गांव गुमथल में सड़क किनारे के चार प्लाट की नींव व एक मकान की दीवार को लेखपाल ने पुलिस की मौजूदगी में ध्वस्त करा दिया। पीड़ितों का आरोप है कि गांव के ही व्यक्ति से इसको लेकर कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। आरोपी ने लेखपाल व पुलिस के साथ मिलकर बिना किसी नोटिस के जबरन कार्रवाई की है।
गांव गुमथल निवासी रामकिशोर के परिजन, निर्मल कश्यप, प्रेमवती, तन्नु, रामौतार ने बताया कि उन्होंने करीब 27 साल पहले मेरठ के एक व्यक्ति से गांव में सड़क किनारे भूमि खरीद थी। इसके पीछे की भूमि को उसने गांव के ही एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया था। हमने तभी अपने प्लाट की बाउंड्री करा ली थी तथा रामकिशोर ने अपना मकान बना लिया था। आरोप है कि गांव के ही व्यक्ति ने पूरी भूमि पर ही अपना दावा कर दिया था। ग्रामीण के साथ इन सभी पांचों का कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। आरोप है कि रविवार की शाम लेखपाल पुलिस बल के साथ आया और जेसीबी से रामकिशोर के मकान की आगे दीवार की दीवार, निर्मल कश्यप, प्रेमवती, तन्नु, रामौतार के प्लाट की चारदीवारी को ढहा दिया। आरोप है कि विरोध करने पर पुलिस ने कार्रवाई की धमकी है। आरोपी रामकिशोर के मकान को ढहा रहे थे। बच्चे जेसीबी के आगे लेट, जब उसे बीच में छोड़ गए हैं। सभी पांचों का आरोप है कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है और सुनवाई की तारीख 20 सितंबर लगी हुई है। इससे पहले उन्हें न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही कोई सूचना दी गई। इसके बावजूद आरोपी ने प्रशासनिक टीम के साथ उनके मकान को अवैध रूप से ढहवा दिया। उन्होंने इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों व कोर्ट में करने की बात कही है।