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Sambhal News: अराजक तत्व कहे जाने पर शिक्षकों में गुस्सा, कल करेंगे महापंचायत
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चंदौसी के गांधी पार्क में मंत्री जी के बयान को लेकर धरने के दौरान सभा करते शिक्षक। संवाद
चंदौसी(संभल)। ऑफलाइन स्थानांतरण की मांग को लेकर अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का धरना प्रदर्शन माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के गृह जनपद में 11वें दिन रविवार को गांधी पार्क में अनुक्रम सत्याग्रह के रूप में जारी रहा। इस बीच राज्य मंत्री गुलाब देवी के शिक्षकों को अराजक तत्व को लेकर दिए गए बयान पर रोष व्याप्त हो गया। रविवार को शिक्षकों ने डीएम को पत्र भेज कर सात अक्तूबर को महापंचायत करने की बात कही। साथ ही प्रदेश भर के शिक्षकों से धरना स्थल पर पहुंच कर महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया है। पंचायत में आगे के आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। ऑफलाइन स्थानांतरण की मांग को लेकर प्रदेश के अधिकांश जनपदों से आए अशासकीय विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं 25 सितंबर से धरना दे रहे हैं। दो अक्तूबर की शाम को डीएम और एसपी की मौजूदगी में धरना गांधी पार्क में शिफ्ट कर दिया गया था। तब ही से ऑफलाइन स्थानांतरण संघर्ष समिति के बैनर तले गांधी पार्क में धरना चल रहा है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष शुभेंद्र शरण त्रिपाठी ने बताया कि शिक्षक यहां अनुक्रम सत्यागृह के रूप में धरना दे रहे हैं।
रविवार को शिक्षकों के सत्याग्रह के 11वें दिन समिति अध्यक्ष शुभेंद्र शरण त्रिपाठी की अध्यक्षता में सत्याग्रह स्थल गांधी पार्क में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी द्वारा बयान में शिक्षकों को विपक्ष के अराजक तत्व कहने पर घोर आपत्ति प्रकट की गई।
समिति अध्यक्ष शुभेंद्र शरण त्रिपाठी ने कहा कि मंत्री जी हमारी माता के समान हैं। मंत्री जी ने ही 25 सितंबर को हमें पूरे स्नेह के साथ मेहमान बताया था। अपने आवास पर बैठने की अनुमति प्रदान की थी। लेकिन कल शनिवार को मीडिया के सामने मंत्री जी के द्वारा उन्हीं शिक्षकों को विपक्ष का अराजक तत्व ठहरा दिया है। यह बयान हम शिक्षकों की गरिमा और सम्मान को आहत करने वाला है।
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अब हमने महापंचायत का निर्णय लिया है। कहा कि अब हम प्रदेश के समस्त शिक्षकों के सामने अपनी पीड़ा रखने को विवश हैं। शिक्षकों की पंचायत ही अब यह तय करेगी कि हम पीड़ित शिक्षक हैं या विपक्ष के अराजक तत्व हैं। शिक्षक पंचायत जो निर्णय करेगी, उसी के अनुसार हमारा आंदोलन आगे बढ़ेगा। कहा कि लोकतंत्र में शिक्षक समुदाय को अराजक तत्व बताया जाना, शिक्षक समुदाय किसी भी दशा में स्वीकार नहीं करेगा। हमारा शांतिपूर्ण सत्याग्रह तब तक जारी रहेगा, जब तक मंत्री जी के हृदय में हमारे लिए करुणा जाग्रत नहीं होती है और शिक्षकों को अपमानित करने के लिए ग्लानि की अनुभूति नहीं करती हैं। साथ ही हमारी जायज मांगों को पूरा नहीं करती हैं। संचालन बीपी त्यागी ने किया।
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शाम को धरना स्थल पहुंचे एसडीएम और सीओ
मंत्री के बयान से खफा शिक्षकों में रोष व्याप्त है। रविवार की शाम एसडीएम आशुतोष तिवारी और सीओ मनोज कुमार धरना स्थल पहुंचे और शिक्षकों का हाल जाना। साथ ही कहा कि वह शिक्षकों के पांच सदस्यीय टीम से मंत्री जी की वार्ता कराने का प्रयास करेंगे। पांच शिक्षकों के नाम भी मांगे।
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रविवार को शिक्षकों के सत्याग्रह के 11वें दिन समिति अध्यक्ष शुभेंद्र शरण त्रिपाठी की अध्यक्षता में सत्याग्रह स्थल गांधी पार्क में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी द्वारा बयान में शिक्षकों को विपक्ष के अराजक तत्व कहने पर घोर आपत्ति प्रकट की गई।
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समिति अध्यक्ष शुभेंद्र शरण त्रिपाठी ने कहा कि मंत्री जी हमारी माता के समान हैं। मंत्री जी ने ही 25 सितंबर को हमें पूरे स्नेह के साथ मेहमान बताया था। अपने आवास पर बैठने की अनुमति प्रदान की थी। लेकिन कल शनिवार को मीडिया के सामने मंत्री जी के द्वारा उन्हीं शिक्षकों को विपक्ष का अराजक तत्व ठहरा दिया है। यह बयान हम शिक्षकों की गरिमा और सम्मान को आहत करने वाला है।
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अब हमने महापंचायत का निर्णय लिया है। कहा कि अब हम प्रदेश के समस्त शिक्षकों के सामने अपनी पीड़ा रखने को विवश हैं। शिक्षकों की पंचायत ही अब यह तय करेगी कि हम पीड़ित शिक्षक हैं या विपक्ष के अराजक तत्व हैं। शिक्षक पंचायत जो निर्णय करेगी, उसी के अनुसार हमारा आंदोलन आगे बढ़ेगा। कहा कि लोकतंत्र में शिक्षक समुदाय को अराजक तत्व बताया जाना, शिक्षक समुदाय किसी भी दशा में स्वीकार नहीं करेगा। हमारा शांतिपूर्ण सत्याग्रह तब तक जारी रहेगा, जब तक मंत्री जी के हृदय में हमारे लिए करुणा जाग्रत नहीं होती है और शिक्षकों को अपमानित करने के लिए ग्लानि की अनुभूति नहीं करती हैं। साथ ही हमारी जायज मांगों को पूरा नहीं करती हैं। संचालन बीपी त्यागी ने किया।
शाम को धरना स्थल पहुंचे एसडीएम और सीओ
मंत्री के बयान से खफा शिक्षकों में रोष व्याप्त है। रविवार की शाम एसडीएम आशुतोष तिवारी और सीओ मनोज कुमार धरना स्थल पहुंचे और शिक्षकों का हाल जाना। साथ ही कहा कि वह शिक्षकों के पांच सदस्यीय टीम से मंत्री जी की वार्ता कराने का प्रयास करेंगे। पांच शिक्षकों के नाम भी मांगे।