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जिस सरकार में दंगे नही होते हैं उसका समर्थन करना चाहिए : मौलाना कल्बे जव्वाद
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संभल। सिरसी के इमाम बारगाह मोहल्ला गर्बी में रविवार को शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद एक मजलिस में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि दो शख्सियतें एक इंसान में जमा नहीं होती हैं अगर कोई बहादुर कर्नल है तो वह बेहतरीन वक्ता नहीं हो सकता। बस दुनिया में एक ही इंसान था, जिसमें दोनों चीजें मौजूद थीं।
वह बहादुर भी थे और एक आलिम भी थे। कायनात के सबसे बहादुर का नाम हजरत अली इब्ने अबुतालिब है। मजलिस के बाद उन्होंने निकाय चुनाव को लेकर लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी एक पार्टी के मत रहो। अपनी अक्ल से काम लो। जो आप के काम आए उस पार्टी को वोट करें।
उन्होंने कहा कि मैंने लखनऊ में कहा था कि जिस सरकार में दंगे नहीं होते हैं उसका समर्थन करना चाहिए। इस अवसर पर मौलाना काजी हुसैन रजा, मौलाना शबाब नकवी, मौलाना शौकत रजा, मौलाना मंजर अब्बास, शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अली जैदी, शकील शम्शी, मौलाना बहिशती, मोबीन रजा, शफीक हसन, मौलाना कम्बर आदि भी रहे।
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वह बहादुर भी थे और एक आलिम भी थे। कायनात के सबसे बहादुर का नाम हजरत अली इब्ने अबुतालिब है। मजलिस के बाद उन्होंने निकाय चुनाव को लेकर लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी एक पार्टी के मत रहो। अपनी अक्ल से काम लो। जो आप के काम आए उस पार्टी को वोट करें।
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उन्होंने कहा कि मैंने लखनऊ में कहा था कि जिस सरकार में दंगे नहीं होते हैं उसका समर्थन करना चाहिए। इस अवसर पर मौलाना काजी हुसैन रजा, मौलाना शबाब नकवी, मौलाना शौकत रजा, मौलाना मंजर अब्बास, शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अली जैदी, शकील शम्शी, मौलाना बहिशती, मोबीन रजा, शफीक हसन, मौलाना कम्बर आदि भी रहे।
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