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Sambhal News: बंदरों की मौत की जांच करने गांव पहुंचे मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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चंदौसी(संभल)। बहजोई रोड स्थित आटा गांव में हो चुकी करीब दो दर्जन बंदरों की मौत मामले में कई दिन बाद गांव पहुंचे मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने ग्रामीणों से जानकारी करने के साथ ही वहां मौजूद बंदरों को भी देखा और बताया कि अब बंदरों में सेहत को लेकर कोई समस्या नहीं लग रही है। तीन दिन से गांव में कोई मौत भी नहीं हुई है। बताया कि गांव में बाहर से लाकर बंदरों को छोड़ा गया है। उन्होंने गांव के लोगों से कोई नया मामला होने पर जानकारी देने को भी कहा है।
पता हो कि आटा गांव में पिछले करीब 20 दिन के अंदर लगभग दो दर्जन बंदरों की रहस्यमय ढंग से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार बंदरों को नशीली वस्तु खिलाकर बाहरी व्यक्ति उनके गांव में छोड़ गया है। इससे बंदर सुस्त हो गए हैं और उनकी सेहत खराब हो रही है। रविवार पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अवधेश पटेल ने गांव में जाकर जांच की थी, लेकिन मृत बंदरों को ग्रामीणों द्वारा दफना दिया गया था।
सोमवार को भी एक बंदर का शव मिलने की जानकारी पशुपालन विभाग को दी गई थी। ग्रामीणों के अनुसार अभी भी गांव में कई बंदर बीमार हैं। पशु चिकित्सा विभाग से बंदरों के इलाज की मांग भी की गई। मंगलवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. शैलेंद्र सिंह गांव पहुंचे। उन्होंने ग्राम प्रधान व अन्य लोगों के साथ गांव में बंदरों की स्थिति देखी, साथ ही जानकारी भी ली।
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पता हो कि आटा गांव में पिछले करीब 20 दिन के अंदर लगभग दो दर्जन बंदरों की रहस्यमय ढंग से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार बंदरों को नशीली वस्तु खिलाकर बाहरी व्यक्ति उनके गांव में छोड़ गया है। इससे बंदर सुस्त हो गए हैं और उनकी सेहत खराब हो रही है। रविवार पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. अवधेश पटेल ने गांव में जाकर जांच की थी, लेकिन मृत बंदरों को ग्रामीणों द्वारा दफना दिया गया था।
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सोमवार को भी एक बंदर का शव मिलने की जानकारी पशुपालन विभाग को दी गई थी। ग्रामीणों के अनुसार अभी भी गांव में कई बंदर बीमार हैं। पशु चिकित्सा विभाग से बंदरों के इलाज की मांग भी की गई। मंगलवार को मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. शैलेंद्र सिंह गांव पहुंचे। उन्होंने ग्राम प्रधान व अन्य लोगों के साथ गांव में बंदरों की स्थिति देखी, साथ ही जानकारी भी ली।
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