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दो दिवसीय श्री कल्कि महोत्सव का धूमधाम से हुआ समापन
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संभल के कल्कि मंदिर में कार्यक्रम के दौरान भजन की प्रस्तुति देते कलाकार। व स्टेज पर सजी झांकियां?
- फोटो : SAMBHAL
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संभल। दो दिवसीय श्री कल्कि जयंती महोत्सव और भव्य गारूड़ी रथयात्रा के दूसरे दिन भक्त भारी संख्या में कोटपूर्वी स्थित श्री कल्कि विष्णु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने महोत्सव के दूसरे दिन भी भजन कीर्तन कर भगवान श्री कल्कि के शीघ्र प्रकट होने की कामना की। सुंदर-सुंदर झांकियों ने नृत्य कर सभी भक्तों का मन मोह लिया।
शनिवार को श्री कल्कि सेना निष्कलंक दल द्वारा आयोजित श्री कल्कि जयंती महोत्सव के दूसरे दिन श्री कल्कि विष्णु मंदिर में सुंदर व भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
श्री कल्कि मंत्र जाप के साथ भक्तों ने भगवान श्री कल्कि के दिव्य व भव्य दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त किया। इस दौरान कल्कि महायज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में यजमानों ने आहुतियां देकर भगवान श्री कल्कि के शीघ्र प्रकट होने की कामना की।
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साथ ही कोरोना महामारी को समाप्त करने की प्रार्थना की। यज्ञ का महत्व बताते हुए पंडित नरेंद्र प्रसाद शर्मा ने कहा कि यज्ञ एक धार्मिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया है। यज्ञ वातावरण को शुद्ध करने के अलावा कलयुग में जन्में प्रत्येक मनुष्य के जीवन को सफल बनाता है। कहा कि अग्नि को सनातन धर्म के अनुसार पवित्र माना गया है और जहां यज्ञ होता है, वहां संपूर्ण वातावरण पवित्र, शुद्ध व देवमय में हो जाता है।
संध्या कार्यक्रम में भजनों व सत्संग सुधा की भक्तिमय धारा का गुणगान किया गया। इसमें स्थानीय कल्कि सैनिकों, भक्तों के साथ बाहरी गायकों ने भगवान श्री कल्कि के भजनों को गाया। इससे वातावरण कल्किमय हो गया। कल्कि भक्त राजवीर सिंह ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। जिसे सुनकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। इसके बाद भगवान श्री कल्कि व अन्य भगवानों का सुंदर, आकर्षक व धार्मिक मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं। जिसके दर्शन पाकर कल्कि भक्त भावविभोर हो गए। कल्कि सेना के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय संरक्षक अमरनाथ दीक्षित ने कहा कि कल्कि पुराण के अनुसार भगवान विष्णु के दसवें तथा अंतिम अवतार के रूप में भगवान श्री कल्कि का अवतार होगा।
कल्कि भगवान जन्म से ही 64 कलाओं से युक्त होंगे और उनके जन्म के समय सभी ग्रह उच्च अवस्था व मूल त्रिकोण में होंगे। कहा कि कलयुग में अगर मनुष्य को अपना उद्धार करना है तो भगवान श्री कल्कि के महामंत्र का गुणगान करना होगा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि दो दिवसीय श्री कल्कि महोत्सव कार्यक्रम पूर्ण आस्था व आध्यात्मिकता के साथ सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए मनाया गया है और भगवान श्री कल्कि से कोरोना महामारी को समाप्त करने की प्रार्थना की गई है। कार्यक्रम के अंत में श्री कल्कि सैनिकों को अतिथियों ने पुरस्कार वितरण किए। महापुकार व महाआरती के बाद कल्कि महोत्सव का समापन किया गया। अध्यक्षता विनय नारायण तिवारी व संचालन गगन वार्ष्णेय ने किया। इस दौरान आचार्य पंडित शोभित शास्त्री, ऋषभ श्रीवास्तव, कृष्ण प्रसाद मिश्र, शशांक शर्मा, वैभव शर्मा, अक्षय शर्मा, अजय गुप्ता सर्राफ, श्याम सक्सेना, सचिन रस्तोगी, प्रिंस शर्मा, हिमांशु कश्यप, विकास वर्मा, रानू गुप्ता, उज्ज्वल सक्सेना, आकाश चौहान, हेमंत, संजू, हरिओम, पंडित महेंद्र प्रसाद शर्मा, सौरव, सोनू, मनोज, मोहित, जतिन आदि मौजूद रहे।
