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जिले की ग्राम पंचायत होंगी प्लास्टिक मुक्त
सार
जिले में 670 ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए अभियान शुरू हो गया है।पहले चरण में 46 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक बनाए जा रहे हैं।विभागीय अधिकारी समय समय पर निरीक्षण करेंगे।स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन के लिए प्लास्टिक बैंक बनाए जा रहे हैं।
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विस्तार
जिले में 670 ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए अभियान शुरू हो गया है। पहले चरण में 46 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक बनाए जा रहे हैं। इनमें प्लास्टिक एकत्र को बेचकर ग्राम पंचायत की आय में भी बढ़ोतरी की जाएगी। ग्राम पंचायत विभाग स्वच्छता को लेकर ग्रामीणों को भी जागरूक कर रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला पंचायत राज विभाग गांवों को प्लास्टिक व सिंगल पॉलीथिन मुक्त करने के लिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है। गांवों में प्लास्टिक व सिंगल यूज पॉलीथिन को एकत्र करने के लिए प्लास्टिक बैंक बनाए जा रहे हैं। संभल जिले में पहले चरण में 46 ग्राम पंचायत चयनित की गई हैं। 500 की आबादी पर एक प्लास्टिक बैंक यानी लोहे की जाली व एंगल का बॉक्स बनाया जा रहा है। इन गांवों में प्रमुख चौराहों व गलियों में रखा जाएगा। जिसमें ग्रामीण प्लास्टिक से संबंधित वस्तु और सिंगल यूज पॉलीथिन इसमें डालेंगे। ताकि प्लास्टिक किसी के लिए खतरा न बनें। चयनित ग्राम पंचायतों में 31 मार्च 2023 तक प्लास्टिक बैंक बनाकर खुले में प्लास्टिक व सिंगल यूज पॉलीथिन से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक प्लास्टिक बैंक बनाने पर दस हजार होंगे खर्च
ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक बनवाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व सचिव को दी गई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक एक प्लास्टिक बैंक यानी लोहे का जालीनुमा छह फीट लंबे, दो मीटर चौड़े बॉक्स बनवाने में करीब दस हजार रुपये की लागत आ रही है। यह मिनी कूड़ाघर की तरह होंगे।
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ग्राम पंचायत बेचेंगी पुरानी प्लास्टिक, बढे़गी आय
गांव में निकलने वाली पुरानी प्लास्टिक व सिंगल यूज पॉलीथिन को रोजाना सफाई कर्मचारी वहां से एकत्र करेंगे। साथ ही ग्रामीणों को भी प्लास्टिक बैंक में ही प्लास्टिक को डालने की अपील करेंगे। ग्राम प्रधान व सचिव प्लास्टिक को बेच सकेंगे और उसे होने वाली आय को गांव के विकास में खर्च कर सकेंगे। संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व सचिव की होगी। विभागीय अधिकारी समय समय पर निरीक्षण करेंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन के लिए प्लास्टिक बैंक बनाए जा रहे हैं। पहले चरण में जिले में चयनित 46 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक बनाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य गांवों को प्लास्टिक व पॉलीथिन से मुक्त करना है। जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में इनका निर्माण होगा।
जाहिद हुसैन, जिला पंचायत राज अधिकारी, संभल
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला पंचायत राज विभाग गांवों को प्लास्टिक व सिंगल पॉलीथिन मुक्त करने के लिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है। गांवों में प्लास्टिक व सिंगल यूज पॉलीथिन को एकत्र करने के लिए प्लास्टिक बैंक बनाए जा रहे हैं। संभल जिले में पहले चरण में 46 ग्राम पंचायत चयनित की गई हैं। 500 की आबादी पर एक प्लास्टिक बैंक यानी लोहे की जाली व एंगल का बॉक्स बनाया जा रहा है। इन गांवों में प्रमुख चौराहों व गलियों में रखा जाएगा। जिसमें ग्रामीण प्लास्टिक से संबंधित वस्तु और सिंगल यूज पॉलीथिन इसमें डालेंगे। ताकि प्लास्टिक किसी के लिए खतरा न बनें। चयनित ग्राम पंचायतों में 31 मार्च 2023 तक प्लास्टिक बैंक बनाकर खुले में प्लास्टिक व सिंगल यूज पॉलीथिन से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
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एक प्लास्टिक बैंक बनाने पर दस हजार होंगे खर्च
ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक बनवाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व सचिव को दी गई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक एक प्लास्टिक बैंक यानी लोहे का जालीनुमा छह फीट लंबे, दो मीटर चौड़े बॉक्स बनवाने में करीब दस हजार रुपये की लागत आ रही है। यह मिनी कूड़ाघर की तरह होंगे।
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ग्राम पंचायत बेचेंगी पुरानी प्लास्टिक, बढे़गी आय
गांव में निकलने वाली पुरानी प्लास्टिक व सिंगल यूज पॉलीथिन को रोजाना सफाई कर्मचारी वहां से एकत्र करेंगे। साथ ही ग्रामीणों को भी प्लास्टिक बैंक में ही प्लास्टिक को डालने की अपील करेंगे। ग्राम प्रधान व सचिव प्लास्टिक को बेच सकेंगे और उसे होने वाली आय को गांव के विकास में खर्च कर सकेंगे। संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान व सचिव की होगी। विभागीय अधिकारी समय समय पर निरीक्षण करेंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन के लिए प्लास्टिक बैंक बनाए जा रहे हैं। पहले चरण में जिले में चयनित 46 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक बैंक बनाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य गांवों को प्लास्टिक व पॉलीथिन से मुक्त करना है। जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में इनका निर्माण होगा।
जाहिद हुसैन, जिला पंचायत राज अधिकारी, संभल