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घाघरा के पानी से घिरे 18 गांव

Thu, 21 Jul 2016 11:21 PM IST
Sant Kabir Nagar
Sant Kabir Nagar Updated Thu, 21 Jul 2016 11:21 PM IST
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18 village surrounded by water of Ghagra
पड़रिया गांव में आया बाढ का पानी। - फोटो : अमर उजाला
 घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे नदी और बंधे के बीच बसे गांवों के लोगों की धड़कने लगातार बढ़ रही हैं। क्षेत्र के 18 गांव पानी से घिर गए हैं, जबकि करीब दो सौ एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। गांवों के लोगों के अनुसार यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ा शुक्रवार शाम तक घर छोड़ने पर विवश होना पड़ेगा। दूसरी तरफ कहने के लिए स्थापित बाढ़ चौकियां अभी तक सुनसान पड़ी हुई हैं और प्रशासनिक अमला भी बाढ़ को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। 
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रामपुर के पास से संतकबीरनगर जिले की शुरूआत होती है। यहां से नदी और बांध के बीच गायघाट तक 47 गांव के करीब 20 हजार की आबादी निवास करती है। बाढ़ का पानी पड़रिया गांव के करीब 60 घरों को चारों तरफ से घेर लिया है। इसी तरह खालेपुरवा, आगापुर गुलरिहा, पटऊवा, केवटहिया, कुर्मियान टोला, गुनवतिया, दौलतुपर, चकदहा, सियाराम अधीन सिंह, गायघाट, ढोलबजा, सुअरहा, सरैया, खरैया, खडकपुर, कटहा, खैरगाड़ समेत 18 गांव बाढ़ की जद में आ गए है। ग्रामीण रुदल, तुलसी, सुराती, मूरत, कमलेश, पप्पू, सुमन आदि का कहना है कि नदी बहुत ही तेजी के साथ बढ़ रही है। 
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जिससे दो सौ एकड़ से अधिक फसल डूब चुकी हैं। गांव में पानी घुसने वाला है। गांवों के मुख्य मार्ग पर अभी कम पानी होने से आ जा रहे है, लेकिन यही हाल रहा तो शुक्रवार की शाम तक गांव छोड़ देना पडेगा। दूसरी तरफ गांव वालों का कहना है कि बंधे की हालत भी उतनी ठीक नही है, जितना ठीक होने का दावा सिंचाई विभाग के लोग कर रहे है। बाढ़ चौकियों पर कोई नही आ रहा है और न ही सिंचाई विभाग के लोग भ्रमण करते हुए दिख रहे है।  धनघटा एसडीएम इंद्रभान तिवारी ने बताया कि बाढ़ के पानी से किसी गांव के घिरने की सूचना नही है, लेखपाल को लगाया गया है जरूरत पड़ने पर तुरंत नाव लगाकर पीड़ितों की मदद की जाएगी। 
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ड्रेनेज खंड के एक्सईएन दिनेश कुमार तिवारी ने बताया कि तुर्कवलिया गांव के पास घाघरा का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। अधीक्षण अभियंता ने भी उनके साथ बांध निरीक्षण किया है। बांध को कहीं कोई खतरा नहीं है। जहां तक रहा सवाल गांवों के पानी से घिरने का तो वहां भी कोई खतरा अभी नहीं है। वैसे प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई है। वहीं सीओ वीरेंद्र श्रीवास्तव ओर   एसओ एमपी चतुर्वेदी ने भी बाढ़ क्षेत्रों का बृहस्पतिवार शाम   निरीक्षण किया। 

 बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित ः  नदियों के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के कक्ष संख्या 15 में बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना की है। जिलाधिकारी डॉक्टर सरोज कुमार ने बताया कि जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना हुई है। जिसका नंबर 05547-226505 है। बाढ़ नियंत्रण के प्रभारी नोडल आफिसर के रूप में अपर जिलाधिकारी कमला प्रसाद यादव को नियुक्त किया गया है। बाढ़ राहत के प्रभारी लिपिक बद्री प्रसाद श्रीवास्तव को बनाया गया है। इसके साथ ही ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता दिनेश कुमार त्रिपाठी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी 24 घंटे लगाई गई है। 


घाघरा खतरे के निशान से ऊपर ःकंट्रोल रूम के मुताबिक घाघरा का डेंजर लाइन 92 .730 मीटर है, जबकि गुरुवार शाम चार बजे घाघरा का जलस्तर 93.030 मीटर पर पहुंच गया था। घाघरा खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जबकि राप्ती का डेंजर लाइन 79 .50 मीटर है,शाम चार बजे राप्ती का जलस्तर 77.27 मीटर था।
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