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Sambhal News: हिंदुओं के पलायन का कारण दंगे के साथ शिक्षा व कारोबार के क्षेत्र में पिछड़ापन भी
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संभल। आजादी के बाद जो दंगे हुए उनमें सबसे ज्यादा नरसंहार 1978 के दंगे में किया गया। ऐसा दावा लगातार हिंदू समाज के लोगों द्वारा किया जाता रहा है। इसके चलते ही संभल शहर में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा के लिए जिला मुख्यालय की मांग भी उठती रही थी। अब न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट के हवाले से भी हिंदू आबादी पलायन का जिक्र किया गया है। शहर की हिंदू आबादी में असुरक्षा की भावना जागृत हो गई। ऐसा दावा भी किया जाता रहा है।
हालांकि हिंदू समाज के जिम्मेदार लोगों का यह भी कहना है कि दंगे पलायन का मुख्य कारण तो थे लेकिन इसके पीछे दूसरे भी कई कारण थे। शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा होना और कारोबार की रफ्तार धीमी होने जैसी बातें भी कही जा रही हैं।
1978 के दंगे में बनवारी लाल की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद उनके परिवार ने पलायन कर दिया था। न्यायिक जांच आयोग के सामने पहली दिसंबर 2024 को तमाम हिंदू लोग पहुंचे और उन्होंने 1978 के दंगे में हिंदू आबादी का नरसंहार करने का दावा किया था। उस दंगे की जांच दोबारा से करने और दोषियों को सजा दिए जाने की मांग उठी थी। शासन की ओर से इस दंगे की रिपोर्ट तलब की गई थी। हालांकि यह रिपोर्ट अभी तक शासन को भेजी नहीं गई है।
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एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि अभी उस दंगे की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सभी दस्तावेज मुरादाबाद जिले में थे। इस कारण रिपोर्ट तैयार होने में समय लगा है। जल्द ही यह रिपोर्ट तैयार कर भेज दी जाएगी।
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हालांकि हिंदू समाज के जिम्मेदार लोगों का यह भी कहना है कि दंगे पलायन का मुख्य कारण तो थे लेकिन इसके पीछे दूसरे भी कई कारण थे। शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा होना और कारोबार की रफ्तार धीमी होने जैसी बातें भी कही जा रही हैं।
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1978 के दंगे में बनवारी लाल की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद उनके परिवार ने पलायन कर दिया था। न्यायिक जांच आयोग के सामने पहली दिसंबर 2024 को तमाम हिंदू लोग पहुंचे और उन्होंने 1978 के दंगे में हिंदू आबादी का नरसंहार करने का दावा किया था। उस दंगे की जांच दोबारा से करने और दोषियों को सजा दिए जाने की मांग उठी थी। शासन की ओर से इस दंगे की रिपोर्ट तलब की गई थी। हालांकि यह रिपोर्ट अभी तक शासन को भेजी नहीं गई है।
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एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का कहना है कि अभी उस दंगे की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सभी दस्तावेज मुरादाबाद जिले में थे। इस कारण रिपोर्ट तैयार होने में समय लगा है। जल्द ही यह रिपोर्ट तैयार कर भेज दी जाएगी।