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डाक्टरों की लड़ाई में उलझी ग्रामीण की मौत की सच्चाई
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संभल। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई ग्रामीण की मौत की सच्चाई चिकित्सकों के आपसी विवाद में उलझ गई है। वहींए जिस चिकित्सक ने पोस्टमार्टम किया था वह अब पोस्?टमार्टम करने से इनकार कर रहा है। उधरए जिस चिकित्सक की ड्यूटी पोस्टमार्टम हाउस पर लगी थी सीएमओ ने उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। अब सवाल उठता है कि ग्रामीण की मौत किन कारणों से हुई इसकी सच्चाई कैसे सामने आएगी। जिलाधिकारी ने इस मामले में सीएमओ को जांच के आदेश दिया है।
दरअसल गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव अहरौला नवाबाबाद निवासी वृद्ध रामवीर सिंह (60) का शव गुरुवार की सुबह 9 बजे गांव के बाहर खेत पर पड़ा मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। गुन्नौर कोतवाली का सिपाही और परिजन करीब तीन बजे शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे थे। गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस पर संभल सीएचसी के चिकित्सक डाण् मनीष अरोड़ा की ड्यूटी थीए लेकिन जिस समय शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा उस समय जिलाधिकारी की बैठक बहजोई में चल रही थी। जिसमें डाण् मनीष अरोड़ा शामिल होने का दावा कर रहे हैं। वहींए पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात स्वीपर हृदेश का कहना है कि डाण् मनीष अरोड़ा बैठक में थे तो उनके स्थान पर डाण् खिलेंद्र सक्सेना को पोस्टमार्टम के लिए बुलाया था और उन्होंने पोस्टमार्टम किया और रिपोर्ट बाद में तैयार करके देने की बात कही और चले गए।
शुक्त्रस्वार को डाण् खिलेंद्र सक्सेना ने रिपोर्ट तैयार करने से इनकार कर दिया और पोस्टमार्टम भी नहीं करने की बात कही। अब सवाल उठता है कि जब डाण् खिलेंद्र सक्सेना ने पोस्टमार्टम नहीं किया और डाण् मनीष अरोड़ा भी नहीं पहुंचे तो फिर पोस्टमार्टम किसने किया और यदि पोस्टमार्टम हुआ तो रिपोर्ट कौन तैयार करेगा।
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चिकित्सकों के विवाद में ग्रामीण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट फंस गई है। जबकि ग्रामीण के बेटे का कहना है कि उसके पिता के चोट लगी थी। हत्या किए जाने का अंदेशा है। शरीर पर चोट लगने की जानकारी पोस्टमार्टम के दौरान सहयोग करने वाले हृदेश ने भी दी है कि ग्रामीण के सिर और अन्य अंगों पर चोट के निशान मिले हैं।
ड्यूटी मेरी थी और जिस समय शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा तब मैं जिलाधिकारी की बैठक में मौजूद था। पोस्टमार्टम हाउस पर सहयोग करने वाले युवक ह्देश ने डाण् खि लेंद्र सक्सेना को बुलाकर पोस्टमार्टम कराया है। अब वह मना कर रहे हैं। ऐसा क्यों कर रहे हैं जानकारी नहीं। मुझसे तो सीएमओ ने स्पष्टीकरण तलब किया है कि मैं पोस्टमार्टम हाउस पर क्यों नहीं गया। अपना जवाब दे दूंगा।
डा. मनीष अरोड़ा, सीएचसी प्रभारी संभल
जिस डॉक्टर ने पोस्टमार्टम किया है वे ही रिपोर्ट तैयार करेंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ की जांच से स्पष्ट हो सकेगा कि ग्रामीण के शव का पोस्टमार्टम किसने किया है। संजीव रंजन, जिलाधिकारी, संभल
मैंने कोई पोस्टमार्टम नहीं किया। मैं तो पोस्टमार्टम पर ऐसे ही गया था और कुछ ही मिनट में लौट आया था। पोस्टमार्टम हाउस पर डाण् मनीष अरोड़ की ड्यूटी थी वे जाने और सीएमओ जाने। मेरा कोई लेना देना नहीं है।
