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बड़ा ताजउद्दीन गांव में कैंसर से तीन वर्ष में पांच मौतें

Tue, 12 Dec 2017 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
ब्यूरो/अमर उजाला संभल Updated Tue, 12 Dec 2017 01:52 AM IST
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three died of cancer in sambhal,s village
संभल जिले के गांव बड़ा ताजउउद्दीन गांव में यूं पीला पानी उगलते हैं हैंडपंप। - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला संभल
संभल क्षेत्र के दर्जनभर गांवों के सरकारी और निजी हैंडपंप पीला पानी उगल रहे हैं। बड़ा ताजउद्दीन गांव में प्रदूषित पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। बचाव के लिए या तो पानी उबाल कर पी रहे हैं या फिर सबमर्सिबल की बोरिंग का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन असली समस्या उन गरीबों के लिए है जिन्हें किसी भी स्थिति में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं है।
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वे बीमार पड़ रहे हैं उनके लिए इलाज कराना भी भारी पड़ रहा है। इस गांव में कैंसर से तीन वर्ष के भीतर पांच लोगों की मौत हो चुकी है जबकि पांच वर्ष में चौदह मौतें कैंसर की वजह से हुई हैं। तहसील क्षेत्र के गांव बड़ा ताजउद्दीन गांव में पिछले ज्यादातर हैंडपंप प्रदूषित पानी उगल रहे हैं। गांव में लगभग 600 लोगों की आबादी है। हैंडपंपों से निकलने वाला पीला पानी लोगों में बीमारी फैला रहा है। इसके कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
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कैंसर की चपेट में आए लोगों ने मुरादाबाद, दिल्ली जैसे शहरों में अपना इलाज कराया लेकिन जान नहीं बच सकी। बड़ा ताजउद्दीन गांव में कैंसर से ब्रहम सिंह (62) , सरदार सिंह (60) , रामवती (65) , ओमवती (40) , फूलवती (64) समेत अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। पांच वर्ष के भीतर कैंसर के कहर से चौदह मौतें हो चुकी हैं। इन मौतों से गांव के कुछ लोगों में डर बैठ गया है। जबकि प्रदूषित पानी से बीमार हुए लोग अब भी कई शहरों में उपचार करा रहे हैं।
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हैंडपंपों से प्रदूषित पानी निकलने के कारण कुछ लोगों ने घरों में सबमर्सेबल पंप लगवा लिए हैं लेकिन जो लोग निजी बोरिंग गहराई तक नहीं करा सके हैं, वह प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का मानना है कि पूरब की ओर से लगी हुई फैक्ट्रियों का प्रदूषित पानी जमीन में पहुंच रहा है। इसके कारण हैंडपंप प्रदूषित पानी उगल रहे हैं। कैंसर से लोग डरे हुए हैं।


पानी उबालने पर बर्तन में जम जाती हैं सफेद परत
संभल। ग्रामीणों का कहना है कि जब पानी को उबाला कर ठंडा करते हैं तो उस बर्तन में सफेद परत जम जाती है जिसमें पानी को रखा जाता है। पीला पानी पीने से ही लोग बीमार हो रहे है। पेट संबंधी बीमारियां तो अधिकतर लोगों को हैं। कुछ लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।


स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था कराए सरकार
प्रदूषित पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। कुछ लोगों ने सबमर्सिेबल लगवा रखे हैं उनके यहां स्वच्छ पेयजल आता है, जबकि ज्यादातर लोग प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। गांव में दो वर्ष के भीतर पांच लोगों की कैंसर से मौत भी हो चुकी है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। सरकार स्वच्छ पेयजल का इंतजाम कराए।

सत्तार अहमद, सेवानिवृत्त शिक्षक।



चार घंटे में में पीला हो जाता है पानी
मेरे गांव में पानी चार घंटे में पीला पड़ जाता है। जबकि चार दिन में कीड़े में पानी पड़ जाते हैं। इस तरह के पानी की वजह से बीमारियां फैल रही हैं। कैंसर तो बड़ी बीमारी है पर यहां पर बुखार और जुखाम के साथ पेट संबंधी बीमारियां फैल रही हैं। गांव में पांच वर्ष के भीतर चौदह लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी है। लेकिन अभी तक स्वच्छ पेयजल का इंतजाम नहीं हो सका। ऐसा लगता है कि सरकार स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के बारे में ध्यान नहीं दे रही है।  राजवीर सिंह, किसान एवं समाजसेवी।
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