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Sambhal News: निजी अस्पतालों में बढ़ी डेंगू के मरीजों की संख्या
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संभल। बदले मौसम में लोगों को वायरल फीवर, मलेरिया के साथ-साथ डेंगू भी चपेट में ले रहा है। निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों का उपचार चल रहा है। जिन मरीजों की प्लेटलेट्स बहुत कम हो गई हैं, उन्हें प्लेटलेट्स और जंबो पैक भी लगाए जा रहे हैं। सरकारी स्तर पर जांच कराने में भी 10 डेंगू मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन मरीजों के सही होने का दावा किया है। हालांकि निजी अस्पतालों की स्थिति यह है कि डेंगू के नाम पर ही उपचार चल रहा है। अब सवाल उठता है कि सरकारी स्वास्थ्य विभाग रिकॉर्ड दबा रहा है या निजी अस्पतालों में डेंगू के भय से आर्थिक लाभ कमाया जा रहा है।
निजी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए जाने वाले मरीजों की जांच कराए जाने पर वायरल फीवर और मलेरिया की पुष्टि हो रही है। कुछ मरीज ऐसे भी हैं, जिनमें डेंगू के लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे मरीजों की प्लेटलेट्स बहुत कम हो रही हैं। कुछ मरीज ऐसे भी हैं जिनकी प्लेटलेट्स उपचार के दौरान भी गिर रही हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों को प्लेटलेट्स और जंबो पैक तक की जरूरत पड़ रही है।
मुरादाबाद मार्ग पर स्थित डॉ. सचिन सक्सेना चैरिटेबल ब्लड बैंक के मैनेजर आशिक अली ने बताया कि एक महीने में 19 मरीजों के लिए प्लेटलेट्स दी गई हैं। इसी तरह तीन मरीजों के लिए जंबो पैक भी गए हैं। यह निजी अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों के लिए गए हैं। वहीं जिला अस्पताल संभल के ब्लड बैंक से छह मरीजों के लिए प्लेटलेट्स दी गई हैं। जबकि तीन यूनिट ब्लड दिया गया है। यह बुखार पीड़ित मरीजों के लिए दिया गया है।
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सरकारी आंकड़े तो सेहत काफी हद तक सही बता रहे हैं लेकिन निजी अस्पतालों की हालत देखकर स्थिति बिगड़ी हुई नजर आ रही है।
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निजी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए जाने वाले मरीजों की जांच कराए जाने पर वायरल फीवर और मलेरिया की पुष्टि हो रही है। कुछ मरीज ऐसे भी हैं, जिनमें डेंगू के लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे मरीजों की प्लेटलेट्स बहुत कम हो रही हैं। कुछ मरीज ऐसे भी हैं जिनकी प्लेटलेट्स उपचार के दौरान भी गिर रही हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों को प्लेटलेट्स और जंबो पैक तक की जरूरत पड़ रही है।
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मुरादाबाद मार्ग पर स्थित डॉ. सचिन सक्सेना चैरिटेबल ब्लड बैंक के मैनेजर आशिक अली ने बताया कि एक महीने में 19 मरीजों के लिए प्लेटलेट्स दी गई हैं। इसी तरह तीन मरीजों के लिए जंबो पैक भी गए हैं। यह निजी अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों के लिए गए हैं। वहीं जिला अस्पताल संभल के ब्लड बैंक से छह मरीजों के लिए प्लेटलेट्स दी गई हैं। जबकि तीन यूनिट ब्लड दिया गया है। यह बुखार पीड़ित मरीजों के लिए दिया गया है।
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सरकारी आंकड़े तो सेहत काफी हद तक सही बता रहे हैं लेकिन निजी अस्पतालों की हालत देखकर स्थिति बिगड़ी हुई नजर आ रही है।