{"_id":"66736f6e4e2c1865fa01a92d","slug":"water-level-in-the-district-is-continuously-decreasing-four-blocks-still-included-in-the-dark-zone-sambhal-news-c-275-1-smbd1030-111543-2024-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: लगातार घट रहा जिले में जलस्तर, चार ब्लॉक अभी भी डार्क जोन में शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: लगातार घट रहा जिले में जलस्तर, चार ब्लॉक अभी भी डार्क जोन में शामिल
Thu, 20 Jun 2024 05:23 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 20 Jun 2024 05:23 AM IST
विज्ञापन
संभल। जिले में साल दर साल जल स्तर नीचे जा रहा है। कई इलाकों में बारिश न होने से जल स्तर में तेजी के साथ गिरावट दर्ज की गई है। एक वर्ष में पांच फीट तक जल स्तर घट रहा है। जिले में आठ ब्लॉक हैं। इसमें चार ब्लॉक डार्क जोन में शामिल हैं। एक ब्लॉक सुरक्षित है वह गंगा के किनारे होने के चलते सुरक्षित माना जाता है।
पिछले पांच वर्ष में लगातार जलस्तर घटा है। असमोली ब्लॉक में 55 से 65 फीट पर जलस्तर है। यही स्थिति पवांसा ब्लॉक में है। डार्क जोन में शामिल ब्लॉक की स्थिति ज्यादा चिंंताजनक है। किसान फसलों की सिंचाई के लिए बोरिंग करा रहे हैं लेकिन उन्होंने 220 या उससे ज्यादा पर बोरिंग कराना शुरू कर दिया है। परंपरागत नलकूप खत्म हो चुके हैं। अब सबमर्सिबल पंप से ही सिंचाई हो रही है।रजपुरा और गुन्नौर में गंगा किनारे के कुछ इलाकों को छोड़कर सभी विकास खंडों के क्षेत्र में इस समय जल स्तर 55-65 फीट तक की गहराई पर है। किसान बताते हैं कि पिछले पांच वर्ष पहले तक जलस्तर 40 से 45 फीट पर था। लगातार जलस्तर कम होता गया और किसानों ने सबमर्सिबल पंप को ही सहारा बना लिया। यदि ऐसे ही जलस्तर गिरता रहा तो किसानों के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी।
यह ब्लॉक हैं डार्क जोन में शामिल
बहजोई, बनियाखेड़, पवांसा और संभल ब्लॉक डार्क जोन में शामिल हैं। इन ब्लॉक क्षेत्र के किसानों के लिए ज्यादा चिंता की बात है। यदि जलस्तर में सुधार नहीं हुआ तो इन ब्लॉक के किसानों के सामने ज्यादा दिक्कत आ जाएगी। यह स्थिति किसानों के सामने ही नहीं घरेलू सबमर्सिबल पंप का बोरिंग कराने में भी बनी हुई है। घरेलू बोरिंग भी 400 फीट तक कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
यह ब्लॉक हैं डार्क जोन से बाहर
गुन्नौर, जुनावई, असमोली और रजपुरा डार्क जोन से बाहर हैं। इसमें रजपुरा ब्लॉक सबसे ज्यादा सही स्थिति में है। इसका मुख्य कारण हैं कि इस ब्लॉक का बड़ा हिस्सा गंगा किनारे हैं जहां 20 से 25 फीट पर जलस्तर है। यहां के किसानों के सामने तो फिलहाल जलसंकट का खतरा नहीं मंडरा रहा है।
अभी जलस्तर 90 फीट तक है। 200 फीट पर बोरिंग पांच वर्ष पहले कराया था। हमारा नलकूप पानी कम दे रहा है। यदि अब बोरिंग कराना पड़े तो 300 फीट पर बोरिंग सही काम करेगा। तब सिंचाई हो सकेगी।
अशोक कुमार, किसान, गांव मढ़न।
जलस्तर लगातार घट रहा है। 60 फीट से ज्यादा जलस्तर पहुंच गया है। सबमर्सिबल पंप का बोरिंग भी 200 फीट पर कुछ हद तक काम कर रहा है। इतना ही किसान बोरिंग करा रहे हैं। बोरिंग कम पानी देता है तो सिंचाई में देरी होती है।
नासिर, किसान, गांव महमूदनगर।
कोट
