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रजिस्ट्री आफिस को लेकर अधिवक्ता व दस्तावेज लेखक आमने-सामने
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उप निबंधक कार्यालय के लिए वकील व दस्तावेज लेखक आमने-सामने
फोटो
उप निबंधक कार्यालय गए अधिवक्ताओं से नोकझोंक
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। उप निबंधक कार्यालय तहसील परिसर में खोले जाने की मांग के लिए बुधवार को सब रजिस्ट्रार को ज्ञापन देने गए वकीलों और दस्तावेज लेखकों के बीच नोकझोंक हुई। उप निबंधक की गैर मौजूदगी में कार्यालय में हंगामा होता देख कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे दोनों पक्षों को शांत कराया। बाद में वकीलों ने एक दस्तावेज लेखक के खिलाफ थाने पर तहरीर दी।
धनघटा तहसील परिसर में बने ट्रेजरी भवन में उप निबंधक कार्यालय लाने की मांग के लिए वकील आंदोलित हैं। उनकी मांग पर प्रशासन ने अमल तो किया, लेकिन तहसील परिसर के बजाय पुरानी तहसील में कार्यालय खोले जाने का आदेश आईजी स्टांप ने सब रजिस्ट्रार को दे दिया। इसके अनुपालन में सब रजिस्ट्रार पुरानी तहसील की रंगाई-पुताई का काम शुरू करा दिया।
तहसील बार एसोशिएसन के अध्यक्ष राधेश्याम मौर्य का कहना है कि पुरानी तहसील यहां पर कहीं है ही नहीं तो पुरानी तहसील में उप निबंधक खोले जाने की बात कहां से आ गई। इसी बात को लेकर वकील सब रजिस्ट्रार को ज्ञापन देने गए तो एक दस्तावेज लेखक लाठी-डंडा लेकर वकीलों को मारने के लिए दौड़ पड़ा। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र चौधरी का कहना है कि वकील गलत आरोप लगा रहे हैं। वह लोग रजिस्ट्री कार्यालय पर आकर हंगामा खड़ा कर कामकाज बाधित कर रहे थे। जब उन्हें ऐसा करने से रोका गया तो आरोप लगा रहे हैं। बाद में सब रजिस्ट्रार महमूद खान भी थाने पर पहुंच कर रजिस्ट्री कार्यालय पर शांति बनाए रखने के लिए पुलिस से सहयोग की मांग की। एसओ करुणाकर पांडेय का कहना है कि वकीलों की ओर से दी गई तहरीर की जांच की जा रही है। किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा। शांति बनाए रखने के लिए पुलिस कार्रवाई से हिचकेगी नहीं।
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उप निबंधक कार्यालय गए अधिवक्ताओं से नोकझोंक
अमर उजाला ब्यूरो
हैंसर। उप निबंधक कार्यालय तहसील परिसर में खोले जाने की मांग के लिए बुधवार को सब रजिस्ट्रार को ज्ञापन देने गए वकीलों और दस्तावेज लेखकों के बीच नोकझोंक हुई। उप निबंधक की गैर मौजूदगी में कार्यालय में हंगामा होता देख कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे दोनों पक्षों को शांत कराया। बाद में वकीलों ने एक दस्तावेज लेखक के खिलाफ थाने पर तहरीर दी।
धनघटा तहसील परिसर में बने ट्रेजरी भवन में उप निबंधक कार्यालय लाने की मांग के लिए वकील आंदोलित हैं। उनकी मांग पर प्रशासन ने अमल तो किया, लेकिन तहसील परिसर के बजाय पुरानी तहसील में कार्यालय खोले जाने का आदेश आईजी स्टांप ने सब रजिस्ट्रार को दे दिया। इसके अनुपालन में सब रजिस्ट्रार पुरानी तहसील की रंगाई-पुताई का काम शुरू करा दिया।
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तहसील बार एसोशिएसन के अध्यक्ष राधेश्याम मौर्य का कहना है कि पुरानी तहसील यहां पर कहीं है ही नहीं तो पुरानी तहसील में उप निबंधक खोले जाने की बात कहां से आ गई। इसी बात को लेकर वकील सब रजिस्ट्रार को ज्ञापन देने गए तो एक दस्तावेज लेखक लाठी-डंडा लेकर वकीलों को मारने के लिए दौड़ पड़ा। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र चौधरी का कहना है कि वकील गलत आरोप लगा रहे हैं। वह लोग रजिस्ट्री कार्यालय पर आकर हंगामा खड़ा कर कामकाज बाधित कर रहे थे। जब उन्हें ऐसा करने से रोका गया तो आरोप लगा रहे हैं। बाद में सब रजिस्ट्रार महमूद खान भी थाने पर पहुंच कर रजिस्ट्री कार्यालय पर शांति बनाए रखने के लिए पुलिस से सहयोग की मांग की। एसओ करुणाकर पांडेय का कहना है कि वकीलों की ओर से दी गई तहरीर की जांच की जा रही है। किसी को भी कानून हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा। शांति बनाए रखने के लिए पुलिस कार्रवाई से हिचकेगी नहीं।
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