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शनिवार को श्री कल्कि सेना निष्कलंक दल द्वारा आयोजित श्री कल्कि जयंती महोत्सव के दूसरे दिन श्री कल्कि विष्णु मंदिर में सुंदर व भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
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श्री कल्कि मंत्र जाप के साथ भक्तों ने भगवान श्री कल्कि के दिव्य व भव्य दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त किया। इस दौरान कल्कि महायज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में यजमानों ने आहुतियां देकर भगवान श्री कल्कि के शीघ्र प्रकट होने की कामना की।
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साथ ही कोरोना महामारी को समाप्त करने की प्रार्थना की। यज्ञ का महत्व बताते हुए पंडित नरेंद्र प्रसाद शर्मा ने कहा कि यज्ञ एक धार्मिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया है। यज्ञ वातावरण को शुद्ध करने के अलावा कलयुग में जन्में प्रत्येक मनुष्य के जीवन को सफल बनाता है। कहा कि अग्नि को सनातन धर्म के अनुसार पवित्र माना गया है और जहां यज्ञ होता है, वहां संपूर्ण वातावरण पवित्र, शुद्ध व देवमय में हो जाता है।
संध्या कार्यक्रम में भजनों व सत्संग सुधा की भक्तिमय धारा का गुणगान किया गया। इसमें स्थानीय कल्कि सैनिकों, भक्तों के साथ बाहरी गायकों ने भगवान श्री कल्कि के भजनों को गाया। इससे वातावरण कल्किमय हो गया। कल्कि भक्त राजवीर सिंह ने सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। जिसे सुनकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। इसके बाद भगवान श्री कल्कि व अन्य भगवानों का सुंदर, आकर्षक व धार्मिक मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं। जिसके दर्शन पाकर कल्कि भक्त भावविभोर हो गए। कल्कि सेना के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय संरक्षक अमरनाथ दीक्षित ने कहा कि कल्कि पुराण के अनुसार भगवान विष्णु के दसवें तथा अंतिम अवतार के रूप में भगवान श्री कल्कि का अवतार होगा।
कल्कि भगवान जन्म से ही 64 कलाओं से युक्त होंगे और उनके जन्म के समय सभी ग्रह उच्च अवस्था व मूल त्रिकोण में होंगे। कहा कि कलयुग में अगर मनुष्य को अपना उद्धार करना है तो भगवान श्री कल्कि के महामंत्र का गुणगान करना होगा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि दो दिवसीय श्री कल्कि महोत्सव कार्यक्रम पूर्ण आस्था व आध्यात्मिकता के साथ सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए मनाया गया है और भगवान श्री कल्कि से कोरोना महामारी को समाप्त करने की प्रार्थना की गई है। कार्यक्रम के अंत में श्री कल्कि सैनिकों को अतिथियों ने पुरस्कार वितरण किए। महापुकार व महाआरती के बाद कल्कि महोत्सव का समापन किया गया। अध्यक्षता विनय नारायण तिवारी व संचालन गगन वार्ष्णेय ने किया। इस दौरान आचार्य पंडित शोभित शास्त्री, ऋषभ श्रीवास्तव, कृष्ण प्रसाद मिश्र, शशांक शर्मा, वैभव शर्मा, अक्षय शर्मा, अजय गुप्ता सर्राफ, श्याम सक्सेना, सचिन रस्तोगी, प्रिंस शर्मा, हिमांशु कश्यप, विकास वर्मा, रानू गुप्ता, उज्ज्वल सक्सेना, आकाश चौहान, हेमंत, संजू, हरिओम, पंडित महेंद्र प्रसाद शर्मा, सौरव, सोनू, मनोज, मोहित, जतिन आदि मौजूद रहे।