे लापता हिस्ट्रीशीटरों के परिजन और रिश्तेदारों से संपर्क करके उनके बारे में जानकारी जुटाएं। वर्तमान में वे हिस्ट्रीशीटर कहां गए हैं और क्या काम कर रहे हैं, उसकी जानकारी लेनी है। इसमें जो हिस्ट्रीशीटर जीवित नहीं होंगे, उनकी रिपोर्ट भी थानाध्यक्षों से मांगी गई है, जिससे उनका खाका नष्ट कराया जा सके।
- सत्यजीत गुप्ता, एसपी
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अपराध करने में अभ्यस्त बदमाशों की निगरानी के लिए पुलिस हिस्ट्रीशीट खोलती है। ऐसे बदमाश, जो अपराध की दुनिया में काफी आगे बढ़ चुके होते हैं और उनमें सुधार की गुंजाइश नहीं होती है तो पुलिस उनकी हिस्ट्रीशीट बी श्रेणी में खोलती है। जीवित रहने तक उनकी निगरानी की जाती है। अ श्रेणी के हिस्ट्रीशीटर में सुधार की गुंजाइश होती है। विगत दो साल तक यदि वह अपराध में संलिप्त नहीं होते हैं और बिना पुलिस को सूचना दिए कहीं गायब नहीं होते हैं तो थाने की पुलिस एसपी को रिपोर्ट देकर उसकी निगरानी बंद भी करा सकती है। यदि बाद में ऐसे हिस्ट्रीशीटर फिर अपराध में संलिप्त पाए जाते हैं तो दोबारा पुलिस उनकी निगरानी शुरु कराती है।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले में 421 हिस्ट्रीशीटरों में से 408 अ श्रेणी के हैं और 13 बी श्रेणी के। निकाय चुनाव के मद्देनजर पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी शुरु करा दी है। पुलिस सत्यापन में 317 हिस्ट्रीशीटर अपने घरों पर मौजूद मिले हैं। 51 हिस्ट्रीशीटर दूसरे शहर गए हैं। 24 हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं। जबकि पांच हिस्ट्रीशीटरों की मौत हो चुकी है। चौकाने वाला मामला यह सामने आया है कि 24 हिस्ट्रीशीटर लापता पाए गए हैं। इसमें सबसे अधिक 20 हिस्ट्रीशीटर कोतवाली क्षेत्र के हैं। एक -एक हिस्टीशीटर महुली, मेंहदावल, बेलहर कला और धर्मसिंहवा क्षेत्र के निवासी हैं।
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हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी पुलिस समय- समय पर करती रहती है। अभी हाल में ही सभी थानाध्यक्षों को निर्देश देकर हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन कराया गया। पता चला कि 24 हिस्ट्रीशीटर अपने निवास स्थान पर नहीं रह रहे हैं। बीट पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे लापता हिस्ट्रीशीटरों के परिजन और रिश्तेदारों से संपर्क करके उनके बारे में जानकारी जुटाएं। वर्तमान में वे हिस्ट्रीशीटर कहां गए हैं और क्या काम कर रहे हैं, उसकी जानकारी लेनी है। इसमें जो हिस्ट्रीशीटर जीवित नहीं होंगे, उनकी रिपोर्ट भी थानाध्यक्षों से मांगी गई है, जिससे उनका खाका नष्ट कराया जा सके।
- सत्यजीत गुप्ता, एसपी