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Sambhal News: चार प्रमुख मार्गों पर प्रवेश द्वार बनाएगी संभल पालिका

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 02:15 AM IST
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The Sambhal municipality will construct entrance gates on four major roads.
संभल। ऐतिहासिक शहर संभल की प्राचीन प्राचीन विरासत को संजोने और संभल को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से पालिका प्रमुख चार मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाएगी। इन पर 1.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सभी द्वार की थीम भी पौराणिक तय की गई है। जेई अमन वर्मा का कहना है कि संभलेश्वर, भुवनेश्वर, चंद्रेश्वर और कल्कि की थीम पर यह द्वार बनेंगे। दोबारा प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
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नगर पालिका, संभल ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के अंतर्गत चार द्वार को बनाने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य वर्तमान परिदृश्य और आगामी समय के दृष्टिगत शहर के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को भी उभारना है, जिससे बाहरी पर्यटकों के बीच संभल की एक अलग पहचान बन सके।
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जेई निर्माण अमन वर्मा ने बताया कि योजना के तहत मुरादाबाद रोड, चंदौसी रोड, हसनपुर रोड और बहजोई रोड पर संभलेश्वर, भुवनेश्वर, चंद्रश्वेर और कल्कि तीर्थ के नाम पर प्रवेश द्वारों का निर्माण होगा। प्रत्येक द्वार का डिजाइन उस तीर्थ की विशेषताओं और धार्मिक मान्यता को दर्शाएगी। बताया कि मुख्य द्वारों पर देवी-देवताओं की मूर्तियां, प्रतीक चिन्ह, शिलालेख और पारंपरिक स्थापत्य कला को शामिल किया जाएगा।
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मान्यता के अनुसार, संभल तीन प्रमुख शिव तीर्थ संभलेश्वर महादेव (वंशगोपाल तीर्थ), भुवनेश्वर महादेव और चंदेश्वर महादेव के त्रिकोण में बसा है। इन तीनों स्थानों को शिव के निवास स्थल के रूप में देखा जाता है और यहां देवतीर्थों की परिक्रमा की परंपरा भी प्रचलित है। इसी धार्मिक आधार को ध्यान में रखते हुए चौथे द्वार के रूप में कल्कि नगरी को भी शामिल किया गया है, जो संभल की पहचान से गहराई से जुड़ा है। बताया कि प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार शंभलेश्वर द्वार पर भगवान शिव और नंदी की प्रतिमा प्रमुख आकर्षण होगी। भुवनेश्वर द्वार पर शिव से जुड़े प्रतीक और कलात्मक आकृतियां उकेरी जाएंगी। चंदेश्वर द्वार में चंद्रमा से संबंधित शिल्प और सजावट होगी, जबकि कल्कि नगरी द्वार पर भगवान कल्कि के अश्वारूढ़ स्वरूप की भव्य मूर्ति स्थापित की जाएगी।
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