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Sambhal News: संभल बवाल के 35 आरोपियों की कोर्ट बदलने की अर्जी खारिज
Thu, 20 Feb 2025 01:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 20 Feb 2025 01:12 AM IST
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चंदौसी (संभल)। जिला न्यायालय ने संभल बवाल के 35 आरोपियों की जमानत अर्जी को दूसरे न्यायालय में स्थानांतरित कराने की अर्जी को खारिज कर दिया है। सभी आरोपियों की जमानत अर्जी को लेकर अपर जनपद न्यायाधीश/रेप केसेस एंड पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
संभल कोतवाली में दर्ज एफआईआर 334/24 के आरोपी मो. रिहान, मो. अली, शारिक, अपराध संख्या 333/24 में आरोपी फैजान, हैदर, सलमान, रिहान, अपराध संख्या 337/24 शारिक, फैजान, तनवीर, मो. अजीम, मो. नदीम, सुबहान उर्फ मुन्ना, तहजीब, असद, अजहर, गुलफाम, नईम, मो. आमिर, शुजाउद्दीन उर्फ शज्जू, इसी अपराध संख्या के आरोपी मो. रिहान, अपराध संख्या 336/24 के आरोपी फैजान, अजीम, गुलफाम, नईम, शुजाउद्दीन उर्फ शज्जू, मो. नदीम, अपराध संख्या 334/24 के आरोपी मो. नदीम, फैजान, गुलफाम, नईम, शुजाउद्दीन, अपराध संख्या 336/24 के आरोपी मो. रेहान, मो. अली, शारिक ने जमानत अर्जी की सुनवाई दूसरे कोर्ट में स्थानांतरित करने के लिए अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से जिला न्यायालय में सात प्रार्थना पत्र दिए थे।
आरोपियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने उक्त मामले से संबंधित जमानत प्रार्थना पत्रों के खारिज हो जाने का कथन किया है। इसलिए आरोपी अपने जमानत प्रार्थना पत्रों को सुनवाई वाले न्यायालय से अन्य किसी न्यायालय में स्थानांतरित करवाना चाहते हैं। जिस पर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राहुल दीक्षित ने जिला जज के न्यायालय में तर्क रखते हुए कहा कि इन सात ट्रांसफर एप्लीकेशन में दर्शायी गई अपराध संख्या के सह अभियुक्तों के जमानत की सुनवाई अपर जनपद न्यायाधीश/रेप केसेस एंड पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में हो चुकी है। इस कारण अन्य आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई व निस्तारण भी उसी न्यायालय में होना चाहिए। तथा ट्रांसफर एप्लीकेशन का पुरजोर विरोध किया। जनपद न्यायाधीश कमलेश कच्छल ने जिला शासकीय अधिवक्ता के तर्क के आधार पर सुनवाई करते हुए सभी प्रार्थनापत्रों को निरस्त कर दिया है।
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संभल कोतवाली में दर्ज एफआईआर 334/24 के आरोपी मो. रिहान, मो. अली, शारिक, अपराध संख्या 333/24 में आरोपी फैजान, हैदर, सलमान, रिहान, अपराध संख्या 337/24 शारिक, फैजान, तनवीर, मो. अजीम, मो. नदीम, सुबहान उर्फ मुन्ना, तहजीब, असद, अजहर, गुलफाम, नईम, मो. आमिर, शुजाउद्दीन उर्फ शज्जू, इसी अपराध संख्या के आरोपी मो. रिहान, अपराध संख्या 336/24 के आरोपी फैजान, अजीम, गुलफाम, नईम, शुजाउद्दीन उर्फ शज्जू, मो. नदीम, अपराध संख्या 334/24 के आरोपी मो. नदीम, फैजान, गुलफाम, नईम, शुजाउद्दीन, अपराध संख्या 336/24 के आरोपी मो. रेहान, मो. अली, शारिक ने जमानत अर्जी की सुनवाई दूसरे कोर्ट में स्थानांतरित करने के लिए अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से जिला न्यायालय में सात प्रार्थना पत्र दिए थे।
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आरोपियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने उक्त मामले से संबंधित जमानत प्रार्थना पत्रों के खारिज हो जाने का कथन किया है। इसलिए आरोपी अपने जमानत प्रार्थना पत्रों को सुनवाई वाले न्यायालय से अन्य किसी न्यायालय में स्थानांतरित करवाना चाहते हैं। जिस पर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राहुल दीक्षित ने जिला जज के न्यायालय में तर्क रखते हुए कहा कि इन सात ट्रांसफर एप्लीकेशन में दर्शायी गई अपराध संख्या के सह अभियुक्तों के जमानत की सुनवाई अपर जनपद न्यायाधीश/रेप केसेस एंड पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में हो चुकी है। इस कारण अन्य आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई व निस्तारण भी उसी न्यायालय में होना चाहिए। तथा ट्रांसफर एप्लीकेशन का पुरजोर विरोध किया। जनपद न्यायाधीश कमलेश कच्छल ने जिला शासकीय अधिवक्ता के तर्क के आधार पर सुनवाई करते हुए सभी प्रार्थनापत्रों को निरस्त कर दिया है।
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