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चार दिन बाद ओपीडी खुली तो जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़
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संभल। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में खांसी, सर्दी, बुखार के मरीज सबसे ज्यादा पहुंचे। बदलता मौसम शरीर पर असर कर रहा है। इसी के चलते लोग बीमार हो रहे हैं। चुनाव और सार्वजनिक अवकाश के चलते चार दिन ओपीडी नहीं हो सकी। जब अस्पताल खुला तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्ची बनवाने से लेकर दवा काउंटर तक मरीजों की भीड़ लगी नजर आई। पर्चा बनवाने के लिए भी मशक्कत करते दिखाई दिए। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए भी लाइन में मरीज लगे हुए थे।
रविवार के बाद सोमवार को मतदान के चलते ओपीडी बंद रही थी। मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश होने की वजह से जिला अस्पताल की ओपीडी भी बंद रही। बुधवार को ओपीडी खुली तो सुबह से ही मरीजों की कतारें पर्चा काउंटर, ओपीडी और दवा काउंटर पर लगनी शुरू हो गईं थीं। आमतौर पर जिला अस्पताल में सामान्य दिनों में मरीजों की संख्या कम रहती है।
बुधवार को 465 मरीजों की ओपीडी हुई। अस्पताल पहुंचे मरीजों को देखने के लिए चिकित्सक भी अपने-अपने कक्षों में नजर आए। सबसे ज्यादा मरीज खांसी, बुखार और सर्दी के अस्पताल आए। भीड़ फिजीशियन, अल्ट्रासाउंट कक्ष के बाहर रही। हालांकि, भीड़ होने की वजह से कोविड नियमों का पालन नहीं हो सका।
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रविवार के बाद सोमवार को मतदान के चलते ओपीडी बंद रही थी। मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश होने की वजह से जिला अस्पताल की ओपीडी भी बंद रही। बुधवार को ओपीडी खुली तो सुबह से ही मरीजों की कतारें पर्चा काउंटर, ओपीडी और दवा काउंटर पर लगनी शुरू हो गईं थीं। आमतौर पर जिला अस्पताल में सामान्य दिनों में मरीजों की संख्या कम रहती है।
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बुधवार को 465 मरीजों की ओपीडी हुई। अस्पताल पहुंचे मरीजों को देखने के लिए चिकित्सक भी अपने-अपने कक्षों में नजर आए। सबसे ज्यादा मरीज खांसी, बुखार और सर्दी के अस्पताल आए। भीड़ फिजीशियन, अल्ट्रासाउंट कक्ष के बाहर रही। हालांकि, भीड़ होने की वजह से कोविड नियमों का पालन नहीं हो सका।
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