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चरम पर पहुंची गुटबाजी, आसान नहीं होगी चुनाव की राह
Sat, 13 Apr 2019 11:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
Santkabirnagar
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Apr 2019 11:31 PM IST
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छह मार्च को हुए जूता कांड के बाद से तेज हो गई है गुटबाजी
- फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। शनिवार को मेंहदावल में भाजपा के विजय संकल्प युवा सम्मेलन में हुआ हंगामा बिल्कुल ही अप्रत्याशित नहीं था। इसकी पृष्ठभूमि तो बीते छह मार्च को कलेक्ट्रेट में हुए जूता कांड में ही न गई थी परंतु पार्टी के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने मामले में सख्त कार्रवाई की बजाय शुरू से ही नरम रूख अपनाया। अब चुनाव पर भी इसका असर साफ दिखने लगा है।
संतकबीरनगर लोकसभा सीट के साथ-साथ पांचों विधानसभा क्षेत्रों मेंहदावल, खलीलाबाद, धनघटा, आलापुर व खजनी पर भी भाजपा का ही कब्जा है लेकिन जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी सामंजस्य नहीं है। बीते छह मार्च को कलेक्ट्रेट सभागार में अफसरों व मीडिया कर्मियों के सामने जो घटना हुई थी उसके बाद लोग सख्त कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए थे। परंतु शीर्ष नेतृत्व ने भी इस मामले में केवल दोनों पक्षों से पूछताछ तक ही अपनी कार्रवाई सीमित रखी। टिकट आवंटन के दौरान भी निर्णय लेने की बजाय पक्ष-विपक्ष की नाराजगी व सहमति का इंतजार होता रहा। इसी का असर है कि अब तक संतकबीरनगर लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार तक तय नहीं कर पाई है जबकि 16 अप्रैल से यहां नामांकन होना है। मेंहदावल के जगत गुरू शंकराचार्य इंटर कॉलेज में आयोजित विजय संकल्प युवा सम्मेलन के बहाने पार्टी नेतृत्व बिना किसी कार्रवाई के ही सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश में था। इस बार भी पार्टी नेतृत्व मामले को भांप नहीं पाए और चुनाव से ठीक पहले एक और घटना हो गई। भाजपा के लगभग सभी पुराने नेता मेंहदावल की घटना को जूता कांड से जोड़कर देख रहे हैं। पार्टी नेताओं की गुटबाजी इस कदर बढ़ गई है कि तमाम कार्यकर्ता चुनाव प्रचार से भी किनारा कसने की बात कहने लगे हैं। हालांकि भाजपा जिलाध्यक्ष सेतवान राय इस बार सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं। जिलाध्यक्ष का कहना है कि हंगामा करने वालों के विषय में क्षेत्रीय कार्यालय के साथ-साथ शीर्ष नेतृत्व को भी अवगत कराया जाएगा और अनुशासन तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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संतकबीरनगर लोकसभा सीट के साथ-साथ पांचों विधानसभा क्षेत्रों मेंहदावल, खलीलाबाद, धनघटा, आलापुर व खजनी पर भी भाजपा का ही कब्जा है लेकिन जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी सामंजस्य नहीं है। बीते छह मार्च को कलेक्ट्रेट सभागार में अफसरों व मीडिया कर्मियों के सामने जो घटना हुई थी उसके बाद लोग सख्त कार्रवाई की उम्मीद लगाए हुए थे। परंतु शीर्ष नेतृत्व ने भी इस मामले में केवल दोनों पक्षों से पूछताछ तक ही अपनी कार्रवाई सीमित रखी। टिकट आवंटन के दौरान भी निर्णय लेने की बजाय पक्ष-विपक्ष की नाराजगी व सहमति का इंतजार होता रहा। इसी का असर है कि अब तक संतकबीरनगर लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार तक तय नहीं कर पाई है जबकि 16 अप्रैल से यहां नामांकन होना है। मेंहदावल के जगत गुरू शंकराचार्य इंटर कॉलेज में आयोजित विजय संकल्प युवा सम्मेलन के बहाने पार्टी नेतृत्व बिना किसी कार्रवाई के ही सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश में था। इस बार भी पार्टी नेतृत्व मामले को भांप नहीं पाए और चुनाव से ठीक पहले एक और घटना हो गई। भाजपा के लगभग सभी पुराने नेता मेंहदावल की घटना को जूता कांड से जोड़कर देख रहे हैं। पार्टी नेताओं की गुटबाजी इस कदर बढ़ गई है कि तमाम कार्यकर्ता चुनाव प्रचार से भी किनारा कसने की बात कहने लगे हैं। हालांकि भाजपा जिलाध्यक्ष सेतवान राय इस बार सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं। जिलाध्यक्ष का कहना है कि हंगामा करने वालों के विषय में क्षेत्रीय कार्यालय के साथ-साथ शीर्ष नेतृत्व को भी अवगत कराया जाएगा और अनुशासन तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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