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संभल जिले के आठ नगरों में 2.70 करोड़ की लागत से बनेंगे आठ कूड़ा घर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 12:39 AM IST
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wested disposed in sambhal
संभल। आने वाले समय में नगरीय क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन की कवायद सामने आएगी। इसकी शुरूआत संभल जिले में हो चुकी है। जिले के प्रत्येक स्थानीय निकाय में 33.65 लाख रुपये की लागत से मैटेरियल रिकवरी सेंटर यानी अति आधुनिक कूड़ाघर बनेगा। इसकी डिजाइनिंग करके शासन ने नगर निकायों को अवगत करा दिया। प्रत्येक नगरीय निकाय को इसके निर्माण के लिए बजट भी आवंटित कर दिया गया है। वर्ष 2020 में सभी स्थानीय निकायों में कूड़ा निस्तारण के लिए मैटेरियल रिकवरी सेंटर का निर्माण हो जाएगा।
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जिले में तीन नगर पालिकाएं हैं और पांच नगर पंचायत हैं। नगर पालिकाओं में संभल, चंदौसी, बहजोई हैं जबकि नगर पंचायतों में सिरसी, नरौली, बबराला, गुन्नौर और गवां हैं। इन सभी नगर पंचायतों में अति आधुनिक सुविधाओं से युक्त कूड़ाघर बनना है। कूड़ाघर बनाने की डिजाइन के बारे में जल निगम की कंस्ट्रक्शन एवं डिजाइन डिवीजन के अभियंता कुलदीप गौतम ने बुधवार को संभल के निरीक्षण भवन में जिले के सभी अधिशासी अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया। कुलदीप गौतम ने कहा कि बेशक कूड़ा घर की डिजाइन जल निगम की कंस्ट्रक्शन डिवीजन ने की है लेकिन निर्माण कार्य कराने की जिम्मेदारी नगरीय निकायों की है।
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इसलिए नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारियों और तकनीकी अधिकारियों को प्रशिक्षण दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि 33.65 लाख रुपये की लागत से एक मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर बनाया जाना है। इन सेंटरों में गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग निकाला जाएगा। कूड़ा छांटने के लिए एक टीनशेड बनेगा। एक कमरा कार्यालय कक्ष के रूप में बनेगा। एक डायनिंग रूम रहेगा जहां सभी कर्मचारी बैठकर भोजन आदि कर सकेंगे। शौचालय और पार्किंग का इंतजाम भी रहेगा। एक कूड़ाघर के लिए 630 वर्ग मीटर जगह ली जाएगी जिसमें 270 वर्ग मीटर एरिया कवर्ड होगा।
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कूड़े से निकाला जाएगा काम का सामान, निजी संस्थाओं की मदद लेंगे निकाय
अधिशासी अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि जिले के आठों स्थानीय निकायों में यह कूड़ाघर बनेंगे। इसमें गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग किया जाएगा। इसके बाद गीले और सूखे कूड़े को भी छांटा जाएगा। सूखे कूड़े से पालिथीन, लोहा और अन्य सामग्री को अलग कराया जाएगा। छंटाई ठीक उसी तरह से होगी जैसे किसी कबाड़ी के प्रतिष्ठान में कूड़े से काम का सामान अलग कर लिया जाता है। इस कूड़े की सामग्री में जो रिसाईकिल हो सकता है, उसे बेचा जाएगा। इस कूड़े की छंटाई का काम निजी संस्थाओं को नगर निकाय सौंपींगी।

इन अधिकारियों की रही भागीदारी
प्रशिक्षण में संभल के अधिशसी अधिकारी रामपाल सिंह, बहजोई के अधिशासी अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, सिरसी के अधिशासी अधिकारी पृथ्वीराज यादव ने भाग लिया। इनके अलावा केके अग्रवाल, शिवलाल राम, भूपेंद्र प्रताप सिंह, जंग बहादुर मौर्य, असद जावेद, मोहम्मद स्वाले, अभिमन्यु आदि ने भी भाग लिया।
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