{"_id":"581f8dae4f1c1b8553b378fc","slug":"to-sadkon-pr-utrenge-muslmaan","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिलान्यास हुआ तो सड़कों पर उतरेंगे मुसलमान : डा. बर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिलान्यास हुआ तो सड़कों पर उतरेंगे मुसलमान : डा. बर्क
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Mon, 07 Nov 2016 01:38 AM IST
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रविवार को शाम फोन पर बातचीत में उन्होंने कहा कि सोमवार को श्री कल्कि धाम का शिलान्यास किया गया तो मुसलमान सड़कों पर उतरेंगे। विरोध में एक नहीं अनेक कार्यक्रम होंगे।
उन्होंने कहा कि इस बात से प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। हमें प्रशासन और शासन के अधिकारियों ने शिलान्यास न होने देने का आश्वासन दिया है, उस पर भरोसा है। इस संबंध में रविवार को भी शासन के बड़े अधिकारियों और डीएम तथा एसपी से फोन पर बातचीत हुई है। अधिकारियों ने कहा है कि बगैर अनुमित के प्रशासन निर्माण शुरू नहीं होने देगा। हम उम्मीद करते हैं कि ऐसा ही हो। उनका कहना था कि मौका चुनाव का है। ऐसे में आचार्य प्रमोद कृष्णम बगैर अनुमति के निर्माण करके बीजेपी को लाभ देना चाहते हैं। इस संबंध में पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव तथा सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को भी अवगत कराया है। पार्टी नेतृत्व कुछ न कुछ उचित निर्णय लेगा।
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खुद को आशिके रसूल बताकर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि विरोध करने वाले गंगा जमुनी तहजीब को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। जहां तक कल्कि धाम का सवाल है यह तो पंद्रह वर्ष पहले ही बन चुका है। इसमें पूजन और शिलान्यास कोई नई परंपरा नहीं है। प्रतिवर्ष महोत्सव, यज्ञ, अनुष्ठान और तमाम धार्मिक आयोजन होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने संविधान में अपने घर में पूजा पाठ और धार्मिक आयोजन की आजादी है। अगर वह अपनी जमीन पर अपने धाम का निर्माण करते हैं अपने धाम को विस्तार देते हैं तो इसे कैसे रोका जा सकता है। अगर प्रशासन नफरत फैलाने वालों की धमकी से डर कर पांबदी लगा रहा है तो ये बेहद अफसोस की बात है। कल्किधाम में हमेशा नियम कानून का पालन होता रहा है और आगे भी होगा। लेकिन हम अपने संवैधानिक अधिकार के लिए हाईकोर्ट तक जाएंगे। अपनी जमीन पर भगवान के धाम का निर्माण कर रहे हैं यह गैरकानूनी काम नहीं है। हम प्रशासन के नोटिस का सम्मान करते हैं। लेकिन हक की लड़ाई बरकरार रखेंगे।
श्रीकल्किधाम में इन प्रमुख हस्तियों के कार्यक्रम हैं प्रस्तावित
- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव 11 बजे आएंगे। दोपहर 1.10 बजे वापस दिल्ली जाएंगे।
- रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह सुबह 11 बजे आएंगे। दोपहर को वापस जाएंगे।
- सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव सुबह 10.45 बजे आंएगे और दोपहर 2.00 बजे वापस जाएंगे।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सुबह 10.30 बजे और दोपहर 1.00 बजे वापस जाएंगे।
(उद्योगपति नवीन जिंदल, हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि, केसी त्यागी, आरिफ मोहम्मद खान, बरेली से अतहर रजा खां, जगदगुरु शंकराचार्य दिव्यानंद तीर्थ, जगदगुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती, जगद्गुरु शंकराचार्य रामाननंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य, जगद्गुरु शंकराचार्य महंत रविंद्र पुरी, मौलाना जाहिद रजा, आल इंडिया हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन हसन अहमद, शिया धर्मगुरु कल्बे रुशैद रिजवी के कार्यक्रम प्रस्तावित)
पाबंदी पर होगा मंथन, मौलाना करेंगे तकरीरें
