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Sambhal News: बंदरों के हमले में घायल महिला की उपचार के दौरान मौत

Tue, 19 May 2026 02:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Tue, 19 May 2026 02:04 AM IST
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Woman injured in monkey attack dies during treatment
संभल। हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के गांव छछैरा में सोमवार को बंदरों के हमले में छत से गिरकर घायल पिंकी सैनी (35) की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतका के पति जगपाल सैनी ने बताया कि पिंकी रविवार की शाम छत पर सूख रहे कपड़े उतारने गई थी। इसी दौरान बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। बंदरों से बचने के लिए पिंकी पीछे हटी तो वह छत से गिर गई। वह घायल हो गई। तत्काल उसे अस्पताल ले गए। जहां से मुरादाबाद रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई। मृतक के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी नंदनी (7), मुनीश (5) और रोहन (2) का रो-रोकर बुरा हाल है। शिक्षक महेश कुमार ने बताया कि गांव में बंदरों का बहुत आतंक है। प्रशासन को इस पर गंभीरता से निजात दिलानी चाहिए। गांव में एक वर्ष के अंदर ही दो लोगों की जान जा चुकी है।
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बंदरों के हमले में इन्होंने गंवाई जान
1 : 25 जनवरी 2026 को असमोली थाना क्षेत्र के सफात नगर गांव में छत पर खेल रहे ढाई साल के बच्चे पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया था। घबराहट में संतुलन बिगड़ने से बच्चा दो मंजिला छत से नीचे गिर गया था और उसकी मौत हो गई।
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2: 5 नवंबर 2025 को असमोली क्षेत्र के गांव नगला लीडर निवासी कुलदीप की बेटी वशु (27) की मौत कारण भी बंदर बने थे। रात के समय बंदरों का झुंड एक कच्ची छत पर कूद गया था, जिससे छत ढह गई और मलबे में दबने से युवती की मौत हो गई थी।
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3: करीब एक वर्ष पहीले गांव छछैरा के पूर्व प्रधान रनवीर सिंह की 45 वर्षीय पत्नी वीरवती की भी बंदरों के हमले से मौत हो गई थी।

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नहीं चलता अभियान, हर दिन बंदरों से जूझते हैं लोग
जिलेभर में हर दिन बंदरों के हमले में लोग घायल हो रहे हैं। सोमवार को भी सात लोग बंदर काटे के जिला अस्पताल में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचे। इसी तरह जिले की सभी 10 सीएचसी में भी दो से तीन मामले पहुंचे हैं। हर दिन शहर और देहात क्षेत्र में लोगों को बंदरों से जूझना पड़ता है। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा। इसके चलते ही लोग परेशान रहते हैं।
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