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संभल: गुन्नौर व पवांसा ब्लॉक की 107 ग्राम पंचायतों में बनेंगे वाटर शेड
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चंदौसी। जनपद के गुन्नौर व पवांसा ब्लॉक में प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के अंतर्गत बारिश के पानी को संरक्षित करने के लिए वाटरशेड बनाए जाएंगे। शुरूआत में दोनों ब्लाक की 107 ग्राम पंचायतों के 9965 हेक्टेअर भूमि को चिह्नित किया गया। संबंधित विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
वाटरशेड विकास घटक, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के अंतर्गत बारिश के पानी को संरक्षित करने की योजना बनाई गई है। संभल जनपद में यह योजना सबसे पहले गुन्नौर व पवांसा ब्लॉक से शुरू की जा रही है। दोनों ब्लॉक की 107 ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर लिया गया है। 20 माइक्रो वाटरशेड इस योजना में सम्मिलित हैं। एक वाटरशेड में 10 माइक्रो वाटरशेड होंगे। बारिश होने पर गांव में पानी गलियों से बह कर जंगल में इधर उधर चला जाता है।
वाटरशेड योजना में बारिश के इस पानी को एक स्थान पर संरक्षित करने की योजना है। यानी गांव में आबादी के आसपास स्थित तालाबों तक बारिश के पानी को पहुंचाया जाएगा और उसे संरक्षित किया जाएगा। इससे दो लाभ होंगे। एक तो भूगर्भ जल का स्तर बढ़ेगा। साथ ही तालाब में पानी भरा रहने से तालाब की भूमि भी संरक्षित होगी।
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इस मामले में डीएम ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों की मीटिंग ली। मीटिंग में जिला भूमि संरक्षण अधिकारी ओंकार सिंह, उप कृषि निदेशक हीरा सिंह जीना, सीवीओ डॉ. मुन्नालाल यादव एलडीएम व अन्य अधिकारी रहे। सीडीओ ने अधिकारियों को समय से कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
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वाटरशेड विकास घटक, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के अंतर्गत बारिश के पानी को संरक्षित करने की योजना बनाई गई है। संभल जनपद में यह योजना सबसे पहले गुन्नौर व पवांसा ब्लॉक से शुरू की जा रही है। दोनों ब्लॉक की 107 ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर लिया गया है। 20 माइक्रो वाटरशेड इस योजना में सम्मिलित हैं। एक वाटरशेड में 10 माइक्रो वाटरशेड होंगे। बारिश होने पर गांव में पानी गलियों से बह कर जंगल में इधर उधर चला जाता है।
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वाटरशेड योजना में बारिश के इस पानी को एक स्थान पर संरक्षित करने की योजना है। यानी गांव में आबादी के आसपास स्थित तालाबों तक बारिश के पानी को पहुंचाया जाएगा और उसे संरक्षित किया जाएगा। इससे दो लाभ होंगे। एक तो भूगर्भ जल का स्तर बढ़ेगा। साथ ही तालाब में पानी भरा रहने से तालाब की भूमि भी संरक्षित होगी।
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इस मामले में डीएम ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों की मीटिंग ली। मीटिंग में जिला भूमि संरक्षण अधिकारी ओंकार सिंह, उप कृषि निदेशक हीरा सिंह जीना, सीवीओ डॉ. मुन्नालाल यादव एलडीएम व अन्य अधिकारी रहे। सीडीओ ने अधिकारियों को समय से कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।