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Sambhal News: अवैध शस्त्र फैक्टरी चलाने के मामले में दोषी को 10 वर्ष की सजा
Tue, 14 May 2024 04:26 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Tue, 14 May 2024 04:26 AM IST
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चंदौसी (संभल)। चार साल पहले संभल में पकड़ी गई अवैध शस्त्र फैक्टरी के मामले में कोर्ट ने एक आरोपी दानिश उर्फ मुन्ना को दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि दूसरे आरोपी अनस को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि 27 अगस्त 2020 को संभल थाना पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि चौधरी सराय चौराहा के पास आम के बाग में ट्यूबवेल के पीछे कुछ लोग अवैध शस्त्र बनाने का काम कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो दो युवक अवैध हथियार बना रहे थे। इनमें से एक व्यक्ति ड्रिल मशीन से लोहे की रॉड में बोर कर रहा था। पुलिस बल ने घेराबंदी कर एक आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि दूसरा भाग गया था। पुलिस को काफी अधबने तमंचे व असलाह बनाने के उपकरण मिले। दानिश ने भागने वाले अपने साथी का नाम अनस बताया था। पुलिस ने न्यायालय में दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय नारायण राय के न्यायालय में हुई। जहां न्यायालय ने आरोपी अनस को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया। साथ ही दूसरे आरोपी दानिश उर्फ मुन्ना को अवैध असलाह बनाने के जुर्म में दस वर्ष की सजा व दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि 27 अगस्त 2020 को संभल थाना पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि चौधरी सराय चौराहा के पास आम के बाग में ट्यूबवेल के पीछे कुछ लोग अवैध शस्त्र बनाने का काम कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो दो युवक अवैध हथियार बना रहे थे। इनमें से एक व्यक्ति ड्रिल मशीन से लोहे की रॉड में बोर कर रहा था। पुलिस बल ने घेराबंदी कर एक आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि दूसरा भाग गया था। पुलिस को काफी अधबने तमंचे व असलाह बनाने के उपकरण मिले। दानिश ने भागने वाले अपने साथी का नाम अनस बताया था। पुलिस ने न्यायालय में दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय नारायण राय के न्यायालय में हुई। जहां न्यायालय ने आरोपी अनस को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया। साथ ही दूसरे आरोपी दानिश उर्फ मुन्ना को अवैध असलाह बनाने के जुर्म में दस वर्ष की सजा व दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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