संभल/ओबरी। जिले में शब-ए-बरात अकीदत और एहतराम के साथ मनाई गई। इस दौरान इशा से लेकर फज्र की नमाज तक मस्जिदों और घरों में इबादत का सिलसिला जारी रहा। अकीदतमंदों ने कब्रिस्तान जाकर अपने बुजुर्गों की कब्रों पर फातेहा पढ़ मगफिरत की दुआ की। इस अवसर पर घरों से लेकर क्रबिस्तान चिराग और मोमबत्ती की रोशनी से जगमग हो उठे।
संभल नगर के मुस्लिम इलाकों के अलावा जिले में शुक्रवार की रात शब-ए-बरात असमोली के ओबरी, शहबाजपुर कलां, मंसूरपुर माफी, मुबारकपुर बंद,अहरौला माफी, मनोटा, दबोई कलां, मदाला फतेहपुर, मातीपुर, बुकनाला, इकरोटिया, सिरपुड़ा, सिरसी, सरायतरीन आदि के साथ सभी जगह कोरोना की वैश्विक बीमारी की पाबंदियों से मिली छूट के बाद परंपरा के तहत बड़ी धूमधाम से मनाई गई। इबादत में मशगूल रहे हजारों अकीदतमंदों के हाथ अल्लाह तआला की बारगाह में गुनाहों की माफी के लिए उठे। सामूहिक रुप से नमाज अदा की गई। इसके बाद लोगों ने अपने बुजुर्गों की कब्रों की तरफ रुख किया। कब्रिस्तानों में जेनरेटर लगाकर प्रकाश की व्यवस्था की गई। जिससे लोगों को परेशानी न हो। अकीदतमंदों का मगरिब की नमाज के बाद कब्रिस्तान पहुंचना शुरु हो गया था। इस दौरान लोगों ने पुरखों की कब्रों पर फातिहा पढकर उनकी मगफिरत के लिए दुआ की। मगरिब की नमाज से शुरु हुआ इबादत का सिलसिला सुबह फज्र की नमाज तक मस्जिदों में जारी रहा। जबकि महिलाओं ने भी घरों में जागकर पूरी रात इबादत में डूबी रहीं। दूसरी ओर, सिरसी में मस्जिदों में विशेष इबादत की गई। उलेमा ने कहा कि इस रात की इबादत का सबाब सैकड़ों रातों की इबादत से ज्यादा है।