{"_id":"68a22da966241b84aa0b98d8","slug":"the-team-arrived-to-investigate-the-dispute-in-nkbmg-pg-college-sambhal-news-c-204-1-chn1003-122265-2025-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: एनकेबीएमजी पीजी कॉलेज में विवाद की जांच को पहुंची टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: एनकेबीएमजी पीजी कॉलेज में विवाद की जांच को पहुंची टीम
विज्ञापन
चंदौसी के एनकेबीएमजी पीजी कॉलेज में जांच के बाद बाहर आते जांच कमेटी के सदस्य। संवाद
चंदौसी। एनकेबीएमजी पीजी कॉलेज का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को शासन से गठित पांच सदस्यीय जांच टीम कॉलेज पहुंची। टीम के सदस्यों ने कॉलेज की अवैतनिक सचिव पालिकाध्यक्ष समेत शिकायतकर्ता शिक्षिकाओं और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से पूछताछ की। वहीं दूसरे पक्ष से प्राचार्या कॉलेज नहीं पहुंचीं। बता दें कि एनकेबीएमजी पीजी कॉलेज की कुछ शिक्षिकाओं और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने शासन से कॉलेज के प्राचार्या डॉ. अलका रानी अग्रवाल के खिलाफ शिकायत की थी। वेतन आदि देरी से दिए जाने आदि शिकायत की थी। शिकायत पर शासन से गठित पांच सदस्यीय टीम रविवार की दोपहर कॉलेज पहुंची। जांच टीम में बरेली के क्षेत्रीय सचिव, पीलीभीत की राजकीय इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य, फरीदपुर, शाहजहांपुर के प्रधानाचार्य आदि शामिल थे। टीम ने दोनों पक्षों को कॉलेज बुलाया। एक पक्ष से प्राचार्या कॉलेज नहीं पहुंचीं।
टीम के सदस्यों ने अवैतनिक सचिव लता वार्ष्णेय समेत शिकायतकर्ता शिक्षिकाओं और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से पूछताछ की और उनके बयान लिए। करीब दो घंटे की जांच के बाद टीम वापस लौट गई। इस दौरान जांच टीम ने मीडिया कर्मियों को कुछ बताने से इन्कार कर दिया।
-- -- --
मैं रविवार को जांच टीम के आने पर कॉलेज इसलिए नहीं गई थी कि जांच पहले हो चुकी है। अवैतनिक सचिव ने दबाव बनाने के लिए अवैध तरीके से जांच टीम गठित कर भेजी गई है।
विज्ञापन
-डॉ. अलका रानी अग्रवाल, प्राचार्या
विज्ञापन
टीम के सदस्यों ने अवैतनिक सचिव लता वार्ष्णेय समेत शिकायतकर्ता शिक्षिकाओं और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से पूछताछ की और उनके बयान लिए। करीब दो घंटे की जांच के बाद टीम वापस लौट गई। इस दौरान जांच टीम ने मीडिया कर्मियों को कुछ बताने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन
मैं रविवार को जांच टीम के आने पर कॉलेज इसलिए नहीं गई थी कि जांच पहले हो चुकी है। अवैतनिक सचिव ने दबाव बनाने के लिए अवैध तरीके से जांच टीम गठित कर भेजी गई है।
विज्ञापन
-डॉ. अलका रानी अग्रवाल, प्राचार्या