पिछले पांच वर्ष से लगातार जलस्तर घट रहा है। इस समय में पर्याप्त मात्रा में फसल की सिंचाई के लिए 200 फीट बोरिंग करना पड़ता है। तब जाकर अच्छे से फसलों की सिंचाई हो पाती है। पांच वर्ष पहले तक 100 फीट के बोरिंग का पानी ही काफी रहता था।।
दिनेश यादव, किसान गांव शंकरपुर।
कोट
लगातार गिरते जलस्तर से किसानों की भी चिंता बढ़ रही है। पहले 80 से 100 फीट के बोरिंग से सिंचाई हो जाती थी लेकिन अब 200 फीट पर भी कई जगह सिंचाई नहीं हो पा रही है। नए नलकूप का बोरिंग 300 फीट तक करना पड़ रहा है।
सत्यवीर सिंह यादव, किसान, गांव बंजरपुरी।
विज्ञापन
पिछले पांच वर्ष में लगातार जलस्तर घटा है। असमोली ब्लॉक में 55 से 65 फीट पर जलस्तर है। यही स्थिति पवांसा ब्लॉक में है। डार्क जोन में शामिल ब्लॉक की स्थिति ज्यादा चिंंताजनक है। किसान फसलों की सिंचाई के लिए बोरिंग करा रहे हैं लेकिन उन्होंने 220 या उससे ज्यादा पर बोरिंग कराना शुरू कर दिया है। परंपरागत नलकूप खत्म हो चुके हैं। अब सबमर्सिबल पंप से ही सिंचाई हो रही है।रजपुरा और गुन्नौर में गंगा किनारे के कुछ इलाकों को छोड़कर सभी विकास खंडों के क्षेत्र में इस समय जल स्तर 55-65 फीट तक की गहराई पर है। किसान बताते हैं कि पिछले पांच वर्ष पहले तक जलस्तर 40 से 45 फीट पर था। लगातार जलस्तर कम होता गया और किसानों ने सबमर्सिबल पंप को ही सहारा बना लिया। यदि ऐसे ही जलस्तर गिरता रहा तो किसानों के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी।
विज्ञापन
यह ब्लॉक हैं डार्क जोन में शामिल
बहजोई, बनियाखेड़, पवांसा और संभल ब्लॉक डार्क जोन में शामिल हैं। इन ब्लॉक क्षेत्र के किसानों के लिए ज्यादा चिंता की बात है। यदि जलस्तर में सुधार नहीं हुआ तो इन ब्लॉक के किसानों के सामने ज्यादा दिक्कत आ जाएगी। यह स्थिति किसानों के सामने ही नहीं घरेलू सबमर्सिबल पंप का बोरिंग कराने में भी बनी हुई है। घरेलू बोरिंग भी 400 फीट तक कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन
यह ब्लॉक हैं डार्क जोन से बाहर
गुन्नौर, जुनावई, असमोली और रजपुरा डार्क जोन से बाहर हैं। इसमें रजपुरा ब्लॉक सबसे ज्यादा सही स्थिति में है। इसका मुख्य कारण हैं कि इस ब्लॉक का बड़ा हिस्सा गंगा किनारे हैं जहां 20 से 25 फीट पर जलस्तर है। यहां के किसानों के सामने तो फिलहाल जलसंकट का खतरा नहीं मंडरा रहा है।
अभी जलस्तर 90 फीट तक है। 200 फीट पर बोरिंग पांच वर्ष पहले कराया था। हमारा नलकूप पानी कम दे रहा है। यदि अब बोरिंग कराना पड़े तो 300 फीट पर बोरिंग सही काम करेगा। तब सिंचाई हो सकेगी।
अशोक कुमार, किसान, गांव मढ़न।
जलस्तर लगातार घट रहा है। 60 फीट से ज्यादा जलस्तर पहुंच गया है। सबमर्सिबल पंप का बोरिंग भी 200 फीट पर कुछ हद तक काम कर रहा है। इतना ही किसान बोरिंग करा रहे हैं। बोरिंग कम पानी देता है तो सिंचाई में देरी होती है।
नासिर, किसान, गांव महमूदनगर।
कोट
पिछले पांच वर्ष से लगातार जलस्तर घट रहा है। इस समय में पर्याप्त मात्रा में फसल की सिंचाई के लिए 200 फीट बोरिंग करना पड़ता है। तब जाकर अच्छे से फसलों की सिंचाई हो पाती है। पांच वर्ष पहले तक 100 फीट के बोरिंग का पानी ही काफी रहता था।।
दिनेश यादव, किसान गांव शंकरपुर।
कोट
लगातार गिरते जलस्तर से किसानों की भी चिंता बढ़ रही है। पहले 80 से 100 फीट के बोरिंग से सिंचाई हो जाती थी लेकिन अब 200 फीट पर भी कई जगह सिंचाई नहीं हो पा रही है। नए नलकूप का बोरिंग 300 फीट तक करना पड़ रहा है।
सत्यवीर सिंह यादव, किसान, गांव बंजरपुरी।