{"_id":"5f46c16a8ebc3e175d11e4f3","slug":"urea-crisis-in-sambhal-chandausi-news-mbd360489717","type":"story","status":"publish","title_hn":"नरौली में दो किसानों के नाम पर दुकानदार कर दिया 2959 बोरे यूरिया अवैध वितरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नरौली में दो किसानों के नाम पर दुकानदार कर दिया 2959 बोरे यूरिया अवैध वितरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बनियाठेर। क्षेत्र के कस्बा नरौली में शनिवार वाली बाजार के नजदीक स्थित ओम एजेंसी नरौली के द्वारा दो किसानों के नाम पर चार माह में 2959 बोरे यूरिया का अवैध वितरण कर दिया। शासन के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी ने दुकान संचालक उमेश शर्मा के विरुद्ध अवैध भंडारण एवं कालाबाजारी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करा दी है तथा जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला शासन स्तर पर पीओएस मशीन के जरिये पकड़ में आया है।
कस्बा नरौली में ओम एजेंसी खाद बेचने का कार्य करती है। किसानों को यूरिया आधार कार्ड और पीओएस मशीन के जरिये वितरित किया जा रहा है। नरौली की यह एजेंसी जिले में अधिक यूरिया क्रय करने वालों की श्रेणी में आती है। इस मामले में कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश एवं अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने 11 अगस्त को उनका सत्यापन करने के निर्देश दिये थे। पोर्टल पर प्राप्त सूची के मुताबिक ओम एजेंसी ने एक अप्रैल 2020 से 31 जुलाई 2020 तक नरौली के ही किसान रामकुमार एवं रामगोपाल को क्रमश: 2188 एवं 771 बैग यूरिया के विक्रय कर दिये।
किसी भी किसान को यूरिया खाद की इतनी अधिक मात्रा में विक्रय करने पर एजेंसी संदेह के घेरे में आ गई। जिला कृषि अधिकारी की प्रारंभिक जांच में यूरिया की कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण का मामला प्रकाश में आया। जिसके बाद जिला कृषि अधिकारी संभल नरेंद्र प्रताप सिंह ने थाना बनियाठेर में लिखित रूप में तहरीर दी। पुलिस ने जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर खाद दुकान संचालक उमेश शर्मा के खिलाफ किसानों का शोषण, यूरिया का अवैध भंडारण, कालाबाजारी करने के तहत उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया है।
विज्ञापन
एक किसान को इतनी अधिक मात्रा में यूरिया की आवश्यकता नहीं होती। पीओएस मशीन से वितरण के चलते पूरा डाटा पोर्टल पर दर्ज है। इस कारण वह आसानी से पकड़ में आ गया। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई तथा जांच की जा रही है। कुछ अन्य दुकानदारों की भी जांच चल रही है।
नरेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
विज्ञापन
कस्बा नरौली में ओम एजेंसी खाद बेचने का कार्य करती है। किसानों को यूरिया आधार कार्ड और पीओएस मशीन के जरिये वितरित किया जा रहा है। नरौली की यह एजेंसी जिले में अधिक यूरिया क्रय करने वालों की श्रेणी में आती है। इस मामले में कृषि निदेशक उत्तर प्रदेश एवं अपर मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने 11 अगस्त को उनका सत्यापन करने के निर्देश दिये थे। पोर्टल पर प्राप्त सूची के मुताबिक ओम एजेंसी ने एक अप्रैल 2020 से 31 जुलाई 2020 तक नरौली के ही किसान रामकुमार एवं रामगोपाल को क्रमश: 2188 एवं 771 बैग यूरिया के विक्रय कर दिये।
विज्ञापन
किसी भी किसान को यूरिया खाद की इतनी अधिक मात्रा में विक्रय करने पर एजेंसी संदेह के घेरे में आ गई। जिला कृषि अधिकारी की प्रारंभिक जांच में यूरिया की कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण का मामला प्रकाश में आया। जिसके बाद जिला कृषि अधिकारी संभल नरेंद्र प्रताप सिंह ने थाना बनियाठेर में लिखित रूप में तहरीर दी। पुलिस ने जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर खाद दुकान संचालक उमेश शर्मा के खिलाफ किसानों का शोषण, यूरिया का अवैध भंडारण, कालाबाजारी करने के तहत उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया है।
विज्ञापन
एक किसान को इतनी अधिक मात्रा में यूरिया की आवश्यकता नहीं होती। पीओएस मशीन से वितरण के चलते पूरा डाटा पोर्टल पर दर्ज है। इस कारण वह आसानी से पकड़ में आ गया। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई तथा जांच की जा रही है। कुछ अन्य दुकानदारों की भी जांच चल रही है।
नरेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।