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देश का बंटवारा हुआ तो हम अपनी मर्जी से यहां रुके, मजबूरी में नहीं : सांसद
Sat, 23 Nov 2024 03:45 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 23 Nov 2024 03:45 AM IST
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संभल। देश का बंटवारा हुआ तो हम अपनी मर्जी से इस देश में रुके, क्योंकि यह देश हमारा है। आजादी की लड़ाई में मुसलमानों ने कुर्बानी दी है। इस देश में हम मजबूरी से नहीं रह रहे हैं। बल्कि यह हमारा देश है। यह कहना है संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क का।
जामा मस्जिद पर नमाज अदा करने के बाद सांसद ने मीडिया से बातचीत की। सांसद ने कहा कि न्यायालय में जो दावा किया गया है वह देश और प्रदेश का माहौल खराब करने की साजिश है। बाहरी लोग माहौल खराब करना चाहते हैं। आगे कहा कि दावा जिस दिन न्यायालय में किया गया। उसी दिन सर्वे भी करा दिया गया। सवालिया लहजे में कहा कि आखिर इतनी जल्दी क्यों की गई। पुलिस-प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि काश मॉब लिंचिंग में भी इतनी ही जल्दबाजी की जाती तो शायद कितने लोगों की जान बच जाती और आगे भी बच सकती है। सांसद ने कहा कि भारतीय उपासना अधिनियम 1991 का पालन देश और प्रदेश में नहीं किया जा रहा है। यह संविधान के नियमों का सीधा उल्लंघन है। कहा कि जामा मस्जिद सदियों पुरानी है। मस्जिद किसी की जमीन पर कब्जा कर नहीं बनाई जा सकती। इसकी इजाजत हमारा इस्लाम नहीं देता है। सांसद ने कहा कि वह इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे और न्याय की लड़ाई भी लड़ेंगे।
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जामा मस्जिद पर नमाज अदा करने के बाद सांसद ने मीडिया से बातचीत की। सांसद ने कहा कि न्यायालय में जो दावा किया गया है वह देश और प्रदेश का माहौल खराब करने की साजिश है। बाहरी लोग माहौल खराब करना चाहते हैं। आगे कहा कि दावा जिस दिन न्यायालय में किया गया। उसी दिन सर्वे भी करा दिया गया। सवालिया लहजे में कहा कि आखिर इतनी जल्दी क्यों की गई। पुलिस-प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि काश मॉब लिंचिंग में भी इतनी ही जल्दबाजी की जाती तो शायद कितने लोगों की जान बच जाती और आगे भी बच सकती है। सांसद ने कहा कि भारतीय उपासना अधिनियम 1991 का पालन देश और प्रदेश में नहीं किया जा रहा है। यह संविधान के नियमों का सीधा उल्लंघन है। कहा कि जामा मस्जिद सदियों पुरानी है। मस्जिद किसी की जमीन पर कब्जा कर नहीं बनाई जा सकती। इसकी इजाजत हमारा इस्लाम नहीं देता है। सांसद ने कहा कि वह इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे और न्याय की लड़ाई भी लड़ेंगे।
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