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युवा बने स्वास्थ्य विभाग के मददगार तब किशोरों के टीकाकरण में आई रफ्तार
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किशोरों के लिए कोरोना से बचाव के टीकाकरण के शुरुआती चरण के दौरान काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा। किशोरों में पनपा डर इस टीकाकरण को तेजी से चलने नहीं दे रहा था। कुछ युवाओं ने जागरूकता दिखाई तो टीकाकरण का प्रतिशत तेजी से आगे बढ़ा। यह युवा अपने अपने क्षेत्र में मिसाल बने और खुद टीकाकरण कराने के साथ ही किशोर व युवाओं को टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया। इसका असर यह रहा कि जिले में 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग ने पहला टीका तय लक्ष्य से भी ज्यादा लगवाया है। तय लक्ष्य 94210 था लेकिन टीकाकरण 96589 को लगा। जो 102 प्रतिशत से ज्यादा है। 15 से 18 आयु वर्ग के लिए 155985 लक्ष्य तय किया गया था। इस आयु वर्ग के 172524 ने टीका लगवाया। जो की 110 प्रतिशत से ज्यादा है। दूसरा टीका भी इस आयु वर्ग के 99 प्रतिशत से ज्यादा को लग चुका है।
टीका लगने से पहले डर था, लेकिन बाद में जब पहला टीका लग गया तो डर निकल गया। तय समय पर दूसरा टीका लगवाया। अपनी आयु के साथियों के साथ अनुभव भी साझा किया। टीकाकरण हमारी सुरक्षा के लिए है। इसके लिए परिवार ने प्रेरित किया था।
भूमिका सिंघल, संभल
जब लोग टीकाकरण कराने से डर रहे थे तब हमने टीकाकरण कराया था। उसका असर शरीर पर अच्छा था। इस जानकारी को अन्य युवाओं तक पहुंचाया और बचाव के लिए बेहतर बताया। जिसके बाद हमारे साथियों ने भी टीकाकरण कराया। इसके बाद हम लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने लगे थे।
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नुरूल हक अंसारी, संभल
शुरुआत में लोगों को डर था लेकिन बाद में हमने मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग के साथ घूमकर टीका लगवाया। किशोर व युवाओं के साथ महिलाओं और बुजुर्गों को भी फायदे बताए और टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया था। इसका नतीजा हमारे मोहल्ले में दिखाई देता है। ज्यादातर लोगों के दोनों टीके लगे हैं।
मोहम्मद फैजान, युवा, संभल
कोरोना ने काफी लोगों की जान ली। इसका दर्द सभी को है। जब कोरोना से बचाव का टीका आया तो लोग डर के कारण नहीं लगवा रहे थे। हमारे साथियों ने लोगों को जागरूक किया और टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद लोगों में जागरूकता आई। हमने नुक्कड़ सभाएं भी की थीं। पहले दिन हमने 250 लोगों को टीका लगवाया था।
राजकुमार शर्मा, युवा, संभल
हम गली मोहल्ले में घूमकर लोगों से टीका लगवाने के लिए आग्रह कर रहे थे। खुद के लगवाए टीके का भी अनुभव बताते थे। इसका असर हुआ और लोग टीका लगवाने के लिए आए। 12 से 14 वर्ष के बच्चों को भी जागरूक कर टीका लगवाया है।
अभिषेक शर्मा, युवा, संभल
युवाओं की मदद से टीकाकरण में तेजी आई थी। इसका असर काफी दिखाई दिया था। पहले लोगों में डर था लेकिन युवाओं ने हमारी मदद की तो लोग टीकाकरण कराने के लिए आए। इसका नतीजा यह रहा कि तय लक्ष्य से भी ज्यादा टीकाकरण किया जा सका।
डा. नीरज शर्मा, सीएचसी, संभल
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टीका लगने से पहले डर था, लेकिन बाद में जब पहला टीका लग गया तो डर निकल गया। तय समय पर दूसरा टीका लगवाया। अपनी आयु के साथियों के साथ अनुभव भी साझा किया। टीकाकरण हमारी सुरक्षा के लिए है। इसके लिए परिवार ने प्रेरित किया था।
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भूमिका सिंघल, संभल
जब लोग टीकाकरण कराने से डर रहे थे तब हमने टीकाकरण कराया था। उसका असर शरीर पर अच्छा था। इस जानकारी को अन्य युवाओं तक पहुंचाया और बचाव के लिए बेहतर बताया। जिसके बाद हमारे साथियों ने भी टीकाकरण कराया। इसके बाद हम लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने लगे थे।
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नुरूल हक अंसारी, संभल
शुरुआत में लोगों को डर था लेकिन बाद में हमने मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग के साथ घूमकर टीका लगवाया। किशोर व युवाओं के साथ महिलाओं और बुजुर्गों को भी फायदे बताए और टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया था। इसका नतीजा हमारे मोहल्ले में दिखाई देता है। ज्यादातर लोगों के दोनों टीके लगे हैं।
मोहम्मद फैजान, युवा, संभल
कोरोना ने काफी लोगों की जान ली। इसका दर्द सभी को है। जब कोरोना से बचाव का टीका आया तो लोग डर के कारण नहीं लगवा रहे थे। हमारे साथियों ने लोगों को जागरूक किया और टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद लोगों में जागरूकता आई। हमने नुक्कड़ सभाएं भी की थीं। पहले दिन हमने 250 लोगों को टीका लगवाया था।
राजकुमार शर्मा, युवा, संभल
हम गली मोहल्ले में घूमकर लोगों से टीका लगवाने के लिए आग्रह कर रहे थे। खुद के लगवाए टीके का भी अनुभव बताते थे। इसका असर हुआ और लोग टीका लगवाने के लिए आए। 12 से 14 वर्ष के बच्चों को भी जागरूक कर टीका लगवाया है।
अभिषेक शर्मा, युवा, संभल
युवाओं की मदद से टीकाकरण में तेजी आई थी। इसका असर काफी दिखाई दिया था। पहले लोगों में डर था लेकिन युवाओं ने हमारी मदद की तो लोग टीकाकरण कराने के लिए आए। इसका नतीजा यह रहा कि तय लक्ष्य से भी ज्यादा टीकाकरण किया जा सका।
डा. नीरज शर्मा, सीएचसी, संभल