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यूक्रेन में फंसे हैं संभल के भी दस छात्र, दो ने भारत आने की कही बात
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संभल। यूक्रेन में संभल तहसील क्षेत्र के भी दस छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन और रूस के बीच बढ़ते तनाव को देखकर सभी छात्रों के परिजन चिंतित हैं और मोबाइल फोन पर बात कर पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। छात्रों ने अपने परिजनों को फोन पर बताया कि वह सुरक्षित हैं और यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। वहीं दो छात्रों ने जल्द ही भारत आने की बात कही है।
संभल के तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के दस हैं। इनमें रूकनुद्दीन सराय निवासी मोहम्मद फैजान अशरफ ने अपने पिता मोहम्मद मोबीन को फोन पर बताया कि अभी कोई खतरा नहीं है और यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। फिलहाल उन्होंने भारत आने की बात से भी इनकार किया है। फैजान दिसंबर में ही गए हैं। गांव राया बुजुर्ग निवासी अबुवकार के भाई अब हसनान ने बताया कि उनका भाई एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। भाई से लगातार बात हो रही है। वहां अब तक कोई परेशानी नहीं है लेकिन हमने तनाव को देखते हुए घर आने के लिए कहा है। बताया कि भाई ने फ्लाइट का टिकट करा लिया है। एक सप्ताह में वह घर लौट आएगा। गांव सदीरनपुर निवासी मोहम्मद साकिब के भाई आकिब ने बताया कि उनका भाई एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है और प्रथम वर्ष में है। रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए उनके भाई ने फ्लाइट का टिकट करा लिया है और जल्द ही वह घर आ जाएगा। इसी गांव के शाहबाज आलम के परिजन भी लगातार फोन पर संपर्क बनाए हुए हैं और पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
गांव परियावली निवासी मोहम्मद शुऐब भी यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। मोहम्मद शुऐब के ताऊ ने बताया कि हर दिन शुऐब से बात हो रही है और यूनिवर्सिटी भी ऑनलाइन पढ़ाई करा रही है। जैसी जानकारी सोशल मीडिया पर मिल रही है ऐसे हालात नहीं होने की जानकारी दी है। इसलिए उसने आने से मना किया है। इसी गांव के फैसल ने भी आने की बात से इनकार किया है। तहसील क्षेत्र के गांव हाजीपुर निवासी मोहम्मद शादमान ने परिजनों को बताया कि अभी कोई खतरा नहीं है। सभी कुछ ठीक है।
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सभी छात्रों के परिजन अपनों को लेकर चिंतित हैं। वहीं अन्य तीन छात्रों के परिजनों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उसने संपर्क नहीं हो पाया है।
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संभल के तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के दस हैं। इनमें रूकनुद्दीन सराय निवासी मोहम्मद फैजान अशरफ ने अपने पिता मोहम्मद मोबीन को फोन पर बताया कि अभी कोई खतरा नहीं है और यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। फिलहाल उन्होंने भारत आने की बात से भी इनकार किया है। फैजान दिसंबर में ही गए हैं। गांव राया बुजुर्ग निवासी अबुवकार के भाई अब हसनान ने बताया कि उनका भाई एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। भाई से लगातार बात हो रही है। वहां अब तक कोई परेशानी नहीं है लेकिन हमने तनाव को देखते हुए घर आने के लिए कहा है। बताया कि भाई ने फ्लाइट का टिकट करा लिया है। एक सप्ताह में वह घर लौट आएगा। गांव सदीरनपुर निवासी मोहम्मद साकिब के भाई आकिब ने बताया कि उनका भाई एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है और प्रथम वर्ष में है। रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए उनके भाई ने फ्लाइट का टिकट करा लिया है और जल्द ही वह घर आ जाएगा। इसी गांव के शाहबाज आलम के परिजन भी लगातार फोन पर संपर्क बनाए हुए हैं और पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
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गांव परियावली निवासी मोहम्मद शुऐब भी यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। मोहम्मद शुऐब के ताऊ ने बताया कि हर दिन शुऐब से बात हो रही है और यूनिवर्सिटी भी ऑनलाइन पढ़ाई करा रही है। जैसी जानकारी सोशल मीडिया पर मिल रही है ऐसे हालात नहीं होने की जानकारी दी है। इसलिए उसने आने से मना किया है। इसी गांव के फैसल ने भी आने की बात से इनकार किया है। तहसील क्षेत्र के गांव हाजीपुर निवासी मोहम्मद शादमान ने परिजनों को बताया कि अभी कोई खतरा नहीं है। सभी कुछ ठीक है।
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सभी छात्रों के परिजन अपनों को लेकर चिंतित हैं। वहीं अन्य तीन छात्रों के परिजनों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उसने संपर्क नहीं हो पाया है।