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बसपा की दो सीटों पर टिकट के प्रबल दावेदार, हालांकि घोषणा होना बाकी, तीसरी सीट पर विचार, चौथी पर इंतेजार
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संभल। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही तमाम राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। सभी दलों में असरदार लोग टिकट के लिए अपनी-अपनी दावेदारी भी कर रहे हैं। वहीं, बसपा ने अब तक जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र प्रभारियों की नियुक्ति नहीं की गई है।
जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार की मानें तो जिले की सभी चारों विधानसभा सीटों पर करीब 20 दावेदार हैं। संभल, असमोली और चंदौसी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी असरदार चेहरे तलाश करने में लगी है, लेकिन गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र में अब तक कोई प्रभावशाली चेहरा सामने नहीं आया है। सूत्रों की मानें तो संभल और असमोली विधानसभा क्षेत्र के लिए जो दावेदार हैं लगभग उनको तो टिकट मिलना तय माना जा रहा है। हालांकि घोषणा होने पर ही तय हो सकेगा। चंदौसी विधानसभा सीट के लिए भी एक दावेदार को लगभग तय माना जा रहा है। जबकि जिलाध्यक्ष का कहना है कि प्रबल दावेदार भले हो लेकिन निर्णय होना बाकी है। गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र के लिए पार्टी को असरदार चेहरे का इंतजार है। जिलाध्यक्ष बताया कि जिले की चारों विधानसभा क्षेत्र की सीटों पर कई-कई लोग दावेदारी कर रहे हैं, लेकिन अभी किसी का टिकट तय नहीं है। पार्टी मंथन के बाद घोषणा करेगी। जिलाध्यक्ष ने बताया कि गुन्नौर विधानसभा सीट से चार-पांच लोग प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी कोई दमदार चेहरा सामने नहीं आया है।
2017 विधानसभा चुनाव में जिले की किसी सीट पर दूसरे नंबर पर नहीं रही बसपा
संभल। 2017 विधानसभा चुनाव में बसपा के प्रत्याशी अपना दम नहीं दिखा पाए थे। यही कारण था जो जिले के विधानसभा क्षेत्र संभल, असमोली, चंदौसी और गुन्नौर पर कोई भी प्रत्याशी दूसरे नंबर पर नहीं रहा। सपा और भाजपा में ही मुकाबला हुआ था। दो सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया और दो सीट पर सपा जीती। इस बार बसपा का शीर्ष नेतृत्व का मकसद है कि ऐसे चेहरे चुनाव मैदान में उतारे जाएं जो पार्टी का सम्मान बनाएं और जीत सकें। इसलिए मंथन ज्यादा करना पड़ रहा है।
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जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार की मानें तो जिले की सभी चारों विधानसभा सीटों पर करीब 20 दावेदार हैं। संभल, असमोली और चंदौसी विधानसभा क्षेत्र में पार्टी असरदार चेहरे तलाश करने में लगी है, लेकिन गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र में अब तक कोई प्रभावशाली चेहरा सामने नहीं आया है। सूत्रों की मानें तो संभल और असमोली विधानसभा क्षेत्र के लिए जो दावेदार हैं लगभग उनको तो टिकट मिलना तय माना जा रहा है। हालांकि घोषणा होने पर ही तय हो सकेगा। चंदौसी विधानसभा सीट के लिए भी एक दावेदार को लगभग तय माना जा रहा है। जबकि जिलाध्यक्ष का कहना है कि प्रबल दावेदार भले हो लेकिन निर्णय होना बाकी है। गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र के लिए पार्टी को असरदार चेहरे का इंतजार है। जिलाध्यक्ष बताया कि जिले की चारों विधानसभा क्षेत्र की सीटों पर कई-कई लोग दावेदारी कर रहे हैं, लेकिन अभी किसी का टिकट तय नहीं है। पार्टी मंथन के बाद घोषणा करेगी। जिलाध्यक्ष ने बताया कि गुन्नौर विधानसभा सीट से चार-पांच लोग प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी कोई दमदार चेहरा सामने नहीं आया है।
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2017 विधानसभा चुनाव में जिले की किसी सीट पर दूसरे नंबर पर नहीं रही बसपा
संभल। 2017 विधानसभा चुनाव में बसपा के प्रत्याशी अपना दम नहीं दिखा पाए थे। यही कारण था जो जिले के विधानसभा क्षेत्र संभल, असमोली, चंदौसी और गुन्नौर पर कोई भी प्रत्याशी दूसरे नंबर पर नहीं रहा। सपा और भाजपा में ही मुकाबला हुआ था। दो सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया और दो सीट पर सपा जीती। इस बार बसपा का शीर्ष नेतृत्व का मकसद है कि ऐसे चेहरे चुनाव मैदान में उतारे जाएं जो पार्टी का सम्मान बनाएं और जीत सकें। इसलिए मंथन ज्यादा करना पड़ रहा है।
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