फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   अब नशबंदी शिविर में दो सर्जन रहेंगे ड्यूटी पर

अब नशबंदी शिविर में दो सर्जन रहेंगे ड्यूटी पर

Thu, 10 Jan 2019 12:28 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jan 2019 12:28 AM IST
विज्ञापन
अब नशबंदी शिविर में दो सर्जन रहेंगे ड्यूटी पर
अब नसबंदी शिविर में दो सर्जनों की रहेगी ड्यूटी
विज्ञापन

मंगलवार को जिला अस्पताल में हुई घटना से स्वास्थ्य विभाग ने लिया सबक
अचानक कोई बाधा आई तो दूसरे चिकित्सक से ली जा सकेगी मदद
फालोअप
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में मंगलवार को महिलाओं की नसबंदी के दौरान सर्जन की ओर से चीरा लगाकर छोड़ देने के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। वरिष्ठ अफसरों ने इस मामले में किरकिरी के बाद अब नसबंदी शिविर में एक अतिरिक्त सर्जन उपलब्ध रहने की व्यवस्था कर रहा है। इससे आपात स्थिति से निबटने मेें मदद मिलेगी।
अब नसबंदी का ऑपरेशन काफी सरल व सुरक्षित हो गया है। फिर भी ऑपरेशन के नाम से लोग डर जाते हैं। जिला अस्पताल में हुई घटना ऐसे डर को और बढ़ा देती है। यह स्वास्थ्य विभाग के लिए भी सबक है। जिस वक्त आशा कार्यकर्ता व परिजन सीएमओ व सीएमएस से अपने घर की महिलाओं की नसबंदी प्रक्रिया पूर्ण कराकर टांका लगवाने की मांग कर रहे थे, उस वक्त जिला अस्पताल में कोई सर्जन मौजूद नहीं था। अगल-बगल के अस्पतालों में भी कोई नहीं था। लिहाजा बस्ती के एडी हेल्थ को सूचना देकर मदद मांगनी पड़ी थी। गनीमत यह रही कि बस्ती जिले में तैनात डॉ. एसआर कन्नौजिया उस वक्त खलीलाबाद में ही मौजूद थे और वरिष्ठ अफसरों के निर्देश पर जिला अस्पताल पहुंचकर नसबंदी की प्रक्रिया पूरी कराई। इससे महिलाओं की जान भी बची और परिजनों का गुस्सा भी कम हुआ। सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह का कहना है कि अगले शिविरों में दो सर्जनों की व्यवस्था रहेगी।
विज्ञापन


बस्ती भेजने की होने लगी थी तैयारी
मौके पर दूसरा सर्जन नहीं होने के चलते एक वक्त तो हालात यह बन गए थे कि स्वास्थ्य प्रशासन सभी पांच महिलाओं को बस्ती जिला अस्पताल भेजने की तैयारी में लग गया था। इसके लिए बात भी शुरू हो गई थी, लेकिन परिजन व आशा कार्यकर्ता इसका विरोध करने लगे। इसके बाद कुछ देर के लिए अफसरों की मुश्किल बढ़ थी। जब तक दूसरे सर्जन डॉ. एसआर कन्नौजिया जिला अस्पताल नहीं पहुंचे, तब तक अफसर परेशान रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


देर रात महिलाओं को भेजा गया घर
जिला अस्पताल में जिन पांच महिलाओं की नसबंदी प्रक्रिया को डॉक्टर ने अधूरा छोड़ दिया था, उनकी सर्जरी के बाद देर रात सभी को घर भेज दिया गया। महिलाओं की हालत में सुधार होने पर उनके घरवालों व साथ आई आशा कार्यकर्ताओं ने राहत महसूस की। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का तनाव कम हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed