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धर्मस्थल की सीढ़ियों पर रेलिंग लगाए जाने पर आपत्ति पर तनाव
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Thu, 18 Jan 2018 01:46 AM IST
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पुलिस
- फोटो : amar ujala
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एक धर्म स्थल की सीढ़ियों पर बिना अनुमति के स्टील की रेलिंग लगाए जाने को कुछ संगठनों ने बुधवार को मुद्दा बना दिया। इसके बाद प्रशासन सतर्क हो गया। तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और रेलिंग हटवाने का प्रयास किया लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कहीं यह मुद्दा तनाव की वजह न बन जाए? इस अंदेशे में प्रशासन सतर्कता दिखा रहा है।
इसे लेकर अधिकारियों ने दोनों वर्गों के कुछ जिम्मेदार लोगों से बातचीत की है और समाधान निकालने का प्रयास किया है। वहीं घटनाक्रम की पूरी जानकारी के साथ एक पक्ष की शिकायत और दूसरे पक्ष के जवाब से भी जिला प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह लोगों से किया है।
संभल नगर में पुरातत्व महत्व का एक धर्मस्थल है। इसकी सीढ़ियों पर लगाई गई रेलिंग पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने आपत्ति की। अपर जिलाधिकारी आरपी यादव से मिलकर कुछ कार्यकर्ताओं ने शिकायत की। इसे लेकर उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन मिलने के बाद एसडीएम राशिद अली खां और सीओ गमलेश्वर बिल्टोरिया ने धर्मस्थल का निरीक्षण किया।
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वहां तमाम लोग एकत्र हो गए। इस मौके पर मौजूद इंतजामिया कमेटी के जिम्मेदार पदाधिकारियों से वार्ता की। वार्ता में इंतजामिया कमेटी की ओर से जानकारी दी गई कि सीढ़ियां चढ़ने में बुजुर्गों की सहूलियत के लिए रेलिंग लगाई गई है यह कोई नया निर्माण नहीं है। धर्म स्थल के स्वरूप में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है पर प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यथास्थिति पर जोर दिया। साथ ही दो टूक यह भी कहा कि जब धर्मस्थल पुरातत्व के संरक्षण में है तो उसकी अनुमति के बगैर कोई भी नया काम कैसे हो सकता है? सीओ ने तो साफ कहा कि कोई निर्माण उचित नहीं है।
इस पर अधिकारियों ने कहा कि अगर शिकायत आती है तो उस पर भी कार्रवाई होगी लेकिन कई घंटे तक चली वार्ता में रेलिंग प्रकरण कोई समाधान न निकला तो संभल कोतवाली में दोबारा से वार्ता हुई। जिस पक्ष ने शिकायत की है उसका कहना है कि जब पुरातत्व द्वारा संरक्षित स्थल में कोई भी नया काम बिना किसी अनुमति के नहीं हो सकता है। संरक्षित स्थल के स्वरूप को यथावत रखा जाए। इस मांग पर जोर दिए जाने का मुद्दा सामने आने के बाद अधिकारियों ने वार्ता से समाधान निकालने का प्रयास किया है।
शांति व्यवस्था बरकरार, शहर में प्रशासन की निगरानी
संभल। एक धर्मस्थल पर रेलिंग लगाए जाने के बाद तनाव का अंदेशा पैदा हो गया। इसी अंदेशे में पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया है। सार्वजनिक स्थलों पर कई थानों की पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है। अधिकारी संभल पर निगरानी बनाए हुए हैं। घटनाक्रम से जुड़े जिम्मेदार प्रतिनिधियों से तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने संवाद किया है। शांति व्यवस्था बरकरार है और शहर अपनी रफ्तार पर है।
शासन तक भेजी गई जानकारी
संभल। अतीत के विवादों की वजह से शासन की नजर में संभल पहले से संवेदनशील है। संवेदनशीलता के मद्देनजर संभल के अधिकारियों ने मंडल के अधिकारियों को जानकारी दी है। वहीं शासन को खुफिया तंत्र ने अवगत कराया है। अच्छी बात यह है कि दोनों वर्ग के लोग समझदारी दिखा रहे हैं। प्रशासन भी सतर्कता बनाए हुए है।
तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर लिया है। जहां रेलिंग लगाई गई है वह धर्म स्थल एएसआई के संरक्षण में है। इसलिए उसमें कोई भी नया काम बिना अनुमति के नहीं किया जा सकता है। बगैर अनुमति के काम कराना अवैधानिक है। इस मामले में संबंधित पक्षों से वार्ता करके समाधान निकाला जा रहा है। एहतियाती तौर पर संभल में पुलिस-पीएसी की तैनाती की गई है।
रविशंकर छबि, पुलिस अधीक्षक, संभल।
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इसे लेकर अधिकारियों ने दोनों वर्गों के कुछ जिम्मेदार लोगों से बातचीत की है और समाधान निकालने का प्रयास किया है। वहीं घटनाक्रम की पूरी जानकारी के साथ एक पक्ष की शिकायत और दूसरे पक्ष के जवाब से भी जिला प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह लोगों से किया है।
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संभल नगर में पुरातत्व महत्व का एक धर्मस्थल है। इसकी सीढ़ियों पर लगाई गई रेलिंग पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने आपत्ति की। अपर जिलाधिकारी आरपी यादव से मिलकर कुछ कार्यकर्ताओं ने शिकायत की। इसे लेकर उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन मिलने के बाद एसडीएम राशिद अली खां और सीओ गमलेश्वर बिल्टोरिया ने धर्मस्थल का निरीक्षण किया।
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वहां तमाम लोग एकत्र हो गए। इस मौके पर मौजूद इंतजामिया कमेटी के जिम्मेदार पदाधिकारियों से वार्ता की। वार्ता में इंतजामिया कमेटी की ओर से जानकारी दी गई कि सीढ़ियां चढ़ने में बुजुर्गों की सहूलियत के लिए रेलिंग लगाई गई है यह कोई नया निर्माण नहीं है। धर्म स्थल के स्वरूप में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है पर प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यथास्थिति पर जोर दिया। साथ ही दो टूक यह भी कहा कि जब धर्मस्थल पुरातत्व के संरक्षण में है तो उसकी अनुमति के बगैर कोई भी नया काम कैसे हो सकता है? सीओ ने तो साफ कहा कि कोई निर्माण उचित नहीं है।
इस पर अधिकारियों ने कहा कि अगर शिकायत आती है तो उस पर भी कार्रवाई होगी लेकिन कई घंटे तक चली वार्ता में रेलिंग प्रकरण कोई समाधान न निकला तो संभल कोतवाली में दोबारा से वार्ता हुई। जिस पक्ष ने शिकायत की है उसका कहना है कि जब पुरातत्व द्वारा संरक्षित स्थल में कोई भी नया काम बिना किसी अनुमति के नहीं हो सकता है। संरक्षित स्थल के स्वरूप को यथावत रखा जाए। इस मांग पर जोर दिए जाने का मुद्दा सामने आने के बाद अधिकारियों ने वार्ता से समाधान निकालने का प्रयास किया है।
शांति व्यवस्था बरकरार, शहर में प्रशासन की निगरानी
संभल। एक धर्मस्थल पर रेलिंग लगाए जाने के बाद तनाव का अंदेशा पैदा हो गया। इसी अंदेशे में पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया है। सार्वजनिक स्थलों पर कई थानों की पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है। अधिकारी संभल पर निगरानी बनाए हुए हैं। घटनाक्रम से जुड़े जिम्मेदार प्रतिनिधियों से तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने संवाद किया है। शांति व्यवस्था बरकरार है और शहर अपनी रफ्तार पर है।
शासन तक भेजी गई जानकारी
संभल। अतीत के विवादों की वजह से शासन की नजर में संभल पहले से संवेदनशील है। संवेदनशीलता के मद्देनजर संभल के अधिकारियों ने मंडल के अधिकारियों को जानकारी दी है। वहीं शासन को खुफिया तंत्र ने अवगत कराया है। अच्छी बात यह है कि दोनों वर्ग के लोग समझदारी दिखा रहे हैं। प्रशासन भी सतर्कता बनाए हुए है।
तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर लिया है। जहां रेलिंग लगाई गई है वह धर्म स्थल एएसआई के संरक्षण में है। इसलिए उसमें कोई भी नया काम बिना अनुमति के नहीं किया जा सकता है। बगैर अनुमति के काम कराना अवैधानिक है। इस मामले में संबंधित पक्षों से वार्ता करके समाधान निकाला जा रहा है। एहतियाती तौर पर संभल में पुलिस-पीएसी की तैनाती की गई है।
रविशंकर छबि, पुलिस अधीक्षक, संभल।