{"_id":"6917890ecdf0a0f0ce014c00","slug":"vendors-at-chandausi-railway-station-get-digital-id-cards-sambhal-news-c-204-1-chn1001-124442-2025-11-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: चंदौसी रेलवे स्टेशन पर वेंडरों को मिला डिजिटल आईडी कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: चंदौसी रेलवे स्टेशन पर वेंडरों को मिला डिजिटल आईडी कार्ड
Sat, 15 Nov 2025 01:24 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 15 Nov 2025 01:24 AM IST
विज्ञापन
चंदौसी (संभल)। यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने चंदौसी स्टेशन पर अधिकृत वेंडरों को अब डिजिटल आईडी कार्ड उपलब्ध कराए हैं, जिनमें क्यूआर कोड स्कैनर लगा है। मोबाइल से आईडी कार्ड स्कैन करते ही वेंडर की पहचान और विभागीय सत्यापन संबंधी पूरी जानकारी तत्काल प्राप्त कर सकेंगे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था न केवल यात्रियों के भरोसे को बढ़ाएगी, बल्कि अवैध वेंडरों की गतिविधियों पर भी रोक लगाएगी।
चंदौसी स्टेशन पर लंबे समय से वेंडरों के पास पहचान पत्र न होने के कारण यात्री असहज महसूस करते थे। वेंडर की पहचान करना मुश्किल होने से अवैध वेंडरों के सक्रिय रहने की आशंका भी बनी रहती थी। इस मामले में रेल प्रशासन को भी समय-समय पर शिकायतें भी मिलती रही है, लेकिन अब नई पहल के तहत प्रत्येक अधिकृत वेंडर के गले में डिजिटल आईडी कार्ड अनिवार्य किया गया है।
यात्री जैसे ही वेंडर के आईडी कार्ड का क्यूआर कोड स्कैन करेंगे, उनके मोबाइल पर संबंधित वेंडर का नाम, पहचान संख्या, लाइसेंस वैधता, अधिकृत प्लेटफॉर्म, विभागीय अनुमोदन और शिकायत दर्ज करने का विकल्प दिखाई देगा। सीएमआई वेद प्रकाश ने बताया कि करीब 42 वेंडर को आई कार्ड दिए गए है।
विज्ञापन
बताया कि आईडी कार्ड से यात्रियों को वेंडर से सेवाएं लेते समय भरोसा मिलेगा कि वे केवल अधिकृत वेंडरों से ही संपर्क कर रहे हैं। वहीं, शिकायत निवारण की प्रक्रिया भी पहले की अपेक्षा तेज और सरल होगी।
विज्ञापन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था न केवल यात्रियों के भरोसे को बढ़ाएगी, बल्कि अवैध वेंडरों की गतिविधियों पर भी रोक लगाएगी।
चंदौसी स्टेशन पर लंबे समय से वेंडरों के पास पहचान पत्र न होने के कारण यात्री असहज महसूस करते थे। वेंडर की पहचान करना मुश्किल होने से अवैध वेंडरों के सक्रिय रहने की आशंका भी बनी रहती थी। इस मामले में रेल प्रशासन को भी समय-समय पर शिकायतें भी मिलती रही है, लेकिन अब नई पहल के तहत प्रत्येक अधिकृत वेंडर के गले में डिजिटल आईडी कार्ड अनिवार्य किया गया है।
विज्ञापन
यात्री जैसे ही वेंडर के आईडी कार्ड का क्यूआर कोड स्कैन करेंगे, उनके मोबाइल पर संबंधित वेंडर का नाम, पहचान संख्या, लाइसेंस वैधता, अधिकृत प्लेटफॉर्म, विभागीय अनुमोदन और शिकायत दर्ज करने का विकल्प दिखाई देगा। सीएमआई वेद प्रकाश ने बताया कि करीब 42 वेंडर को आई कार्ड दिए गए है।
विज्ञापन
बताया कि आईडी कार्ड से यात्रियों को वेंडर से सेवाएं लेते समय भरोसा मिलेगा कि वे केवल अधिकृत वेंडरों से ही संपर्क कर रहे हैं। वहीं, शिकायत निवारण की प्रक्रिया भी पहले की अपेक्षा तेज और सरल होगी।