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Sambhal News: तत्कालीन ईओ से पूछताछ के लिए कोर्ट ने रिमांड अर्जी मंजूर की

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 02:18 AM IST
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The court granted the remand application for the interrogation of the then EO.
संभल। पालिका के तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता 101 करोड़ की जमीन कब्जा प्रकरण में जेल जा चुके हैं लेकिन उनसे विस्तृत और गहनता से पूछताछ पुलिस नहीं कर सकी थी। इसके लिए विवेचना कर रहे सीओ कुलदीप सिंह ने रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। इस अर्जी पर शनिवार को सुनवाई की गई और कोर्ट ने 12 घंटे की रिमांड मंजूर कर ली है। रविवार की सुबह 8 बजे से यह समय शुरू होगा।
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एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई का कहना है कि गहनता से पूछताछ के लिए विवेचक ने रिमांड की अर्जी दाखिल की थी। रिमांड मंजूर हो गई है। पूछताछ में कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। जिसके बाद कार्रवाई का दायरा भी बढ़ जाएगा।
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मुरादाबाद मार्ग पर गैरआबाद गांव तख्तगोसाई में ग्राम समाज की 101 करोड़ रुपये की 38 बीघा जमीन का बंदरबांट किया गया है। यह नगर पालिका की जमीन थी। 2008 में डीडीसी कोर्ट से गलत दस्तावेज के आधार पर नामांतरण कर दिया गया था। इसके बाद पालिका के तत्कालीन ईओ वीके झा हाईकोर्ट चले गए थे। वहां याचिका दायर की गई थी। पांच वर्ष तक यह याचिका निर्णय तक नहीं पहुंची। वर्ष 2013 में संभल पालिका के तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका वापस ले ली थी। इसके बाद सरकारी जमीन का बंदरबांट किया गया था। इस प्रकरण में 31 नामजद व अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। जिसमें ईओ की ही गिरफ्तारी हुई है। पूर्व चेयरमैन कौसर अहमद से पुलिस पूछताछ कर चुकी है।
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पूछताछ में कई अधिकारी, कर्मचारियों व सफेदपोशों नाम भी आ सकते हैं सामने
ईओ राजकुमार गुप्ता इस पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए ही पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड की अर्जी दाखिल की थी। अब रिमांड मंजूर हो गई है तो 12 घंटे तक पूछताछ की जानी है। माना जा रहा है कि इतनी लंबी पूछताछ में कई अधिकारी व कर्मचारियों के अलावा सफेदपोश लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। बयानों के आधार पर पुलिस आरोपियों के नाम विवेचना में बढ़ा सकती है। इससे नया मामला भी उजागर हो सकता है। यह याचिका किस आधार पर वापस ली गई थी और इस मामले में कितने लोग शामिल थे। इन सवालों के जवाब पुलिस तलाश करने की कोशिश करेगी।

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पट्टे की फर्जी रसीद पर शुरू हुआ सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल

संभल-मुरादाबाद मार्ग पर स्थित 38 बीघा बेशकीमती जमीन को लेकर मियां सराय निवासी सईदुल रहमान ने पट्टा होने का दावा किया था। यह दावा था कि 12 जुलाई 1967 को उनका पट्टा हुआ है। इस मामले में पालिका डीडीसी कोर्ट पहुंची जहां डीडीसी ने फर्जी पट्टा अभिलेख को आधार बनाकर सईदुल रहमान को मालिकाना हक दे दिया था। डीडीसी के आदेश के खिलाफ ही हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका वापस हुई तो सईदुल रहमान के पक्ष में निर्णय पहले से था। सईदुल रहमान का निधन तो वर्ष 2011 में हो गया था लेकिन उनके बेटे इबादुर्रहमान खान, एहसानुर्रहमान खां और पत्नि शाहजहां बेगम ने पैरवी की। वर्ष 2013 के बाद याचिका वापस होते ही जमीन का बंदरबांट हुआ। वर्तमान में ज्यादातर जमीन तो खाली पड़ी है। कुछ जमीन पर व्यवसायिक भवन बना लिए गए हैं। इन भवन स्वामियों को प्रशासन की ओर से नोटिस दिए गए हैं। खाली जमीन पर ग्राम समाज का बोर्ड लगा दिया

रिमांड मंजूर हो गई है। रविवार को पूछताछ के लिए लाया जाएगा। गहनता से पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की गई थी। इस पूछताछ के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल
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