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नेग-दहेेज के खिलाफ तुर्कों ने भरी हुंकार
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Wed, 03 May 2017 01:01 AM IST
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जिले के हाजीपुर गांव में मंगलवार को तुर्क बिरादरी की पंचायत हुई। इसमें कई गांवों के लोग जुटे। पंचायत में नेग और दहेज से परहेज करने की सलाह दी गई। जो लोग परहेज नहीं करेंगे, उनके खिलाफ पंचायत में फैसले करने का निर्णय लिया गया।
पंचायत का आयोजन एक परिवार पर नेग दहेज के लिए अनावश्यक दबाव बनाए जाने की शिकायत मिलने के बाद किया गया था। पंचों ने इस पर मंगलवार को सुबह दोनों पक्षों को हाजीपुर में बुलाया था।
दोनों पक्षों से बातचीत के बीच से जाहिर हुआ कि सिर्फ नवासे को देखने के लिए बात हुई थी। नेग-दहेज का कोई दबाव नहीं था। इसके बाद पंचायत ने आपसी समझदारी के साथ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया।
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पंचायत के बाद तुर्क बिरादरी के चेयरमैन शाहिद ने बताया कि शादी-ब्याह के दौरान फिजूलखर्ची होती थी। इसे रोकने के लिए पंचायत के फार्मूले को सक्रिय किया गया। पहले बड़ी-बड़ी पंचायतें हुईं। अब गांव स्तर पर छोटी पंचायतें हो रहीं हैं। इनमें तुर्क बिरादरी को नसीहतें दीं गईं। बुराइयों से बचने की सलाह दी गई, दहेज से परहेज के लिए भी कहा गया।
बारातों को दिन में समय पर ले जाने का हुक्म सुनाया गया। गोमांस और गो-हत्या पर पंचायत द्वारा प्रतिबंध लगाया गया। इन फैसलों के बारे में पंचायतें अब अपने स्तर से समीक्षा कर रहीं हैं। हाजीपुर में मंगलवार को जहां पुराने फैसलों की समीक्षा की गई, वहीं बिरादरी के लोगों से मिलने वाली शिकायतों का समाधान भी कराया जा रहा है।
चैयरमैन शाहिद ने बताया कि हाजीपुर से एक शिकायत आई थी कि एक परिवार पर नवासे के देखने के साथ कुछ सामान लाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस मसले की जब हकीकत की जांच के लिए पंचायत हुई तो जैसा बताया गया था वैसे कुछ नहीं निकला।
कुछ गलतफहमी हो गई थी। उन्होंने बताया कि पंचायत की अध्यक्षता पूर्व विधायक शरीयत उल्ला ने की। इस मौके पर असरार अहमद बाबू जी, लियाकत चेयरमैन, आरिफ प्रधान, डा. जावेद, फरमान, अशफाक, खालिद, बाबू, एहसान आदि ने भाग लिया।
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पंचायत का आयोजन एक परिवार पर नेग दहेज के लिए अनावश्यक दबाव बनाए जाने की शिकायत मिलने के बाद किया गया था। पंचों ने इस पर मंगलवार को सुबह दोनों पक्षों को हाजीपुर में बुलाया था।
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दोनों पक्षों से बातचीत के बीच से जाहिर हुआ कि सिर्फ नवासे को देखने के लिए बात हुई थी। नेग-दहेज का कोई दबाव नहीं था। इसके बाद पंचायत ने आपसी समझदारी के साथ सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया।
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पंचायत के बाद तुर्क बिरादरी के चेयरमैन शाहिद ने बताया कि शादी-ब्याह के दौरान फिजूलखर्ची होती थी। इसे रोकने के लिए पंचायत के फार्मूले को सक्रिय किया गया। पहले बड़ी-बड़ी पंचायतें हुईं। अब गांव स्तर पर छोटी पंचायतें हो रहीं हैं। इनमें तुर्क बिरादरी को नसीहतें दीं गईं। बुराइयों से बचने की सलाह दी गई, दहेज से परहेज के लिए भी कहा गया।
बारातों को दिन में समय पर ले जाने का हुक्म सुनाया गया। गोमांस और गो-हत्या पर पंचायत द्वारा प्रतिबंध लगाया गया। इन फैसलों के बारे में पंचायतें अब अपने स्तर से समीक्षा कर रहीं हैं। हाजीपुर में मंगलवार को जहां पुराने फैसलों की समीक्षा की गई, वहीं बिरादरी के लोगों से मिलने वाली शिकायतों का समाधान भी कराया जा रहा है।
चैयरमैन शाहिद ने बताया कि हाजीपुर से एक शिकायत आई थी कि एक परिवार पर नवासे के देखने के साथ कुछ सामान लाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस मसले की जब हकीकत की जांच के लिए पंचायत हुई तो जैसा बताया गया था वैसे कुछ नहीं निकला।
कुछ गलतफहमी हो गई थी। उन्होंने बताया कि पंचायत की अध्यक्षता पूर्व विधायक शरीयत उल्ला ने की। इस मौके पर असरार अहमद बाबू जी, लियाकत चेयरमैन, आरिफ प्रधान, डा. जावेद, फरमान, अशफाक, खालिद, बाबू, एहसान आदि ने भाग लिया।