प्रशासन की पाबंदी के चलते अबकी बार कल्कि महोत्सव का माहौल बदला बदला नजर आएगा। पाबंदी के पत्र को आचार्य प्रमोद कृष्णम कल्कि भक्तों, जनता और मौलानाओं के साथ साथ संत समाज के बीच रखेंगे। इसी पत्र पर विचार विमर्श होगा। महोत्सव में शामिल होने आ रहे मौलाना भी तकरीर करेंगे।
प्रशासन ने कहा नहीं होगा शिलान्यास
कल्कि धाम के शिलान्यास की कोई अनुमति नहीं है। बिना अनुमति शिलान्यास नहीं किया जा सकता। इसलिए शिलान्यास कार्यक्रम पर पाबंदी लगाई गई है।
- भूपेंद्र एस. चौधरी, जिलाधिकारी।
किसी भी कीमत पर कल्कि धाम का शिलान्यास नहीं होने दिया जाएगा। डीएम की ओर से एक नोटिस श्री कल्कि पीठाधीश्वर के पास भेजा जा रहा है। शिलान्यास रोकने के लिए एहतियाती सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
- बालेंदु भूषण सिंह, एसपी।
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उन्होंने कहा कि इस बात से प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। हमें प्रशासन और शासन के अधिकारियों ने शिलान्यास न होने देने का आश्वासन दिया है, उस पर भरोसा है। इस संबंध में रविवार को भी शासन के बड़े अधिकारियों और डीएम तथा एसपी से फोन पर बातचीत हुई है। अधिकारियों ने कहा है कि बगैर अनुमित के प्रशासन निर्माण शुरू नहीं होने देगा। हम उम्मीद करते हैं कि ऐसा ही हो। उनका कहना था कि मौका चुनाव का है। ऐसे में आचार्य प्रमोद कृष्णम बगैर अनुमति के निर्माण करके बीजेपी को लाभ देना चाहते हैं। इस संबंध में पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव तथा सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव को भी अवगत कराया है। पार्टी नेतृत्व कुछ न कुछ उचित निर्णय लेगा।
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मुझ जैसे सेकुलर का विरोध करेंगे तो किसका साथ देंगे मुसलमान : प्रमोद कृष्णम
संभल (ब्यूरो)। श्री कल्कि पीठ के शिलान्यास पर प्रशासन की पाबंदी आचार्य प्रमोद कृष्णम को अखर गई। आहत होकर उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने वालों से डर कर प्रशासन ने पाबंदी लगाई है। यह बड़े अफसोस की बात है। प्रशासन की पाबंदी को हाईकोर्ट में चेलेंज करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि मुझ जैसे सेकुलर का भी मुसलमान विरोध करेंगे तो किसका साथ देंगे।
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खुद को आशिके रसूल बताकर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि विरोध करने वाले गंगा जमुनी तहजीब को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। जहां तक कल्कि धाम का सवाल है यह तो पंद्रह वर्ष पहले ही बन चुका है। इसमें पूजन और शिलान्यास कोई नई परंपरा नहीं है। प्रतिवर्ष महोत्सव, यज्ञ, अनुष्ठान और तमाम धार्मिक आयोजन होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने संविधान में अपने घर में पूजा पाठ और धार्मिक आयोजन की आजादी है। अगर वह अपनी जमीन पर अपने धाम का निर्माण करते हैं अपने धाम को विस्तार देते हैं तो इसे कैसे रोका जा सकता है। अगर प्रशासन नफरत फैलाने वालों की धमकी से डर कर पांबदी लगा रहा है तो ये बेहद अफसोस की बात है। कल्किधाम में हमेशा नियम कानून का पालन होता रहा है और आगे भी होगा। लेकिन हम अपने संवैधानिक अधिकार के लिए हाईकोर्ट तक जाएंगे। अपनी जमीन पर भगवान के धाम का निर्माण कर रहे हैं यह गैरकानूनी काम नहीं है। हम प्रशासन के नोटिस का सम्मान करते हैं। लेकिन हक की लड़ाई बरकरार रखेंगे।
उलमा और संत समाज के सामने रखूंगा नोटिस, वो लेंगे निर्णय
