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Sambhal News: जल मिला नहीं, सड़कें भी खोदकर छोड़ीं, आवागमन प्रभावित
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संभल। स्वच्छ पेयजल के लिए जिले में चल रही कवायद के बीच लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। जिस उद्देश्य से परियोजना पर काम चल रहा है, वह पूरा होता दिख नहीं रहा है और खोदकर छोड़ी गईं सड़कें मुसीबत बन रही हैं। इससे लोग परेशान हैं।
संभल जिले के 560 गांवों में इन दिनों जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत हर घर जल पहुंचाने के लिए कार्य चल रह है। इनमें से 21 गांवों में काम पूरा हुआ है और नियमित आपूर्ति हो रही है। बाकी गांवों की हालत खराब है। कहीं ओवरहेड टैंक अधूरा पड़ा है तो कहीं पर सोलर पैनल लगने बाकी हैं। पाइपलाइन बिछाने का भी काम अधूरा है।
कई गांवों में पाइपलाइप डालने के लिए सड़कों को खोदकर ऐसे ही छोड़ दिया गया है। जिस कारण चलना दुश्वार हो रहा है। सड़कों पर कीचड़ है और बड़े-बड़े रोड़े बने हुए हैं। इससे आवागमन प्रभावित है। हैरानी की बात यह है कि यह सब जानते हुए भी अफसर अंजान हैं। जिसका खामियाजा सीधे तौर पर गांव के लोगों और गांवों से गुजरने वाले राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
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पवांसा ब्लॉक के 42 गांवों में नहीं मिल रहा कोई लाभ
गांव पवांसा, चिरौली भगवंतपुर, धुरैटा, बंजरपुरी, सैंजना, करीमपुर, बिजपुरी, साकिन शोभापुर, खालसा, बागड़पुर छाईया, धतरा, ठाठी, मिलक धुरैटा, पैंतिया, काजी बहेटा, नगला खाकम, बबैना, मिलक सैंजना, करीमपुर घेर समेत 42 गांवों में कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
यह बोले लोग
गांव में अभी तक टंकी का निर्माण नहीं हुआ है। पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी कुछ ही रास्तों पर हुआ है। निजी नल से पानी पी रहे हैं। योजना का लाभ कब मिलेगा, इसका कोई पता नहीं है।
जीतपाल यादव, गांव साकिन शोभापुर खालसा।
गांव में पाइपलाइन बिछाने का कोई काम नहीं हुआ। टंकी का निर्माण भी गांव के तालाब में किया जा रहा है। ऐसे में सबमर्सिबल भी उसी में होगा तो ग्रामीण प्रदूषित पानी पिएंगे। कोई फायदा नहीं होता दिख रहा है।
पूरन सिंह, गांव बागड़पुर छाईया।
हर घर नल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई। इसके लिए सड़क खोद दी गईं लेकिन समतल नहीं किया गया। बारिश के बाद खोदी गईं सड़कों में बने गड्ढों में पानी भर जाता है। जिससे हादसे होते हैं।
राजेंद्र सिंह, गांव बेला।
वर्ष 2023 में पानी की टंकी के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की गई तो लगा स्वच्छ पेयजल मिलने लगेगा। जल जनित रोगों से निजात मिल जाएगी। करोड़ों खर्च होने के बाद ग्रामीण आज भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
ब्रह्मपाल सिंह, गांव मतावली पट्टी जग्गू
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गांव की मुख्य सड़क पर चार महीने पहले टंकी के पाइप डाले गए थे। तभी से सड़क उखड़ी पड़ी है। इसमें नालियों का पानी का भर जाने से कीचड़ हो रहा है। निकलना भी दूभर हो रहा है।
ज्ञान सिंह, गांव केसरपुर।
छह माह पहले गांव में पाइप लाइन डाली थी लेकिन सड़क ठीक नही हुई है। टूटी पड़ी है। इससे हादसों का डर है।
इकबाल, गांव खगुपुरा।
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संभल जिले के 560 गांवों में इन दिनों जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत हर घर जल पहुंचाने के लिए कार्य चल रह है। इनमें से 21 गांवों में काम पूरा हुआ है और नियमित आपूर्ति हो रही है। बाकी गांवों की हालत खराब है। कहीं ओवरहेड टैंक अधूरा पड़ा है तो कहीं पर सोलर पैनल लगने बाकी हैं। पाइपलाइन बिछाने का भी काम अधूरा है।
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कई गांवों में पाइपलाइप डालने के लिए सड़कों को खोदकर ऐसे ही छोड़ दिया गया है। जिस कारण चलना दुश्वार हो रहा है। सड़कों पर कीचड़ है और बड़े-बड़े रोड़े बने हुए हैं। इससे आवागमन प्रभावित है। हैरानी की बात यह है कि यह सब जानते हुए भी अफसर अंजान हैं। जिसका खामियाजा सीधे तौर पर गांव के लोगों और गांवों से गुजरने वाले राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
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पवांसा ब्लॉक के 42 गांवों में नहीं मिल रहा कोई लाभ
गांव पवांसा, चिरौली भगवंतपुर, धुरैटा, बंजरपुरी, सैंजना, करीमपुर, बिजपुरी, साकिन शोभापुर, खालसा, बागड़पुर छाईया, धतरा, ठाठी, मिलक धुरैटा, पैंतिया, काजी बहेटा, नगला खाकम, बबैना, मिलक सैंजना, करीमपुर घेर समेत 42 गांवों में कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
यह बोले लोग
गांव में अभी तक टंकी का निर्माण नहीं हुआ है। पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी कुछ ही रास्तों पर हुआ है। निजी नल से पानी पी रहे हैं। योजना का लाभ कब मिलेगा, इसका कोई पता नहीं है।
जीतपाल यादव, गांव साकिन शोभापुर खालसा।
गांव में पाइपलाइन बिछाने का कोई काम नहीं हुआ। टंकी का निर्माण भी गांव के तालाब में किया जा रहा है। ऐसे में सबमर्सिबल भी उसी में होगा तो ग्रामीण प्रदूषित पानी पिएंगे। कोई फायदा नहीं होता दिख रहा है।
पूरन सिंह, गांव बागड़पुर छाईया।
हर घर नल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई। इसके लिए सड़क खोद दी गईं लेकिन समतल नहीं किया गया। बारिश के बाद खोदी गईं सड़कों में बने गड्ढों में पानी भर जाता है। जिससे हादसे होते हैं।
राजेंद्र सिंह, गांव बेला।
वर्ष 2023 में पानी की टंकी के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की गई तो लगा स्वच्छ पेयजल मिलने लगेगा। जल जनित रोगों से निजात मिल जाएगी। करोड़ों खर्च होने के बाद ग्रामीण आज भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
ब्रह्मपाल सिंह, गांव मतावली पट्टी जग्गू
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गांव की मुख्य सड़क पर चार महीने पहले टंकी के पाइप डाले गए थे। तभी से सड़क उखड़ी पड़ी है। इसमें नालियों का पानी का भर जाने से कीचड़ हो रहा है। निकलना भी दूभर हो रहा है।
ज्ञान सिंह, गांव केसरपुर।
छह माह पहले गांव में पाइप लाइन डाली थी लेकिन सड़क ठीक नही हुई है। टूटी पड़ी है। इससे हादसों का डर है।
इकबाल, गांव खगुपुरा।