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Sambhal News: स्मार्ट मीटर बने मुसीबत, रिचार्ज के बाद भी नहीं आती बिजली
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गुन्नौर। बिजली विभाग की महत्वाकांक्षी स्मार्ट मीटर योजना, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को पारदर्शी बिलिंग और डिजिटल सुविधा देना था, अब बबराला क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। यह योजना फिलहाल उपभोक्ताओं की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पा रही है।
बबराला उपखंड में अब तक करीब नौ हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत मीटर प्रीपेड प्रणाली में बदल दिए गए हैं। शुरुआत में इसे सुविधाजनक बताया गया, लेकिन अब उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और री-कनेक्शन में देरी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद उपभोक्ता तुरंत रिचार्ज कर देते हैं, इसके बावजूद बिजली बहाल होने में लंबा समय लग रहा है। कई मामलों में लोगों को 12 घंटे से लेकर सात दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस दौरान घरों में अंधेरा रहने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने सामान्य मीटर में समस्या होने पर लाइनमैन या विभागीय कर्मचारी तत्काल समाधान कर देते थे, लेकिन अब निस्तारण समय पर नहीं हो पा रहा है। आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी सुनवाई में देरी हो रही है, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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इस संबंध में अधिशासी अभियंता अजय शुक्ला ने माना कि नई प्रणाली में कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि विभाग इन खामियों को दूर करने के लिए काम कर रहा है और चरणबद्ध तरीके से सुधार किए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिल सके।
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बबराला उपखंड में अब तक करीब नौ हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत मीटर प्रीपेड प्रणाली में बदल दिए गए हैं। शुरुआत में इसे सुविधाजनक बताया गया, लेकिन अब उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और री-कनेक्शन में देरी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद उपभोक्ता तुरंत रिचार्ज कर देते हैं, इसके बावजूद बिजली बहाल होने में लंबा समय लग रहा है। कई मामलों में लोगों को 12 घंटे से लेकर सात दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस दौरान घरों में अंधेरा रहने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने सामान्य मीटर में समस्या होने पर लाइनमैन या विभागीय कर्मचारी तत्काल समाधान कर देते थे, लेकिन अब निस्तारण समय पर नहीं हो पा रहा है। आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी सुनवाई में देरी हो रही है, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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इस संबंध में अधिशासी अभियंता अजय शुक्ला ने माना कि नई प्रणाली में कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि विभाग इन खामियों को दूर करने के लिए काम कर रहा है और चरणबद्ध तरीके से सुधार किए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिल सके।