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गंगा में दो सहपाठी छात्र डूबे, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला बबराला
Updated Mon, 21 Sep 2015 12:10 AM IST
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राजघाट पर रविवार को गंगा में स्नान करते समय कक्षा दस के दो छात्रों की डूबकर मौत हो गई। श्रद्धालुओं, ग्रामीणों व गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद कुछ ही घंटों में दोनों के शवों को खोज लिया गया। दोनों मृतक सहपाठी थे जिनके साथ एक अन्य छात्र भी स्नान कर रहा था जोकि जान बचाने में कामयाब रहा।
छात्र के शोर मचाने के बाद गंगा तट पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं में खलबली मच गई। कोतवाली क्षेत्र के गांव कैल निवासी विजयपाल का पुत्र गौमेश कुमार (16) रविवार की सुबह घर से कोचिंग पढ़ने के लिए कस्बा में आया था। कोचिंग के बाद उसके सहपाठी छात्र शैलेन्द्र यादव (17) व पुष्पेन्द्र कुमार ने गंगा स्नान की इच्छा जताई।
इसके बाद तीनों मित्र बाइक से गंगा स्नान के लिए राजघाट चले गए। चश्मदीदों के मुताबिक तीनों छात्र गंगा के प्रथम बहाव को पार कर बड़ी धारा में स्नान के लिए चले गए। जहां रेत के टीले पर तीनों कुछ देर तक बातचीत करते रहे और फिर गंगा में स्नान करने घुस गए।
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जीवित तीसरे छात्र ने बताया कि शैलेन्द्र व गौमेश दोनों एक दूसरे के हाथ में हाथ देकर गंगा में घुसते चले गए अचानक दोनों ही डूबने लगे। मैं बचाने के प्रयास में आगे बढ़ा तो मेरा पैर गड्ढे में जाने लगा लेकिन कदम पीछे खींचकर शोर मचाना शुरू कर दिया।
गंगा तट पर स्नान कर रहे हजारों की संख्या में श्रद्धालु उस ओर दौड़े लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और दोनों ही छात्र डूब चुके थे। फोन से दोनों के परिजनों को सूचना दी गई। परिजन मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से एक घंटा बाद तकरीबन साढ़े बारह बजे गौमेश का शव निकाल लिया गया।
इसके करीब एक घंटे बाद शैलेन्द्र का शव भी मिल गया। शैलेंद्र कैल में अपने फूफा के पास रहकर पढ़ाई करता था। वह मूल रूप से अलीगढ़ की अकरौली तहसील का रहने वाला था। दोनों के शव मिलते ही गंगा तट पर मातम छा गया। परिजनों दोनों के शवों को अपने घर ले गए। गांव कैल व नूरपुर में शव पहुंचते ही कोहराम मच गया।
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छात्र के शोर मचाने के बाद गंगा तट पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं में खलबली मच गई। कोतवाली क्षेत्र के गांव कैल निवासी विजयपाल का पुत्र गौमेश कुमार (16) रविवार की सुबह घर से कोचिंग पढ़ने के लिए कस्बा में आया था। कोचिंग के बाद उसके सहपाठी छात्र शैलेन्द्र यादव (17) व पुष्पेन्द्र कुमार ने गंगा स्नान की इच्छा जताई।
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इसके बाद तीनों मित्र बाइक से गंगा स्नान के लिए राजघाट चले गए। चश्मदीदों के मुताबिक तीनों छात्र गंगा के प्रथम बहाव को पार कर बड़ी धारा में स्नान के लिए चले गए। जहां रेत के टीले पर तीनों कुछ देर तक बातचीत करते रहे और फिर गंगा में स्नान करने घुस गए।
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जीवित तीसरे छात्र ने बताया कि शैलेन्द्र व गौमेश दोनों एक दूसरे के हाथ में हाथ देकर गंगा में घुसते चले गए अचानक दोनों ही डूबने लगे। मैं बचाने के प्रयास में आगे बढ़ा तो मेरा पैर गड्ढे में जाने लगा लेकिन कदम पीछे खींचकर शोर मचाना शुरू कर दिया।
गंगा तट पर स्नान कर रहे हजारों की संख्या में श्रद्धालु उस ओर दौड़े लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और दोनों ही छात्र डूब चुके थे। फोन से दोनों के परिजनों को सूचना दी गई। परिजन मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से एक घंटा बाद तकरीबन साढ़े बारह बजे गौमेश का शव निकाल लिया गया।
इसके करीब एक घंटे बाद शैलेन्द्र का शव भी मिल गया। शैलेंद्र कैल में अपने फूफा के पास रहकर पढ़ाई करता था। वह मूल रूप से अलीगढ़ की अकरौली तहसील का रहने वाला था। दोनों के शव मिलते ही गंगा तट पर मातम छा गया। परिजनों दोनों के शवों को अपने घर ले गए। गांव कैल व नूरपुर में शव पहुंचते ही कोहराम मच गया।