Sambhal: मिट्टी खोदते समय ढांग में दबकर किशोरी की मौत, चार महिलाएं जख्मी, हादसे के बाद गांव में मच गया कोहराम
असमोली में मिट्टी की खोदाई के दौरान ढांग गिरने से एक महिला की मौत हो गई। इसके अलावा चार महिलाएं घायल हो गई। सभी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है।
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संभल। असमोली के गांव हरथला में शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे तालाब किनारे से मिट्टी की खोदाई करते समय ढांग गिर गई। जिससे हरथला गांव निवासी चरन सिंह की बेटी रश्मि (15) की मिट्टी में दबकर मौत हो गई। जबकि रोशनी (17) पुत्री झंडु, राखी (19) पुत्री दिनेश और शहनाज (40) पत्नी जाकिर हुसैन मिट्टी में दबकर घायल हो गईं।
शोर सुनकर पहुंचे लोगों ने घायलों को बाहर निकाला और उपचार के लिए भर्ती कराया। शुक्रवार को गांव हरथला निवासी रश्मि, रोशनी, राखी और शहनाज तालाब किनारे से घरेलू कार्य के लिए मिट्टी लेने गई थीं। मिट्टी की खोदाई करते समय अचानक ढांग गिर गई। जिसमें रश्मि, रोशनी, राखी और शहनाज मिट्टी के नीचे दब गईं।
ढांग गिरने पर आसपास खेल रहे बच्चों ने शोर मचा दिया। शोर सुनकर एकत्र हुए लोगों ने रोशनी, राखी और शहनाज को तो निकाल लिया था लेकिन रश्मि को नहीं निकाल सके। जिसके बाद ग्रामीणों ने जेसीबी बुलाकर खोदाई कराई और करीब आधे घंटे बाद रश्मि को बाहर निकाला। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मृतका के पिता ने बताया कि घर में मिट्टी से लिपाई होनी थी। इसलिए बेटी गांव की महिलाओं के साथ मिट्टी लेने के गई थी। बताया कि एक बार मिट्टी लेकर बेटी लौट आई थी, लेकिन दूसरी बार फिर से चली गई। ढांग के नीचे बैठकर खोदाई कर रही थी। इसी दौरान हादसा हो गया। पीड़ित पिता ने बताया कि तीन बेटे व तीन बेटियों में दूसरे नंबर की थी। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के अंतिम संस्कार कर दिया है।
जल्द मिली मदद तो बची तीन की जान
कुछ दूरी पर गांव के ही जुल्फिकार, मोमीन, शाकिब व मुस्कान आदि तालाब के पानी से काली मिट्टी निकाल रहे थे। ढांग गिरने के बाद बच्चों ने शोर मचाया तो सभी लोग मौके पर पहुंचे और हाथों से मिट्टी हटाकर रोशनी, राखी और शहनाज को बाहर निकाल लिया गया। जिससे उनकी जान बच सकी।
वहीं रश्मि को निकालने में लोग नाकाम रहे। ग्रामीणों ने बताया कि ढांग बड़ी बन गई थी। गहराई ज्यादा होने के चलते रश्मि ज्यादा अंदर दब गई थी, जिसको हाथ से निकाल पाना संभव नहीं था। इसलिए जेसीबी को बुलाया गया। उससे भी तत्काल बचाव नहीं हो सका। जब तक किशोरी को निकाला गया तब तक दम घुटने से उसकी मौत हो चुकी थी।
प्रशासन ढांग नष्ट कराने के लिए नहीं उठाता कदम
जिले में ढांग गिरने से मिट्टी में दबकर कई महिलाओं की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से इन ढांग को नष्ट कराने के लिए कदम नहीं उठाए जाते हैं। हादसों के बाद प्रशासन चेतता है लेकिन फिर मामला ठंडा हो जाता है। इसलिए यह हादसे हर वर्ष सामने आते रहते हैं।
इस वर्ष यह हुए हादसे
2 अप्रैल 2024: जुनावई थाना क्षेत्र के गांव उमरा में तालाब से मिट्टी निकालते समय 60 वर्षीय किसान प्रेमपाल पर ढांग गिर गई थी। इसमें किसान को गंभीर चोट लगी थी। उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
21 मार्च 2024: कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गांव शहबाजपुर में तालाब के किनारे मिट्टी की निकालते समय ढांग गिर गई थी। इसमें हरकली (45) की मौत हो गई थी। घर पर लिपाई करने के लिए मिट्टी लेने के लिए गई थीं।
2 जून 2023: धनारी थाना क्षेत्र के गांव बहीपुर में घर की छत के लिए मिट्टी लेने गए दो सगे भाई खोदाई करते समय ढांग के नीचे दब गए थे। इसमें सचिन (28), दूसरे भाई शिवम (20) की मौत हो गई थी।
जिले में हो चुका ढांग गिरने से बड़ा हादसा
कुढ़फतेहगढ़ थाना के गांव काजी बिचैटा में 15 मई 2015 की सुबह ढांग गिरने से बड़ा हादसा हुआ था। इसमें चार बालिका और एक महिला की मौत हो गई थी। जबकि छह लोग घायल हुए थे। इस हादसे की गूंज लखनऊ तक पहुंची थी।
जिसके बाद प्रशासन ने ढांग गिराने के लिए अभियान भी चलाया था। तत्कालीन जिलाधिकारी पवन कुमार ने तहसील स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की थी। जिससे कोई तालाब में ढांग न बने और हादसा न हो सके। इस हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल चार बालिकाएं व एक महिला थी।