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Sambhal News: पशुओं का चारा ही डकार गए जिम्मेदार
Wed, 15 May 2024 05:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 15 May 2024 05:04 AM IST
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बहजोई (संभल)। गुन्नौर की ग्राम पंचायत असदपुर की गोशाला में जिम्मेदार कागजों में 311 पशु ज्यादा दर्शाकर कई माह से चारे की धनराशि डकार रहे हैं। 11 मई को सीडीओ भरत कुमार गोशाला में निरीक्षण करने पहुंचे तो घोटाले की पोल खुली। सीडीओ ने ग्राम सचिव और पशुधन प्रसार अधिकारी को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
11 मई को सीडीओ भरत कुमार मिश्र गुन्नौर की ग्राम पंचायत असदपुर में गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां पर उन्हें अभिलेखों में 611 पशु दर्ज मिले। जबकि गोशाला में मौके पर मात्र 300 पशु ही मौजूद थे। उन्होंने संबंधित से अन्य पशुओं के बारे में जानकारी की तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जबकि कई माह से अभिलेखों में दर्ज 611 पशुओं के चारे के लिए धनराशि निकाली जा रही थी। चारे में घपलेबाजी सामने आने के बाद सीडीओ ने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अभिलेखों में 15 जनवरी से अब तक दर्ज हैं 611 पशु
सीडीओ ने बताया कि 13 मई को विकासखंड गुन्नौर के बीडीओ के माध्यम से मिले अभिलेखों को भी चेक किया गया तो उससे साफ हो गया कि 15 जनवरी से 11 मई तक गोशाला के अभिलेखों में 611 गोेवंश ही दर्ज थे। इस बीच जनवरी से 30 अप्रैल तक स्टॉक रजिस्टर में ग्राम पंचायत सचिव के हस्ताक्षर दर्ज भी मिले हैं। जबकि एक मई से 13 मई तक ग्राम पंचायत सचिव के हस्ताक्षर रजिस्टर में नहीं थे।
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पशु धन प्रसार अधिकारी की संलिप्तता मिली
सीडीओ ने बताया कि पशुधन प्रसार अधिकारी प्रदीप कुमार की ओर से 11 मई को अभिलेखों में भी गोवंश को लेकर सही संख्या अंकित नहीं की गई थी। पशुधन प्रसार अधिकारी ने लिखा था कि कुछ गोवंश कम हैं, जो बाद में पूरे कर लिए जाएंगे। सीडीओ का कहना है कि इससे साफ हो गया है कि पशुधन प्रसार अधिकारी की जानकारी में यह बात थी कि पशु कम हैं। जिससे उनकी संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता है। बताया कि अभिलेखों में दर्ज गोवंश की संख्या ज्यादा मिलने के मामले में ग्राम पंचायत सचिव महेश कुमार सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को पत्र लिखा है। साथ ही अभिलेख में गलत टिप्पणी दर्ज करने के मामले में पशुधन प्रसार अधिकारी प्रदीप कुमार के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई के लिए सीवीओ को पत्र जारी किया है।
गोशाला में मिलीं यह भी खामियां
असदपुर की गोशाला में निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी भरत कुमार मिश्र को अन्य खामियां भी मिलीं। बताया कि गोशाला में पानी के लिए बनाए गए होदों में साफ-सफाई नहीं थी। चार टीनशेड अधूरे थे। चरनी की दीवार अधूरी थी। चारा कटाई व गो कास्ट मशीन खराब थी। प्रथम शेड के निकट फर्श की ईंट उखड़ी हुई थीं। नाली भी टूटी थी।
14600 रुपये के दुरुपयोग का मामला सामने आया
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि गोशाला में मौके पर कम व अभिलेखों में अधिक गोवंश दर्ज करने को लेकर अलग-अलग तिथियों तक एक बार में 3200 व दूसरे बार में 11400 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किए जाने का मामला सामने आया है।
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11 मई को सीडीओ भरत कुमार मिश्र गुन्नौर की ग्राम पंचायत असदपुर में गोशाला का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां पर उन्हें अभिलेखों में 611 पशु दर्ज मिले। जबकि गोशाला में मौके पर मात्र 300 पशु ही मौजूद थे। उन्होंने संबंधित से अन्य पशुओं के बारे में जानकारी की तो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जबकि कई माह से अभिलेखों में दर्ज 611 पशुओं के चारे के लिए धनराशि निकाली जा रही थी। चारे में घपलेबाजी सामने आने के बाद सीडीओ ने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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अभिलेखों में 15 जनवरी से अब तक दर्ज हैं 611 पशु
सीडीओ ने बताया कि 13 मई को विकासखंड गुन्नौर के बीडीओ के माध्यम से मिले अभिलेखों को भी चेक किया गया तो उससे साफ हो गया कि 15 जनवरी से 11 मई तक गोशाला के अभिलेखों में 611 गोेवंश ही दर्ज थे। इस बीच जनवरी से 30 अप्रैल तक स्टॉक रजिस्टर में ग्राम पंचायत सचिव के हस्ताक्षर दर्ज भी मिले हैं। जबकि एक मई से 13 मई तक ग्राम पंचायत सचिव के हस्ताक्षर रजिस्टर में नहीं थे।
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पशु धन प्रसार अधिकारी की संलिप्तता मिली
सीडीओ ने बताया कि पशुधन प्रसार अधिकारी प्रदीप कुमार की ओर से 11 मई को अभिलेखों में भी गोवंश को लेकर सही संख्या अंकित नहीं की गई थी। पशुधन प्रसार अधिकारी ने लिखा था कि कुछ गोवंश कम हैं, जो बाद में पूरे कर लिए जाएंगे। सीडीओ का कहना है कि इससे साफ हो गया है कि पशुधन प्रसार अधिकारी की जानकारी में यह बात थी कि पशु कम हैं। जिससे उनकी संलिप्तता से इन्कार नहीं किया जा सकता है। बताया कि अभिलेखों में दर्ज गोवंश की संख्या ज्यादा मिलने के मामले में ग्राम पंचायत सचिव महेश कुमार सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को पत्र लिखा है। साथ ही अभिलेख में गलत टिप्पणी दर्ज करने के मामले में पशुधन प्रसार अधिकारी प्रदीप कुमार के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई के लिए सीवीओ को पत्र जारी किया है।
गोशाला में मिलीं यह भी खामियां
असदपुर की गोशाला में निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी भरत कुमार मिश्र को अन्य खामियां भी मिलीं। बताया कि गोशाला में पानी के लिए बनाए गए होदों में साफ-सफाई नहीं थी। चार टीनशेड अधूरे थे। चरनी की दीवार अधूरी थी। चारा कटाई व गो कास्ट मशीन खराब थी। प्रथम शेड के निकट फर्श की ईंट उखड़ी हुई थीं। नाली भी टूटी थी।
14600 रुपये के दुरुपयोग का मामला सामने आया
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि गोशाला में मौके पर कम व अभिलेखों में अधिक गोवंश दर्ज करने को लेकर अलग-अलग तिथियों तक एक बार में 3200 व दूसरे बार में 11400 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग किए जाने का मामला सामने आया है।