{"_id":"6161f57c8ebc3e625330449b","slug":"the-department-is-not-getting-the-broken-electric-poles-replaced-sambhal-news-mbd405620453","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूटे विद्युत पोलों को नहीं बदलवा रहा महकमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टूटे विद्युत पोलों को नहीं बदलवा रहा महकमा
विज्ञापन
संभल। पवांसा ब्लाक क्षेत्र के हिंडोली और नगलिया बल्लू में विद्युत के कई खंभे टूटे हैं। इन्हें महकमा नहीं बदलवा रहा है। इससे खतरा बढ़ रहा है और लोगों में रोष है।
पवांसा के हिंडोली में पंचायत सचिवालय के नजदीक पिछले एक वर्ष से खंभा टूटा हुआ है। टूटे पोल से ही विद्युत की सप्लाई हो रही है। जबकि इसकी शिकायत कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि विद्युत विभाग के खंभे को टूटे हुए करीब एक वर्ष हो चुका है, जिसे अब तक नहीं बदला गया है। वहीं, नगलिया बल्लू में दो वर्ष पहले खंभा टूट गया था। घटना की सूचना बिजली विभाग को दी गई पर आज तक पोल नहीं बदला गया। गांव के निवासी आशीष राघव ने बताया कि दो वर्ष पहले ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से विद्युत पोल टूट गया था। तत्काल इसकी सूचना विभाग को दी गई थी। इसके बाद केबल लाइन को नजदीक में बनी ग्रामीणों की छत पर रख दिया। इससे अब तक बिजली की सप्लाई हो रही है, लेकिन पोल को नहीं बदला जा सका है। दूसरी ओर, मोहम्मदपुर टांडा में प्राथमिक विद्यालय को जाने वाले रास्ते पर जमीन से मात्र पांच फीट की ऊंचाई पर ही विद्युत सप्लाई चलाई जा रही है, जोकि जंगल को जा रही है। यदि लाइन में फाल्ट हो जाए तो लाजिमी ही तार टूटकर नीचे गिरेगा, जिससे हादसा हो सकता है। गांव के निवासी संजीव ने बताया कि जंगल में हाईटेंशन लाइन जमीन से मात्र पांच फीट की ऊंचाई पर है। इसी लाइन के नीचे होकर प्राथमिक विद्यालय के बच्चे भी जाते हैं। ऐसे में यदि हाईटेंशन लाइन में फाल्ट हो जाए, तो हादसा होने की आशंका पूरी है।
विद्युत पोल टूटने की कोई जानकारी नहीं है। यदि कहीं खंभे टूटे हुए हैं तो इसको दिखवाया जाएगा। जल्द ही टूटे पोल बदलवा दिए जाएंगे। - सुरेंद्र कुमार, एसडीओ देहात, संभल डिवीजन
विज्ञापन
विज्ञापन
पवांसा के हिंडोली में पंचायत सचिवालय के नजदीक पिछले एक वर्ष से खंभा टूटा हुआ है। टूटे पोल से ही विद्युत की सप्लाई हो रही है। जबकि इसकी शिकायत कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि विद्युत विभाग के खंभे को टूटे हुए करीब एक वर्ष हो चुका है, जिसे अब तक नहीं बदला गया है। वहीं, नगलिया बल्लू में दो वर्ष पहले खंभा टूट गया था। घटना की सूचना बिजली विभाग को दी गई पर आज तक पोल नहीं बदला गया। गांव के निवासी आशीष राघव ने बताया कि दो वर्ष पहले ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से विद्युत पोल टूट गया था। तत्काल इसकी सूचना विभाग को दी गई थी। इसके बाद केबल लाइन को नजदीक में बनी ग्रामीणों की छत पर रख दिया। इससे अब तक बिजली की सप्लाई हो रही है, लेकिन पोल को नहीं बदला जा सका है। दूसरी ओर, मोहम्मदपुर टांडा में प्राथमिक विद्यालय को जाने वाले रास्ते पर जमीन से मात्र पांच फीट की ऊंचाई पर ही विद्युत सप्लाई चलाई जा रही है, जोकि जंगल को जा रही है। यदि लाइन में फाल्ट हो जाए तो लाजिमी ही तार टूटकर नीचे गिरेगा, जिससे हादसा हो सकता है। गांव के निवासी संजीव ने बताया कि जंगल में हाईटेंशन लाइन जमीन से मात्र पांच फीट की ऊंचाई पर है। इसी लाइन के नीचे होकर प्राथमिक विद्यालय के बच्चे भी जाते हैं। ऐसे में यदि हाईटेंशन लाइन में फाल्ट हो जाए, तो हादसा होने की आशंका पूरी है।
विज्ञापन
विद्युत पोल टूटने की कोई जानकारी नहीं है। यदि कहीं खंभे टूटे हुए हैं तो इसको दिखवाया जाएगा। जल्द ही टूटे पोल बदलवा दिए जाएंगे। - सुरेंद्र कुमार, एसडीओ देहात, संभल डिवीजन
विज्ञापन