मुझे देर रात्रि प्रशासन का पाबंदी संबंधी पत्र मिल गया है। इस पत्र को मैं सोमवार को कल्कि भक्तों, उलमाओं और संत समाज के समक्ष रखूंगा। क्योंकि कल्कि धाम का सवाल मेरा निजी नहीं है। विचार मंथन में ही आगे की बात तय होगी। कल्कि भक्तों और तमाम जनता से मेरा यही आग्रह है कि हर हाल में शांति व्यवस्था बनाए रखें। विरोध करने वाले फिरकापरस्त हैं जो हिंदू मुस्लिम एकता और गंगा जमुनी तहजीब को खत्म करना चाहती हैं। रसूले पाक से मोहब्बत करने वाला मेरा विरोध नहीं कर सकता। मुझे हैरानी है इस बात पर कि कोई ईमान वाला मेरी मुखालफत कैसे कर सकता है। मैं उन लोगों से भी हैरान हूं जो अपने सियासी लाभ के लिए मेरा विरोध कर रहे हैं। मैं केंद्र और राज्य सरकार से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता हूं। जो लोग विरोध कर रहे हैं वे इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। जबकि इस्लाम में किसी का दिल दुखाने की इजाजत नहीं देता है। - आचार्य प्रमोद कृष्णम।श्रीकल्किधाम में इन प्रमुख हस्तियों के कार्यक्रम हैं प्रस्तावित
- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव 11 बजे आएंगे। दोपहर 1.10 बजे वापस दिल्ली जाएंगे।
- रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह सुबह 11 बजे आएंगे। दोपहर को वापस जाएंगे।
- सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव सुबह 10.45 बजे आंएगे और दोपहर 2.00 बजे वापस जाएंगे।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सुबह 10.30 बजे और दोपहर 1.00 बजे वापस जाएंगे।
(उद्योगपति नवीन जिंदल, हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि, केसी त्यागी, आरिफ मोहम्मद खान, बरेली से अतहर रजा खां, जगदगुरु शंकराचार्य दिव्यानंद तीर्थ, जगदगुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती, जगद्गुरु शंकराचार्य रामाननंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य, जगद्गुरु शंकराचार्य महंत रविंद्र पुरी, मौलाना जाहिद रजा, आल इंडिया हज कमेटी के पूर्व चेयरमैन हसन अहमद, शिया धर्मगुरु कल्बे रुशैद रिजवी के कार्यक्रम प्रस्तावित)
विरोध के फीडबैक पर भी नहीं माने शिवपाल
संभल। श्री कल्कि महोत्सव में शिवपाल सिंह यादव पिछले वर्ष भी आए थे लेकिन इस बार की तरह शिलान्यास का कोई कार्यक्रम नहीं था। वह महोत्सव में शामिल हुए थे और चले गए थे। लेकिन इस बार श्री कल्कि धाम के शिलान्यास का कार्यक्रम होने की वजह से मुसलमानों का विरोध सामने आया है और इसे लेकर प्रशासन ने शासन को संभल के घटनाक्रम से अवगत कराया। सूत्रों के मुताबिक शिवपाल सिंह यादव को पूरा फीडबैक दिया गया। लेकिन व्यकिगत संबंधों और अपने वचन का हवाला देकर उन्होंने कहा कि वह कल्कि धाम जाएंगे। बस शिलान्यास समारोह में शामिल नहीं होंगे।शिवपाल ने दिया भरोसा, नहीं करूंगा शिलान्यास
कल्कि धाम के शिलान्यास को लेकर मुखर हुए विरोध में पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क अहम भूमिका में हैं। पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने रविवार को सुबह लखनऊ में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से मुलाकात की और उन्हें संभल के हालात की जानकारी दी। उनसे बताया कि अगर कल्कि धाम का शिलान्यास हुआ तो मुस्लिम आहत होंगे। उन्होंने शिवपाल सिंह यादव से समारोह में शामिल न होने का आग्रह किया। शिवपाल सिंह यादव ने उन्हें भरोसा दिया है कि वह कल्किधाम का शिलान्यास नहीं करेंगे पर महोत्सव में भागीदारी जरूर करेंगे।पाबंदी पर होगा मंथन, मौलाना करेंगे तकरीरें
प्रशासन की पाबंदी के चलते अबकी बार कल्कि महोत्सव का माहौल बदला बदला नजर आएगा। पाबंदी के पत्र को आचार्य प्रमोद कृष्णम कल्कि भक्तों, जनता और मौलानाओं के साथ साथ संत समाज के बीच रखेंगे। इसी पत्र पर विचार विमर्श होगा। महोत्सव में शामिल होने आ रहे मौलाना भी तकरीर करेंगे।
प्रशासन ने कहा नहीं होगा शिलान्यास
कल्कि धाम के शिलान्यास की कोई अनुमति नहीं है। बिना अनुमति शिलान्यास नहीं किया जा सकता। इसलिए शिलान्यास कार्यक्रम पर पाबंदी लगाई गई है।
- भूपेंद्र एस. चौधरी, जिलाधिकारी।
किसी भी कीमत पर कल्कि धाम का शिलान्यास नहीं होने दिया जाएगा। डीएम की ओर से एक नोटिस श्री कल्कि पीठाधीश्वर के पास भेजा जा रहा है। शिलान्यास रोकने के लिए एहतियाती सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
- बालेंदु भूषण सिंह, एसपी।