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Sambhal News: मोहम्मदपुर टांडा में तीन अवैध अस्पताल सील
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संभल के गांव मोहम्मदपुर टांडा में अस्पताल में जानकारी लेते सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार। संवाद
संभल। अवैध अस्पतालों पर संभल शहर में चल रही कार्रवाई के बाद अब सिटी मजिस्ट्रेट ने बुधवार को कोतवाली क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर टांडा में अस्पतालों पर छापा मारा। खामियां मिलने पर अवैध रूप से संचालित तीन अस्पतालों को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी को रिपोर्ट दर्ज करानी है।
सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार गांव मोहम्मदपुर टांडा में एमपीएस पॉली क्लीनिक पहुंचे, जहां कर्मचारी मरीजों का इलाज करते मिले। अस्पताल में मेडिकल स्टोर भी चला मिला।
इसके अभिलेख मांगे गए तो बताया गया कि जिसके नाम से मेडिकल पंजीकृत है वह बाहर रहती हैं। ऐसे में इसे अवैध संचालन माना गया। अस्पताल के अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए गए। इसी बीच एएस हॉस्पिटल के संचालक ने मरीजों को भगा दिया लेकिन उसमें ताला नहीं लगा पाया।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने संचालक से पूछा तो उसके इंटर पास होने की बात सामने आई। हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन में संचालक का नाम सही मिला लेकिन वह अस्पताल संचालित करने की योग्यता नहीं रखता। इस हॉस्पिटल के सामने मकान में ताला लगा था। यह एएस क्लीनिक नाम से संचालित था। इसमें ताला लगा था। लोगों ने बताया कि मकान में बच्चों का अस्पताल संचालित होता है। सिटी मजिस्ट्रेट के कहने पर मौजूद व्यक्ति ने मकान खोला तो भूतल पर अस्पताल और मेडिकल स्टोर पाया गया। एक कमरे में बच्चों की एनआईसीयू भी पाई गई। अस्पताल और मेडिकल के संबंध में कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि तीनों अवैध अस्पतालों को सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ.मनोज चौधरी को रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं।
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सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार गांव मोहम्मदपुर टांडा में एमपीएस पॉली क्लीनिक पहुंचे, जहां कर्मचारी मरीजों का इलाज करते मिले। अस्पताल में मेडिकल स्टोर भी चला मिला।
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इसके अभिलेख मांगे गए तो बताया गया कि जिसके नाम से मेडिकल पंजीकृत है वह बाहर रहती हैं। ऐसे में इसे अवैध संचालन माना गया। अस्पताल के अभिलेख भी प्रस्तुत नहीं किए गए। इसी बीच एएस हॉस्पिटल के संचालक ने मरीजों को भगा दिया लेकिन उसमें ताला नहीं लगा पाया।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने संचालक से पूछा तो उसके इंटर पास होने की बात सामने आई। हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन में संचालक का नाम सही मिला लेकिन वह अस्पताल संचालित करने की योग्यता नहीं रखता। इस हॉस्पिटल के सामने मकान में ताला लगा था। यह एएस क्लीनिक नाम से संचालित था। इसमें ताला लगा था। लोगों ने बताया कि मकान में बच्चों का अस्पताल संचालित होता है। सिटी मजिस्ट्रेट के कहने पर मौजूद व्यक्ति ने मकान खोला तो भूतल पर अस्पताल और मेडिकल स्टोर पाया गया। एक कमरे में बच्चों की एनआईसीयू भी पाई गई। अस्पताल और मेडिकल के संबंध में कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि तीनों अवैध अस्पतालों को सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ.मनोज चौधरी को रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं।