बाढ़ प्रभावित इलाके में बीमारियों का खतरा
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स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाके में लगाई गई सभी 16 टीमों को अलर्ट कर दिया है। बुधवार को सीएमओ ने प्रभावित इलाके का दौरा कर स्वास्थ्य कर्मियों व अन्य लोगों से बीमारियों के बावत जानकारी ली।
घाघरा नदी में आए उफान से नदी के धनघटा क्षेत्र के 16 गांव बाढ़ से घिरे हैं। सियरकला, गुनवतिया, ढोलबजा व भौंवापार के लोग बीते 10 दिनों से बांध पर शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा अन्य गांवों के लोग अभी भी अपने घर में रह रहे हैं। आबादी के चारों तरफ एक पखवारे से पानी जमा होने के चलते बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
बांध पर रह रहे सीताराम, हरखू, रामसमुझ, कैलाश, गोविंद आदि का कहना है कि चारों तरफ पानी से घिरे होने तथा धूप व बारिश में खुले आकाश तले रहने की वजह से कई लोग बुखार, उल्टी-दस्त आदि बीमारियों की चपेट में हैं। खाने का सामान भी बारिश में भीगकर खराब हो चुका है।
सीएमओ डॉ. अभयचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बाढ़ प्रभावित इलाके में कुल 20 टीमें लगाई गई हैं। इनमें से 16 टीमें धनघटा क्षेत्र के प्रभावित इलाके में कार्य कर रही हैं। इन टीमों के पास जरूरी दवाइयां भी मौजूद हैं।
बुधवार को उन्होंने करनजोत समेत बाढ़ प्रभावित कई गांवों का दौरा किया और लोगों से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की जानकारी ली। स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल जरूरी चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है। एसडीएम धनघटा बाबूराम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को आवागमन के लिए नाव का प्रबंध कराया गया है। लेखपाल व कानूनगो लगातार क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे हैं।