{"_id":"6ab2ea22c4eee07ccf0f49e1","slug":"teenager-dies-after-falling-headfirst-in-the-courtyard-while-being-chased-by-monkeys-sambhal-news-c-275-1-sbl1015-140881-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: बंदरों ने दौड़ाया, आंगन में सिर के बल गिरी किशोरी की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: बंदरों ने दौड़ाया, आंगन में सिर के बल गिरी किशोरी की मौत
विज्ञापन
असमोली। थाना एचोड़ा कंबोह क्षेत्र के गांव बाबूखेड़ा में बंदरों के आतंक ने एक 17 साल की किशोरी की जान ले ली।
गांव निवासी नरपत सिंह की पुत्री शीतल मंगलवार को घर में काम कर रही थी। तभी एक बंदर घर से कपड़ा उठाकर छत पर चढ़ गया। शीतल डंडा लेकर बंदर के पीछे-पीछे छत पर दौड़ पड़ी। छत पर पहले से ही बंदरों का झुंड बैठा था।
झुंड शीतल की तरफ दौड़ा तो वह घबरा गई और जान बचाने के लिए पड़ोसी मोहम्मद नवी की छत की ओर भागी। इसी दौरान अचानक पैर फिसल गया और वह पड़ोसी के आंगन में सिर के बल गिर गई। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में घायल शीतल को मुरादाबाद के डेंटल अस्पताल ले गए।
जहां चिकित्सकों ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
बंदर पकड़ने की जिम्मेदार ग्राम पंचायत की है। वन विभाग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। ग्राम पंचायत के स्तर से ही टीम बनाकर बंदर पकड़वाए जा सकते हैं।
उस्मान अली, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी, संभल
विज्ञापन
गांव निवासी नरपत सिंह की पुत्री शीतल मंगलवार को घर में काम कर रही थी। तभी एक बंदर घर से कपड़ा उठाकर छत पर चढ़ गया। शीतल डंडा लेकर बंदर के पीछे-पीछे छत पर दौड़ पड़ी। छत पर पहले से ही बंदरों का झुंड बैठा था।
झुंड शीतल की तरफ दौड़ा तो वह घबरा गई और जान बचाने के लिए पड़ोसी मोहम्मद नवी की छत की ओर भागी। इसी दौरान अचानक पैर फिसल गया और वह पड़ोसी के आंगन में सिर के बल गिर गई। शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में घायल शीतल को मुरादाबाद के डेंटल अस्पताल ले गए।
विज्ञापन
जहां चिकित्सकों ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
बंदर पकड़ने की जिम्मेदार ग्राम पंचायत की है। वन विभाग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। ग्राम पंचायत के स्तर से ही टीम बनाकर बंदर पकड़वाए जा सकते हैं।
उस्मान अली, उप क्षेत्रीय वनाधिकारी, संभल