डा. खिलेंद्र सक्सेना
मेरे पिता का शव खेत पर मिला था। उन्हें चोट लगी थी और मौत की सच्चाई जानने के लिए ही पोस्टमार्टम कराया था। अब रिपोर्ट कब मिलेगी इसकी जानकारी करेंगे।
काली चरण मृतक का बेटा
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दरअसल गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव अहरौला नवाबाबाद निवासी वृद्ध रामवीर सिंह (60) का शव गुरुवार की सुबह 9 बजे गांव के बाहर खेत पर पड़ा मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। गुन्नौर कोतवाली का सिपाही और परिजन करीब तीन बजे शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे थे। गुरुवार को पोस्टमार्टम हाउस पर संभल सीएचसी के चिकित्सक डाण् मनीष अरोड़ा की ड्यूटी थीए लेकिन जिस समय शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा उस समय जिलाधिकारी की बैठक बहजोई में चल रही थी। जिसमें डाण् मनीष अरोड़ा शामिल होने का दावा कर रहे हैं। वहींए पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात स्वीपर हृदेश का कहना है कि डाण् मनीष अरोड़ा बैठक में थे तो उनके स्थान पर डाण् खिलेंद्र सक्सेना को पोस्टमार्टम के लिए बुलाया था और उन्होंने पोस्टमार्टम किया और रिपोर्ट बाद में तैयार करके देने की बात कही और चले गए।
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शुक्त्रस्वार को डाण् खिलेंद्र सक्सेना ने रिपोर्ट तैयार करने से इनकार कर दिया और पोस्टमार्टम भी नहीं करने की बात कही। अब सवाल उठता है कि जब डाण् खिलेंद्र सक्सेना ने पोस्टमार्टम नहीं किया और डाण् मनीष अरोड़ा भी नहीं पहुंचे तो फिर पोस्टमार्टम किसने किया और यदि पोस्टमार्टम हुआ तो रिपोर्ट कौन तैयार करेगा।
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चिकित्सकों के विवाद में ग्रामीण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट फंस गई है। जबकि ग्रामीण के बेटे का कहना है कि उसके पिता के चोट लगी थी। हत्या किए जाने का अंदेशा है। शरीर पर चोट लगने की जानकारी पोस्टमार्टम के दौरान सहयोग करने वाले हृदेश ने भी दी है कि ग्रामीण के सिर और अन्य अंगों पर चोट के निशान मिले हैं।
ड्यूटी मेरी थी और जिस समय शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा तब मैं जिलाधिकारी की बैठक में मौजूद था। पोस्टमार्टम हाउस पर सहयोग करने वाले युवक ह्देश ने डाण् खि लेंद्र सक्सेना को बुलाकर पोस्टमार्टम कराया है। अब वह मना कर रहे हैं। ऐसा क्यों कर रहे हैं जानकारी नहीं। मुझसे तो सीएमओ ने स्पष्टीकरण तलब किया है कि मैं पोस्टमार्टम हाउस पर क्यों नहीं गया। अपना जवाब दे दूंगा।
डा. मनीष अरोड़ा, सीएचसी प्रभारी संभल
जिस डॉक्टर ने पोस्टमार्टम किया है वे ही रिपोर्ट तैयार करेंगे। मुख्य चिकित्साधिकारी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ की जांच से स्पष्ट हो सकेगा कि ग्रामीण के शव का पोस्टमार्टम किसने किया है। संजीव रंजन, जिलाधिकारी, संभल
मैंने कोई पोस्टमार्टम नहीं किया। मैं तो पोस्टमार्टम पर ऐसे ही गया था और कुछ ही मिनट में लौट आया था। पोस्टमार्टम हाउस पर डाण् मनीष अरोड़ की ड्यूटी थी वे जाने और सीएमओ जाने। मेरा कोई लेना देना नहीं है।
डा. खिलेंद्र सक्सेना
मेरे पिता का शव खेत पर मिला था। उन्हें चोट लगी थी और मौत की सच्चाई जानने के लिए ही पोस्टमार्टम कराया था। अब रिपोर्ट कब मिलेगी इसकी जानकारी करेंगे।
काली चरण मृतक का बेटा