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सवा तीन घंटे तक हिरासत में रहे पूर्व चेयरमैन, कार्यकाल के दौरान हुए वाहन गबन में 8 लाख रुपये जमा किए
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वाहनों की खरीद में हुए गबन के 42 लाख 21 हजार 250 रुपये अदा नहीं करने पर बुधवार को तहसील प्रशासन ने संभल नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन कौसर अहमद को सवा तीन घंटे तक हिरासत में रखा। इसके बाद उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से आठ लाख रुपये जमा कराए और बाकी रुपयों को तीस दिन में जमा करने का प्रशासन से आग्रह किया। इस पर तहसीलदार ने उनको दस दिन की मोहलत देकर छोड़ दिया।
पूर्व चेयरमैन कौसर अहमद पर आरोप है कि उनके कार्यकाल में नगर पालिका परिषद द्वारा 84.42 लाख की कीमत के कई वाहनों की खरीद की गई थी। खरीदे गए वाहनों में जेसीबी, क्रेन और अन्य वाहन शामिल हैं। आरोप है कि इन वाहनों की खरीद में गबन किया गया था। इसकी शिकायत 2017 में कोटपूर्वी निवासी मुकेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। नगर विकास विभाग द्वारा जांच के लिए जिलाधिकारी को आदेश किए गए थे। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद जांच रिपोर्ट के मुताबिक 84,425,00 रुपये की धनराशि का आधा भाग 42 लाख 21 हजार 250 रुपये की वसूली की जानी है। नोटिस देकर वसूली के लिए कहा गया, लेकिन बात नहीं बनी।
ईओ रामपाल यादव ने फरवरी में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। तहसील प्रशासन ने भी नोटिस दिए, लेकिन वसूली जमा नहीं हो पाई। इसके बाद बुधवार को तहसीलदार मनोज कुमार सिंह ने पूर्व चेयरमैन कौसर अहमद को तहसील में सवा तीन घंटे तक हिरासत में रखा।
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वाहनों की खरीद के गबन में कार्रवाई से मचा रही खलबली
संभल। वाहनों की खरीद के गबन में प्रशासनिक कार्रवाई से खलबली मचा रही। पूर्व चेयरमैन कौसर अहमद पर जहां सख्ती की जा रही है तो वहीं, शासन ने भी तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता को सस्पेंड कर दिया है। अपर जिलाधिकारी केके अवस्थी ने बाकी बचे कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
तत्कालीन चेयरमैन और ईओ के साथ जेई जलकर, लेखा लिपिक और लिपिक समेत कई कर्मचारी भी दोषी मिले थे। इन्हीं के खिलाफ अपर जिलाधिकारी ने विभागीय कार्रवाई के आदेश किए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई से नगर पालिका में खलबली मची हुई है।
पूर्व चेयरमैन ने आठ लाख रुपये जमा कराते हुए बाकी धनराशि बाद में जमा करने की बात कही है। हमने दस दिनों की मोहलत दी है, यदि इस अवधि में बकाया राशि जमा नहीं हो सकी तो अगली कार्रवाई की जाएगी। - मनोज कुमार, तहसीलदार, संभल
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पूर्व चेयरमैन कौसर अहमद पर आरोप है कि उनके कार्यकाल में नगर पालिका परिषद द्वारा 84.42 लाख की कीमत के कई वाहनों की खरीद की गई थी। खरीदे गए वाहनों में जेसीबी, क्रेन और अन्य वाहन शामिल हैं। आरोप है कि इन वाहनों की खरीद में गबन किया गया था। इसकी शिकायत 2017 में कोटपूर्वी निवासी मुकेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। नगर विकास विभाग द्वारा जांच के लिए जिलाधिकारी को आदेश किए गए थे। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद जांच रिपोर्ट के मुताबिक 84,425,00 रुपये की धनराशि का आधा भाग 42 लाख 21 हजार 250 रुपये की वसूली की जानी है। नोटिस देकर वसूली के लिए कहा गया, लेकिन बात नहीं बनी।
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ईओ रामपाल यादव ने फरवरी में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। तहसील प्रशासन ने भी नोटिस दिए, लेकिन वसूली जमा नहीं हो पाई। इसके बाद बुधवार को तहसीलदार मनोज कुमार सिंह ने पूर्व चेयरमैन कौसर अहमद को तहसील में सवा तीन घंटे तक हिरासत में रखा।
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वाहनों की खरीद के गबन में कार्रवाई से मचा रही खलबली
संभल। वाहनों की खरीद के गबन में प्रशासनिक कार्रवाई से खलबली मचा रही। पूर्व चेयरमैन कौसर अहमद पर जहां सख्ती की जा रही है तो वहीं, शासन ने भी तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता को सस्पेंड कर दिया है। अपर जिलाधिकारी केके अवस्थी ने बाकी बचे कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
तत्कालीन चेयरमैन और ईओ के साथ जेई जलकर, लेखा लिपिक और लिपिक समेत कई कर्मचारी भी दोषी मिले थे। इन्हीं के खिलाफ अपर जिलाधिकारी ने विभागीय कार्रवाई के आदेश किए हैं। प्रशासनिक कार्रवाई से नगर पालिका में खलबली मची हुई है।
पूर्व चेयरमैन ने आठ लाख रुपये जमा कराते हुए बाकी धनराशि बाद में जमा करने की बात कही है। हमने दस दिनों की मोहलत दी है, यदि इस अवधि में बकाया राशि जमा नहीं हो सकी तो अगली कार्रवाई की जाएगी। - मनोज कुमार, तहसीलदार, संभल